आखिर कब तक बंद रहेंगे बैंगलोर के एटीएम?

- Author, इमरान कुरैशी
- पदनाम, बैंगलोर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
दक्षिण के चार राज्यों की राजधानी में पुलिस ने बैंकों को अपने एटीएम मशीनों पर सीसीटीवी लगाने और सुरक्षा गार्ड का इंतजाम करने के लिए कहा है.
इसके लिए मध्य जनवरी तक का वक्त मुकर्रर किया गया है. पुलिस ने अपनी चेतावनी में कहा है कि ऐसा न किए जाने की सूरत में ये एटीएम बंद करा दिए जाएंगे. चेन्नई, हैदराबाद, तिरुअनंतपुरम के पुलिस आयुक्तों ने बैंकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी है.
<link type="page"><caption> (अब बैंक डकैती के लिए...)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130727_america_bank_bulldozer_dacoity_sp.shtml" platform="highweb"/></link>
पुलिस ने बैंकों से ये भी कहा है कि अगर ये सलाह नहीं मानी गई तो उन्हें बैंगलोर जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. तीन हफ़्ते पहले बैंगलोर शहर में एक एटीएम से पैसे निकालते वक्त एक महिला पर हमला किया गया था. इस घटना के बाद बैंगलोर पुलिस ने शहर के 800 एटीएम बंद करा दिए थे. बंद कराए गए एटीएम अभी तक नहीं खुल पाए हैं.
बैंगलोर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) प्रणब मोहंती ने बताया, "हमने बैंकों को केवल उन्हीं एटीएम मशीनों को खोले रखने की इजाजत दी थी जहाँ सुरक्षा कर्मी मुहैया कराए गए हैं. तकरीबन 1100 एटीएम बंद कराए थे जिनमें 700 से 800 एटीएम अभी भी बंद हैं क्यों कि इनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए."
एटीएम से पैसे निकालते वक्त हमले की शिकार बनी ज्योति उदय का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी तबियत में सुधार भी देखा जा रहा है लेकिन हमलावर अभी भी फ़रार है.
उपभोक्ताओं की सुरक्षा

बैंगलोर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) बीके सिंह बताते हैं, "कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 200 से भी ज्यादा पुलिस कर्मी आंध्र के कुछ जिलों में गाँव गाँव जाकर तलाशी अभियान चला रहे हैं. लेकिन भूसे में सुई खोजने जैसा है."
लूट वाली घटना के ठीक बाद देश भर की पुलिस बिना कहे हरकत में आ गई लेकिन दक्षिण के राज्यों ने अपनी कार्रवाई पहले शुरू कर दी.
<link type="page"><caption> (एटीएम थाने में...)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/09/120904_jaipur_atm_police_psa.shtml" platform="highweb"/></link>
चेन्नई के पुलिस आयुक्त एस जॉर्ज कहते हैं, "हमने बैंकों को सुरक्षा संबंधी सलाह दी थी. हम देखेंगे कि इसका किस हद तक पालन किया गया है. हम एटीएम के भीतर और बाहर दोनों ही जगहों पर सीसीटीवी लगवाना चाहते हैं. हमने एटीएम में लगने वाले शीशों पर चढ़ी परत हटवाने के लिए भी कहा है."
तिरुअनंतपुरम के पुलिस आयुक्त पी विजयन ने बताया, "मुश्किल से 30 फीसदी एटीएम में सीसीटीवी लगे हुए हैं और वहाँ सुरक्षा कर्मी तैनात हैं. हम वहाँ शरीर से मजबूत सुरक्षा कर्मी तैनात देखना चाहते हैं. एटीएम मशीनों पर तैनात सुरक्षा कर्मी ज़्यादातर बुजुर्ग दिखाई देते हैं."
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अनुराग शर्मा बताते हैं, "हमने बैंकों से कहा है कि वे उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर थोड़ी रकम खर्च किए बगैर केवल मुनाफ़ा नहीं कमा सकते हैं. सुरक्षा कर्मी और सीसीटीवी के अलावा उन्हें एक अलार्म स्विच भी मुहैया कराना है ताकि कोई इसे बजाकर पास के लोगों या पुलिस को मदद के लिए बुला सके."
बैंकों पर दिए गए अनुराग शर्मा के विचार से अच्छे नतीजे निकल सकते हैं लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर थोड़ी रकम खर्च करनी होगी.
अतिरिक्त खर्च

बैंगलोर में आईटी प्रोफेशनल अभिषेक मुखर्जी इससे सहमति जताते हैं, "अब मुझे पैसे निकालने के लिए गाड़ी लेकर घर से तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है क्योंकि नजदीक के सारे एटीएम बंद कर दिए गए हैं. मालूम पड़ता है कि बैंक एटीएम बंद करके खुश हैं लेकिन उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करते."
सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महा प्रबंधक अश्विनी मेहरा कहते हैं, "सीसीटीवी और सुरक्षा के अतिरिक्त खर्च के बारे में बैंकों को सोचना होगा. ऐसे फ़ैसले जल्दबाजी में नहीं लिए जा सकते क्योंकि इसका असर पूरे भारत पर पड़ेगा. इंडियन बैंक्स एसोशिएसन (आईबीए) भारत सरकार के सामने ये मुद्दा उठा सकता है."
<link type="page"><caption> ('आपका पैसा आपके हाथ')</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/11/121127_cash_transfer_pk.shtml" platform="highweb"/></link>
जगदीश मूर्ति राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के सदस्य हैं और बैंगलोर पुलिस के साथ सुरक्षा मसलों पर की गई बातचीत में शामिल रहे थे. उन्होंने बताया, "सीसीटीवी खरीदना एक बार का खर्च है लेकिन हमें सुरक्षा कर्मियों को भुगतान करने की जरूरत होगी. इसमें खर्चा आएगा. हमें हरेक एटीएम पर कम से कम तीन गार्ड तैनात करने होंगे."
बैंकों की चिंता ये है कि सुरक्षा पर आने वाले ख़र्च लगातार होता रहेगा. सुरक्षा गार्ड को 18 हजार से 36 रुपए प्रति महीने हरेक एटीएम के लिए देने होंगे. ये सुरक्षा दिन की तीन पालियों में होगी. मूर्ति कहते हैं, "सीसीटीवी लगाने में वक्त लगेगा. इसकी खरीददारी में ही 45 दिन लगते हैं या कई बार तो इससे ज्यादा वक्त भी."
लेकिन एक एटीएम उपभोक्ता के मधुसूदन राजू इस इंतज़ार के लिए तैयार हैं. वे कहते हैं, "उन्हें वक्त लेने दीजिए लेकिन उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया करानी होगी."
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