एनबीए में खेलने वाले 'इकलौते भारतीय'

अमरीका की नामी नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी सिम भुल्लर मंगलवार को अपने पुश्तैनी घर अमृतसर पहुंचे.
बीबीसी से बातचीत में भुल्लर ने कहा, ''भारत में बास्केटबॉल के खिलाड़ियों की कमी नहीं है, उनमें अपार क्षमताएं हैं, उन्हें सही कोचिंग और प्रशिक्षण की ज़रूरत है.''


इमेज स्रोत, BBC World Service
वर्ष 1992 में जन्मे सिम भुल्लर भारतीय मूल के ऐसे पहले खिलाड़ी हैं जो एनबीए में अपने लिए जगह बनाने में कामयाब रहे.
तीन दशक पहले उनका परिवार कनाडा में जा बसा था.
पंजाब में ड्रग-कल्चर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''युवा खेल से जुड़ेंगे तो उनका ध्यान ड्रग्स की ओर जाएगा ही नहीं. खेल कोई भी हो, ख़ूब खेलना चाहिए.''

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भुल्लर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर भी गए जहां उन्हें सरोपा भेंट किया गया.
सिम अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता पिता को देते हैं और कहते हैं कि उनसे और भारतीय युवा भी प्रेरणा ले सकते हैं.
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि मेरी कहानी को जानकर कई भारतीय युवा भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित होंगे."
सिम ने कहा कि उन्हें भारतीय मूल का होने पर बेहद गर्व है और बास्केटबॉल खेल हमेशा से उनका जुनून रहा है.
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