जान पर खेलने वाले को अब अपनी जान का डर

    • Author, आयुष देशपांडे
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए

“मेरा फ़ोटो मत खींचो साहब, मेरे बीवी-बच्चे हैं, कल को मुझे कोई गुंडा पहचान लेगा तो कौन आएगा इनके लिए? मेरे लिए मुसीबत मत करो.”

ये कहना है अपनी जान की बाज़ी लगाकर एक व्यक्ति की जान बचाने वाले नसीरुद्दीन मंसूरी का.

मंसूरी सोशल मीडिया में पिछले कुछ दिन से वायरल हो रहे वीडियो में अपनी जान पर खेल कर एक व्यक्ति की जान बचाते हुए दिखे हैं.

मुंबई के चेंबूर इलाक़े में मंगलवार की रात एक दुकानदार पर तलवार से हमले की घटना का वीडियो सीसीटीवी में क़ैद हो गया था.

'जरा भी डर नहीं लगा'

इस वीडियो में टेलीकॉम की दुकान चलाने वाले रजनीश ठाकुर पर एक हमलावर तलवार से दोनों हाथों से वार करता दिख रहा है.

सीसीटीवी फ़ुटेज में दिखाई दे रहा है कि तभी दुकान में मौजूद एक ग्राहक (नसीरुद्दीन) अपनी जान की परवाह किए बिना हमलावर से भिड़ जाता है.

नसीरुद्दीन चैंबूर इलाक़े में गारमेंट की दुकान में लेबर का काम करते हैं और हमले के वक़्त वो रजनीश की दुकान में रीचार्ज के लिए गए थे.

नसीरुद्दीन ने बीबीसी को बताया, "एक पल के लिए समझ नहीं आया कि ये क्या हुआ है, लेकिन फिर मैंने उस आदमी को रोक लिया और शोर मचा दिया जिससे और भी लोग जमा हो गए."

मंसूरी ने कहा, “मुझे ज़रा भी डर नहीं लगा, उस वक़्त सिर्फ़ एक आदमी को बचाना था...कोई मार खा रहा है, कैसे देखें…”

उन्होंने कहा कि वह हमलावर को देख भी नहीं पाए, न ही उसे जानते या पहचानते हैं.

इमेज स्रोत, ayush

सोशल मीडिया पर मंसूरी के साहस की काफ़ी तारीफ़ हो रही है, लेकिन इस वीडियो के इंटरनेट और टेलीविजन चैनलों में आने के बाद मंसूरी को अब अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है.

मंगलवार रात आठ बजे घटी इस घटना के बाद से नसीरुद्दीन सामान्य नहीं हो पाए हैं और न ही काम पर गए हैं, उन्हें फ़िलहाल अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता है.

टीवी पर आने के बाद धमकी

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मंसूरी का कहना है कि वीडियो के टीवी पर आने के बाद उन्हें धमकी भी मिली है.

मंसूरी के घर के आसपास गुरुवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी जुटे रहे, लेकिन अपने हितैषियों की सलाह पर मंसूरी घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और यहाँ तक कि थाने भी नहीं जा रहे हैं.

खुलेआम दुकान पर आकर तलवार से वार करने वाले अकरम शेख़ को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और यह मामला इलाक़े में वसूली को रोकने के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने से जुड़ा है.

इलाक़े में चौकसी बढ़ाई

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रजनीश कई दिनों से हफ़्तावसूली के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे थे और हाल ही में उन्होंने एक विरोधमार्च के लिए पोस्टर भी बांटे थे.

हमले में घायल रजनीश के भाई मनीष कहते हैं, "सुबह मीडिया के आने के बाद नसीरुद्दीन भाई को हमने ही घर पर रहने की सलाह दी है क्योंकि ये लोग उन्हें या उनके परिवार को पहचान कर फिर हमला कर सकते हैं."

इलाक़े में इस घटना के बाद असामाजिक तत्वों का डर इतना बढ़ गया है कि लोग पुलिस के गवाह बनने को तैयार नहीं हैं, लेकिन एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, "सीसीटीवी फ़ुटेज एक बड़ा सुराग़ है और हमने इलाक़े में चौकसी भी बढ़ा दी है."

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