रात की पहरेदारी में भी पेंटर बनने का जुनून

    • Author, प्रीति मान
    • पदनाम, फ़ोटो पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

आदिवासी गोंड चित्रकार भज्जू श्याम का नाम लगभग सभी जानते हैं.

मध्य प्रदेश के पाटनगढ़ गाँव में जन्मे भज्जू का कला से नाता इतना ही था कि घर की दीवारों पर चित्र बनाते समय जब माँ के हाथ ऊंचाई तक नहीं पहुँचते तो वो उसे पूरा करते थे.

आर्थिक अभाव के चलते 16 साल की उम्र में वो अपने चाचा जनगढ़ श्याम के पास भोपाल आ गए, जो उस वक़्त भारत भवन में बतौर आदिवासी चित्रकार काम कर रहे थे.

उस दौरान वो रात में पहरेदारी के काम के साथ दिन के समय अपने चाचा के चित्रों में रंग भरने का काम करने लगे.

धीरे-धीरे जब भज्जू का हाथ जम गया तो अपने चाचा की सलाह पर उन्होंने स्वतंत्र रूप से चित्रकारी शुरू की.

1998 में पेरिस में एक प्रदर्शनी में उनके गोंड चित्रों को खूब सराहा गया, उसके बाद उनके चित्र कई देशी-विदेशी प्रदर्शनियों का हिस्सा बने.

उनकी किताब 'लंदन जंगल बुक' पांच विदेशी भाषाओं के साथ हिंदी में भी छापी गई है. 2001 में उन्हें 'बेस्ट इंडिजिनस आर्टिस्ट' का अवार्ड मिला. आजकल भज्जू श्याम भोपाल में रह रहे हैं.

भज्जू श्याम

इमेज स्रोत, PREETI MANN

इमेज कैप्शन, भज्जू श्याम का कहना है कि गोंड कला में भी हर चित्रकार का अपना अलग ढंग होता है. चित्र देखकर बताया जा सकता है की यह किस कलाकार का है.
भज्जू श्याम
इमेज कैप्शन, भज्जू मानते हैं कि आदिवासी चित्रकला को इस मक़ाम तक पहुँचाने में भोपाल के भारत भवन ने बड़ी भूमिका निभाई है.
चित्र
इमेज कैप्शन, गोंड चित्रकला में काल्पनिक पशु पक्षियों से लेकर देवताओं और पेड़ पौधों के रूपाकार बनाए जाते हैं.
पेंटिंग
इमेज कैप्शन, भज्जू लगता है युवा गोंड कलाकार अपने इतिहास से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वो शहर में पैदा हुए हैं.
भज्जू श्याम अपनी बेटी के साथ
इमेज कैप्शन, उनकी बेटी भी आगे चलकर कलाकार ही बनना चाहती हैं.
पेंटिंग
इमेज कैप्शन, उनका कहना है कि कलाकारों को अपनी संस्कृति नहीं भूलनी चाहिए तभी वे बेहतर कलाकार बन सकते हैं.
भज्जू श्याम
इमेज कैप्शन, गोंड चित्रों पर उन्होंने ' क्रिएशन्स' नाम की किताब भी लिखी है. इसके अलावा देश - विदेश में गोंड चित्रकला पर वर्कशॉप भी करते रहते हैं.
पेंटिंग
इमेज कैप्शन, पारंपरिक कहानियों के अलावा भज्जू अपने आसपास घट रही घटनाओं और अनुभवों को भी चित्रित करते हैं.
क्रिएशन्स
इमेज कैप्शन, उनकी किताब ' लंदन जंगल बुक ' में भज्जू ने लंदन में गुजारे दो महीनों के अनुभव और भावनाओं को चित्रित किया है.

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