लीबिया से 44 नर्सें भारत लौटीं

लीबिया नर्सें

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हिंसा से जूझ रहे लीबिया में फंसी 44 भारतीय नर्सें मंगलवार को स्वदेश लौट आईं.

नॉन रेसीडेंट केरल अफ़ेयर्स के सीईओ पी सुदीप ने बीबीसी हिंदी को बताया कि ये नर्सें ट्यूनीशिया के रास्ते कोच्चि पहुंची हैं.

कुल 58 भारतीय नर्सें त्रिपोली से ट्यूनीशिया पहुँची थीं जिनमें से 44 नर्सों का पहला दल स्वदेश पहुँच गया.

सुदीप ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि तीन और नर्सों के दूसरी उड़ान से यहां पहुँचने की उम्मीद है जबकि बाकी नर्सें बुधवार को आ सकती हैं.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कोच्चि से आगे की यात्रा के लिए हर नर्स को दो हज़ार रुपए देगी.

केरल के मुख्यमंत्री ओमेन चांडी ने एक अगस्त को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर लीबिया में फंसी भारतीय नर्सों की स्वदेश वापसी का इंतजाम करने का अनुरोध किया था.

मौत

त्रिपोली हवाई अड्डा

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इस बीच लीबिया की राजधानी त्रिपोली में सोमवार को एक भारतीय सोलोमन डेनियल की गोली लगने से मौत हो गई थी.

उनकी कंपनी उन्हें सुरक्षित ठिकाने की ओर ले जा रही थी कि तभी वह गोलीबारी की चपेट में आ गए.

कर्नल मोअम्मर गद्दाफ़ी को साल 2011 में सत्ता से बेदख़ल किए जाने के बाद से लीबिया में अंदरूनी संघर्ष जारी है.

बेनगाजी

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देश भर में स्थानीय लड़ाकों ने सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा है. त्रिपोली में भी सरकारी सुरक्षा बलों और लड़ाकों में लड़ाई जारी है.

उल्लेखनीय है कि साल 2011 में लीबिया में गृहयुद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने एक विशेष अभियान चलाया था.

इससे पहले इराक में फंसी 46 नर्सें पिछले महीने एयर इंडिया की विशेष उड़ान से स्वदेश पहुंची थीं.

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