कथक, मणिपुरी के बाद अपनाया ओडिसी

    • Author, प्रीति मान
    • पदनाम, फ़ोटो पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना पद्मश्री रंजना गौहर पटकथा लेखक, कोरियोग्राफर और फ़िल्म निर्मात्री भी हैं.

उनका जन्म दिल्ली में हुआ, बचपन में कथक सीखने के बाद मणिपुरी नृत्य सीखा और ओडिसी नृत्य से साक्षात्कार होने पर उन्होंने अपना जीवन इसी नृत्य शैली को समर्पित कर दिया.

ओडिसी को देश भर में पहचान दिलाने के लिए उन्होंने दूरदर्शन के लिए ओडिसी नृत्य पर डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाई ताकि देश के हर कोने में इस नृत्य को पहचान मिले.

उन्होंने अपनी किताब ओडिसी, 'द डांस डिवाइन' के जरिए ओडिसी नृत्य की बारीकियों को नृत्य लोगों तक पहुंचाया.

'ओडिसी' ओडिशा राज्य की एक शास्त्रीय नृत्य शैली है. इस शैली का जन्म मंदिर में नृत्य करने वाली देवदासियों के नृत्य से हुआ था.

रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, इस नृत्य शैली में त्रिभंग यानी सिर, शरीर और पैर तीन भागों पर ध्यान दिया जाता है. यह कोमल कवितामय शास्त्रीय नृत्य है.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, रंजना गौहर प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना हैं. इन्हें पदमश्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है.
ओड़िसी नृत्य

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इमेज कैप्शन, ये है ताहिया, जिसे नृत्यांगना जूड़े के ऊपर पहनती हैं. यह फूलों के मुकुट की तरह होता है. ताहिया सिर्फ पूर्वी ओडिसा में धर्म नगर पुरी में ही बनाया जाता है.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, रंजना का मानना है कि ओडिसी प्रेम ,सौंदर्य व भक्ति से परिपूर्ण कला है.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, ओडिसी नृत्य शैली में कोमल भाव भंगिमाएं हैं.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, भारतीय शिल्पकला से प्रभावित इस नृत्य शैली को प्रस्तुत करते हुए, नृत्यांगना किसी अप्सरा सा प्रभाव डालती है.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, उत्सव नाम से रंजना गौहर की डांस कंपनी में हर उम्र के विद्यार्थी ओडिसी सीखने आते हैं. रंजना गौहर अपनी निगरानी में शिष्यों को ओडिसी की बारीकियां सिखाते हुए.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, ओडिसी नृत्य में आभूषण विशेष प्रकार के होते हैं और इस नृत्य शैली का महत्वपूर्ण अंग हैं.
रंजना गौहर

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इमेज कैप्शन, गुरु के तौर पर वो इस बात को लेकर बहुत सजग रहती हैं कि उनके विद्यार्थी इस खास नृत्य शैली की गंभीरता को समझें.

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