रक्षा मंत्री नाम बताएं या माफी मांगें: कांग्रेस

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भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के इस बयान पर विवाद हो गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि कई पूर्व प्रधानमंत्रियों ने देश के अहम सुरक्षा हितों से समझौता किया है.

कांग्रेस ने पर्रिकर पर जवाबी हमला करते हुए कहा है कि वो उन प्रधानमंत्रियों के नाम उजागर करें.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "रक्षा मंत्री के पास अगर सबूत हैं कि किसी पूर्व प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया है तो उन्हें इसे सार्वजनिक करना चाहिए. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें ऐसे गंभीर आरोप लगाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए."

कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी पर्रिकर को ऐसे गंभीर आरोप लगाने की बजाय नाम उजागर करने की चुनौती दी.

पर्रिकर ने अभी तक किसी पूर्व प्रधानमंत्री का नाम नहीं लिया है और ये आरोप उन्होंने एक हिंदी पत्रिका 'विवेक' को दिए इंटरव्यू में लगाए हैं.

कांग्रेस पर निशाना

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पर्रिकर ने कहा था, "देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा हितों का निर्माण करना पड़ता है, जिसमें 20 से 30 साल का समय लगता है. दुखद है कि कुछ पूर्व प्रधानमंत्रियों ने इन हितों के साथ समझौता किया."

पर्रिकर ने इन आरोपों के बारे में अपनी जानकारी का सूत्र बताने से इंकार कर दिया. पर्रिकर ने हाल में पाकिस्तान की एक नाव के ख़िलाफ़ कोस्ट गार्ड के अभियान से जुड़े एक सवाल के जवाब में ये बात कही थी.

यह पूछे जाने पर कि वो किस पूर्व प्रधानमंत्री का ज़िक्र कर रहे हैं तो उनका कहना था, "मैं कोई नाम उजागर नहीं करुंगा. वे नाम कई लोग जानते हैं."

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पाकिस्तानी नाव और संदिग्ध चरमपंथियों से जुड़े कोस्ट गार्ड के विवादित अभियान के बारे में सबूत मांगे जाने की कांग्रेस की मांग की भी पर्रिकर ने आलोचना की.

उनका कहना था, "इस बात की मांग हो रही है कि इस बात के सबूत दिए जाएं कि वो पाकिस्तान की नाव थी. आगे से हम ऐसे अभियान में कैमरामैन लेकर जाएंगे और कांग्रेस का एक प्रवक्ता भी."

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