असीमानंद की बेल लखवी से अलग कैसे: उमर

असीमानंद

इमेज स्रोत, PTI

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने असीमानंद के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) के रुख़ पर सवाल उठाया है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा है 2007 के समझौता एक्सप्रेस बम धमाके के अभियुक्त स्वामी असीमानंद को मिली ज़मानत के ख़िलाफ़ अपील नहीं करेगी.

एक ट्विट में उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि एनआईए का फ़ैसला पाकिस्तान में लखवी को मिली जमानत से किस तरह अलग है.

वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी एनआईए के इस फैसले की आलोचना की है.

ट्विट करते हुए उन्होंने कहा," इस कड़ी में अगला नाम साध्वी प्रज्ञा, मेजर उपाध्याय, नकली शंकराचार्य पांडेय और कर्नल पुरोहित का होगा."

फ़ैसले का विरोध

उमर अब्दुल्ला

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा और आरएसएस संघ से जुड़े आतंकियों को लेकर उदार हैं और वो उन्हें बाहर निकालना चाहते हैं, जिससे वो उनका विरोध करने वालों को आतंकित कर सकें.

वहीं कम्युनिस्ट नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता कविता कृष्णन ने ट्विटर पर लिखा है, सीबीआई तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत को विरोध करती है. लेकिन एनआईए स्वघोषित आतंकवादी असीमानंद की जमानत का विरोध नहीं करती है.

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री हरीभाई चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा को जानकारी दी कि असीमानंद को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआईए) को कोई वजह नज़र नहीं आई.

समझौता ब्लास्ट

समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके में घायल हुई महिला.

इमेज स्रोत, BBC World Service

इमेज कैप्शन, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2014 में असीमानंद को सशर्त ज़मानत दी थी.

असीमानंद 2007 के समझौता एक्सप्रेस बम धमाके के अभियुक्त हैं.

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2014 में उन्हें सशर्त ज़मानत दी थी. लेकिन ज़मानत की शर्तें पूरी न करने की वजह से वो अभी भी जेल में बंद हैं.

भारत मुंबई हमला मामले के अभियुक्त लश्करे तैयबा नेता ज़कीउर्रहमान लखवी की पाकिस्तान में मिली जमानत पर विरोध जताता रहा है.

भारत इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में भी उठा चुका है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi " platform="highweb"/></link> क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href=" https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं. )</bold>