तुरंत सफलता पर कम ध्यान देना चाहिएः मनु
- Author, प्रीति मान
- पदनाम, फ़ोटो पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मनु पारेख मॉडर्न कंटेम्पररी आर्टिस्ट हैं और उनका जन्म 1939 में गुजरात में हुआ.
बहुत छोटी सी उम्र से उनमें एक चित्रकार के लक्षण दिखाई होने लगे थे.
पर मनु चित्रकार और ड्राइंग टीचर का फर्क नहीं जानते थे, तब दशरथ पटेल के मार्गदर्शन पर वे सर जेजे स्कूल ऑफ़ आर्ट, मुंबई पढ़ने चले गए.
दस साल वीवर्स सर्विस सेंटर, कोलकता में काम करने के बाद मनु दिल्ली चले आए.
1980 से मनु ने बनारस सीरीज़ की शुरुआत की जो अब तक चल रही है.
वो युवा चित्रकारों को नसीहत देते हैं कि तुरत फुरत मिलने वाली सफलता के पीछे भागने के बजाय वो ईमानदारी से अपनी कला पर ध्यान लगाएं.
मनु की पत्नी भी जानी-मानी चित्रकार हैं, उन्हें चित्रकला की तरफ प्रेरित करने से लेकर मार्गदर्शक की भूमिका भी मनु ने ही निभाई है.
1992 में मनु पारेख भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से नवाज़ा गया.
मनु की बेटी मनीषा पारेख भी जानी-मानी चित्रकार है.

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