दिल्ली विधानसभा में हंगामा, भाजपा सदस्य बाहर

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आम आदमी पार्टी विधायक आदर्श शास्त्री ने मांग की है कि संविधान के अनुच्छेद 155 में संशोधन कर राज्य सरकार को लेफ़्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग पर महाअभियोग चलाने का अधिकार दिया जाए.
अनुच्छेद 155 गर्वनर की नियुक्ति का उल्लेख करता है. ये मांग ऐसे वक्त आई है जब दिल्ली विधानसभा का दो दिनों का <link type="page"><caption> आपातकालीन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/05/150523_delhi_emergency_cabinet_meeting_du.shtml" platform="highweb"/></link> सत्र चल रहा है.
इस आपातकालीन विधानसभा सत्र में नौकरशाहों की नियुक्ति में उप-राज्यपाल को पूर्ण अधिकार देने संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना पर चर्चा होनी थी.
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में नौकरशाहों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली सरकार और <link type="page"><caption> लेफ़्टिनेंट गवर्न</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/05/150524_kejriwal_najeeb_jung_analysis_shravan_garg_dil.shtml" platform="highweb"/></link>र के बीच खींचातानी चल रही है. सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री अरविंद <link type="page"><caption> केजरीवाल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/05/150520_kejriwal_blog_zubair_sm.shtml" platform="highweb"/></link> ने लेफ़्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग से मुलाकात की थी.
भाजपा विधायक बाहर

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इस बीच दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने भाजपा सदस्य ओपी शर्मा को विधानसभा में कथित तौर पर ग़ैर-संसदीय भाषा का प्रयोग करने पर मार्शलों की मदद से बाहर निकलवा दिया है.
सत्तर सदस्यों वाली विधानसभा में 67 सदस्य आम आदमी पार्टी के और तीन सदस्य भाजपा के हैं.
ओपी शर्मा ने उन पर लगाए जा रहे आरोपों से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि वो सदन के भीतर सदस्यों को नरेंद्र मोदी और नजीब जंग के खिलाफ़ कथित तौर पर गलत भाषा के प्रयोग से रोकने की कोशिश कर रहे थे.
जब एक पत्रकार ने ओपी शर्मा से पूछा कि क्या उन्होंने सदन के भीतर ‘बकवास’ शब्द का इस्तेमाल किया, तो वो बात टाल गए और कहा, “मुझे पता नहीं हैं वो (स्पीकर) क्या कर रहे हैं”.
केंद्र, दिल्ली सरकार में ठनी

अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई दिल्ली सरकार के अधिकारों को कथित तौर पर हड़पने और केंद्र के इशारों पर काम करने का आरोप लगाते रहे हैं.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया था कि क़ानून व्यवस्था, सर्विसिज़ और ज़मीन के मामलों में उप-राज्यपाल को मुख्यमंत्री से सलाह लेने की ज़रूरत नहीं है.
लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है.
इसे मोदी सरकार के लिए झटका और केजरीवाल के लिए <link type="page"><caption> कामयाबी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/05/150525_kejriwal_janta_ki_cabinet_du.shtml" platform="highweb"/></link> माना जा रही है. रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय में आदेश को चुनौती देने का मन बना रही है.
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