आसाराम केस: अब तक तीन गवाहों की हत्या

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- Author, अंकुर जैन
- पदनाम, अहमदाबाद से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
जोधपुर से शाहजहांपुर, और पानीपत से सूरत, विवादास्पद गुरु आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के ख़िलाफ़ विभिन्न मामलों में गवाहों पर हमले हो रहे हैं.
रविवार की सुबह आसाराम के ख़िलाफ़ चल रहे कथित बलात्कार के एक मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
35 वर्षीय कृपाल सिंह पर शुक्रवार की रात को शाहजहांपुर के पुवायन इलाक़े में दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने तब गोलियां चलाई थीं, जब वह अपने घर लौट रहे थे.
तीन गवाहों की हत्या

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कृपाल सिंह से पहले, आसाराम के करीबी रहे और बाद में सरकारी गवाह बन गए अमरुत प्रजापति की राजकोट और दिनेश गुप्ता की मुज़फ़्फ़रनगर में अलग-अलग हमलों में हत्या कर दी गई है.
अब तक आसाराम और साईं के ख़िलाफ़ मामलों से संबंधित 9 गवाहों पर हमले हुए हैं.
आसाराम के ख़िलाफ़ जोधपुर और अहमदाबाद में कथित बलात्कार के मामले चल रहे हैं. उनके बेटे नारायण साईं पर भी सूरत में कथित बलात्कार का एक मामला चल रहा है. इन तीनों ही मामलों में इन 9 लोगों को महत्वपूर्ण गवाह माना जा रहा है.
कृपाल सिंह के अलावा कौन हैं ये लोग, जिन पर हमले हुए हैं:
किन पर हुए हमले?
1- नाम- अखिल गुप्ता, हमले का दिन- 11 जनवरी 2015, स्थान- मुज़फ्फ़रनगर
अखिल गुप्ता ने लगभग 10 साल तक आसाराम के साबरमती आश्रम में रसोइये के रूप में काम किया. सूरत में दो बहनों के साथ कथित बलात्कार मामले में वह अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह थे. मुज़फ़्फ़रनगर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.

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2. नाम- अमरुत प्रजापति, हमले का दिन- 23 मई 2014, स्थान- राजकोट
अमरुत प्रजापति आयुर्वेद चिकित्सक थे और उन्होंने लगभग 12 साल तक आसाराम और उनके परिवार का इलाज किया. बाद में वह सूरत में दो बहनों के साथ कथित बलात्कार मामले में सरकारी गवाह बन गए. दो अज्ञात हमलावरों ने राजकोट में उन पर गोलियां चलाईं.
वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 10 जून 2014 को उनकी मौत हो गई.
3. नाम- महेंद्र चावला, हमले का दिन- 13 मई 2015, स्थान- पानीपत
महेंद्र चावला आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के बेहद करीबी थे. वह साईं के ख़िलाफ़ कथित बलात्कार मामले में मुख्य गवाह हैं.
पानीपत में उन पर दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने गोलियां चलाईं.

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4. नाम- राहुल सचान, हमले का दिन- 13 फ़रवरी 2015, स्थान- जोधपुर
आसाराम के आश्रम के पूर्व कार्यकर्ता सचान आसाराम के ख़िलाफ़ कथित बलात्कार के मामले में गवाह हैं. उन पर जोधपुर कोर्ट के बाहर चाकू से हमला किया गया.
5. नाम- राजू चंदोक, हमले का दिन- 6 दिसंबर 2009
राजू चंदोक ने आसाराम पर कई तरह के आरोप लगाए थे. आसाराम के आश्रम के पूर्व कर्मचारी चंदोक आसाराम के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास के एक मामले में मुख्य गवाह हैं.
उन पर अहमदाबाद के रानिप इलाक़े में गोलियां चलाई गई थीं.
6. नाम- दिनेश भागचंदानी, हमले का दिन- 16 मार्च 2014, स्थान- सूरत आसाराम के निकट सहयोगी रहे दिनेश बागचंदानी आसाराम के ख़िलाफ़ कथित बलात्कार मामले में मुख्य गवाह हैं. उन पर सूरत में हमलावरों ने तेजाब फेंका.
7. नाम- विमलेश ठक्कर, हमले का दिन- 28 फ़रवरी 2014, स्थान- सूरत
विमलेश ठक्कर आसाराम की एक साधिका के पति हैं. इस साधिका ने नारायण साईं पर उनके जहांगीरपुरा आश्रम में यौन हमले का आरोप लगाया था.
विमलेश पर चाकुओं से हमला किया गया था. वह आसाराम और नारायण साईं के ख़िलाफ़ बलात्कार मामले में हमला झेलने वाले पहले गवाह थे.
8. नाम- राकेश पटेल, हमले का दिन- 12 मार्च 2014, स्थान- सूरत
उनका सूरत में वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का कारोबार है. उन्होंने कई मौकों पर आसाराम और उनके परिवार की तस्वीरें उतारी हैं.
पुलिस ने कथित बलात्कार मामले में उन्हें गवाह बनाया था. बाद में सूरत में उन पर चाकुओं से हमला किया गया.
अनसुलझे सवाल
सूरत में दिनेश भागचंदानी पर हुए एसिड हमले में आस-पास के लोगों ने एक हमलावर किशोर बोदके को दबोच लिया था.

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बाद में बोदके ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि उन्होंने आसाराम के कर्नाटक स्थित आश्रम के एक अनुयायी के निर्देश पर ये हमला किया था.
बोदके की जेब से मिली एक हस्तलिखित चिट में गुजरात में रह रहे छह गवाहों के नाम मिले थे, जिनमें से पाँच पर हमला हो चुका था.
बोदके से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था, बाद में दोनों को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.
इसके अलावा पुलिस हमले के किसी और मामले को नहीं सुलझा सकी.
गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि हमले कई राज्यों में हुए हैं और इनके बीच तार जोड़ना बहुत मुश्किल है.
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