दूसरे ओवैसी भाई भी गिरफ़्तार

हैदराबाद से लोकसभा सांसद और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को आज मेढक ज़िले की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
असदुद्दीन सोमवार को 2005 में एक मस्जिद को ध्वस्त किये जाने के विरोध में प्रदर्शन किए जाने के मामले में सांगरेड्डी की अदालत में हाज़िर हुए थे जहाँ उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इससे पहले उनके छोटे भाई और मजलिस के विधायक <link type="page"> <caption> अकबरुद्दीन ओवैसी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130109_mim_profile_of.shtml" platform="highweb"/> </link> भड़काऊ भाषण के मामले में गिरफ़्तार किया गया था और वे 14 दिन से आदिलाबाद की जेल में हैं.
ज़मानत पर रिहाई के लिए असदुद्दीन की याचिका पर सुनवाई मंगलवार को होगी.
क्या है मामला
असदुद्दीन के अलावा इस मामले में अकबरुद्दीन भी अभियुक्त बनाए गए हैं.
उन पर आरोप है की उन्होंने मेढक जिले में मुत्तंगी के स्थान पर एक सड़क के विस्तार के लिए प्रशासन की और से एक मस्जिद गिराए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन किया था और सरकारी काम को रोका.
उनके खिलाफ़ काफ़ी समय पहले ही गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया था लेकिन दोनों भाइयों के अदालत में हाज़िर न होने के बावजूद उसे लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए थे.

असदुद्दीन की गिरफ्तारी के समाचार के बाद हैदराबाद में तनाव बढ़ गया, लोगों ने कई इलाकों में दुकानें बंद करवा दी हैं और पुलिस ने सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए हैं.
दिलचस्प बात ये है कि 2005 में उस समय के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के आदेश पर उस मस्जिद का दोबारा निर्माण करवाया गया था. उस समय के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फरीदुद्दीन ने यह माना था कि उस मस्जिद को ढहाना एक ग़लती थी.
कांग्रेस से टकराव?
अकबरुद्दीन के बाद अब असदुद्दीन की गिरफ्तारी को कांग्रेस और मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बीच बढ़ते हुए टकरावों का हिस्सा माना जा रहा है.
दो महीने पहले ही मजलिस ने कांग्रेस से संबंध तोड़ लेने और सरकार के खिलाफ़ अभियान शुरू करने की घोषणा की थी.
इस बीच हिन्दू धार्मिक नेता कमलानंद भरती को हैदराबाद की एक अदालत ने ज़मानत पर रिहा कर दिया है. उन्हें पिछले सप्ताह ही हैदराबाद पुलिस ने भड़काऊ भाषण देने पर गिरफ्तार किया था.
कुछ मुस्लिम संगठनों के परिषद मुस्लिम युनाइटेड फोरम ने आरोप लगाया है कि राज्य की किरण कुमार रेड्डी सरकार हिंदुत्ववादी संगठनों के इशारे पर काम कर रही है और मुस्लिम नेताओं को निशाना बना रही है.












