ट्रंप के वरिष्ठ सहयोगी ने ईरान युद्ध के मुद्दे पर छोड़ा पद, राष्ट्रपति बोले- उनका जाना अच्छा है

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- Author, बर्नड डेबसमन जूनियर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, व्हाइट हाउस
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
ईरान में युद्ध का विरोध करते हुए ट्रंप प्रशासन के काउंटरटेररिज़्म सेंटर के निदेशक ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से "अपना रुख़ बदलने" का आग्रह भी किया है.
काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक जो केंट ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक पत्र में कहा है कि ईरान अमेरिका के लिए "कोई तत्काल ख़तरा" नहीं था.
उन्होंने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन ने "इसराइल और उसकी शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव के कारण यह युद्ध शुरू किया."
45 वर्षीय केंट अमेरिकी विशेष बलों और सीआईए के एक अनुभवी अधिकारी हैं. उनकी पत्नी शैनन केंट अमेरिकी नौसेना की क्रिप्टोलॉजिक तकनीशियन थीं. साल 2019 में शैनन केंट की सीरिया में एक आत्मघाती बम विस्फोट में मौत हो गई थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो केंट के इस्तीफ़े पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनका पद छोड़ना अच्छा है.
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ट्रंप ने कहा, "मैंने उनका बयान पढ़ा. मुझे हमेशा लगा कि वह अच्छे इंसान हैं, लेकिन मुझे हमेशा लगा कि वह सुरक्षा के मामले में कमज़ोर हैं, बहुत कमज़ोर."
उन्होंने कहा, "मैं उन्हें ज़्यादा नहीं जानता था लेकिन जब मैंने उनका बयान पढ़ा तो मुझे लगा कि उनका जाना अच्छा है, क्योंकि उन्होंने कहा कि ईरान कोई ख़तरा नहीं है."
ट्रंप ने कहा, "ईरान एक ख़तरा था, हर देश समझता था कि ईरान कितना बड़ा ख़तरा है."
केंट ने अपने पत्र में और क्या लिखा?
जो केंट ने अपने पत्र में कहा कि जून 2025 तक उनका मानना था कि "ट्रंप यह समझ गए थे कि मध्य पूर्व में युद्धों ने अमेरिका को हमारे देशभक्तों के अनमोल जीवन से वंचित कर दिया और हमारे राष्ट्र की संपत्ति और समृद्धि को कम कर दिया."

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इसके अलावा केंट ने आरोप लगाया कि "उच्च पदस्थ इसराइली अधिकारियों" और प्रभावशाली अमेरिकी पत्रकारों ने "ग़लत सूचना" फैलाई थी, जिसके कारण ट्रंप को अपने "अमेरिका फ़र्स्ट" मंच को कमज़ोर करना पड़ा.
जो केंट ने पत्र में आगे लिखा, "इसका इस्तेमाल आपको यह यक़ीन दिलाने के लिए किया गया था कि ईरान, अमेरिका के लिए एक बड़ा ख़तरा पैदा कर रहा है. यह झूठ था."
ट्रंप के लंबे समय से समर्थक रहे केंट को पिछले साल जुलाई में उनके पद पर नियुक्त किया गया था. उस दौरान कई डेमोक्रेट्स ने चरमपंथी समूहों से जो केंट के कथित संबंधों की आलोचना की थी.
अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक में जो केंट की बॉस राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गैबार्ड थीं. यह सेंटर विभाग दुनिया भर से संभावित आतंकवादी ख़तरों का विश्लेषण करता है.
इससे पहले केंट अमेरिकी सेना के साथ 11 बार विदेशों में तैनात रहे हैं. इसमें इराक़ में अमेरिकी सेना के विशेष बलों के साथ तैनाती भी शामिल है.
बाद में वो सीआईए में भी गए लेकिन अपनी पत्नी की मौत के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी.
केंट ने अपने ख़त में अपनी सैन्य सेवा और अपनी पत्नी की मृत्यु का हवाला देते हुए कहा कि वह "अगली पीढ़ी को ऐसे युद्ध में लड़ने और मरने के लिए भेजने का समर्थन नहीं कर सकते जो अमेरिकी लोगों को कोई फ़ायदा नहीं पहुंचाता और न ही अमेरिकी लोगों की जान की क़ीमत को उचित ठहराता है."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दिया है, जिनमें सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन की एनफोर्समेंट डायरेक्टर मारग्रेट रेयान और केनेडी सेंटर के अध्यक्ष रिक ग्रेनेल शामिल हैं.
हालांकि, राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में उनके पहले कार्यकाल (2017 से 2021) की तुलना में अधिकारियों के आने-जाने की दर काफी कम रही है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.















