गद्दाफी और इमरान की शक्लें एक जैसी: रूश्दी

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विवादास्पद लेखक सलमान रूश्दी ने कहा है कि पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के उभरते राजनीतिक दल- तहरीके इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने "फौज और मुल्लाओं से सांठ-गांठ कर रखी है."
दिल्ली में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में इमरान खान पर अपने प्रहार को और पैना करते हुए सलमान रूश्दी ने कहा कि कर्नल गद्दाफी और इमरान खान की शक्लें मिलती हैं और अगर भविष्य में कोई लीबिया के पूर्व नेता पर फिल्म बनाता है तो इमरान खान गद्दाफी के रोल के लिए सबसे उपयुक्त होंगे.
रूश्दी ने कहा, "हां, उन्हें एक्टिंग करनी होगी."
इमरान खान ने इंडिया टुडे के कार्यक्रम में शामिल होने से ये कहते हुए मना कर दिया था कि वो मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाले रूश्दी के साथ देखे जाना पसंद नहीं करेंगे.
अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया था. हालांकि समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिहं के बेटे अखिलेश यादव ने इसकी वजह सरकारी व्यस्तता बताई थी लेकिन ऐसा समझा जा रहा है कि इसका कारण सलमान रूश्दी ही थे.
हाल के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को मुस्लिमों का भारी समर्थन प्राप्त हुआ है और पार्टी शायद मतदाताओं को नाराज नहीं करना चाहती.
हालांकि अपने भाषण और बाद में सवाल जवाब के दौरान सलमान रूश्दी ने अखिलेश यादव पर नाम लेकर कोई टिपण्णी नहीं की मगर इमरान खान को आड़े हाथों लेने का कोई मौका वो नहीं चूके.
रूश्दी ने इमरान खान के लंदन में बिताए छात्र जीवन के बारे में लोगों को याद दिलाया जबकि पूर्व क्रिकेटर को 'प्लेबॉय' बताया जाता था और लोग उन्हें कथित रूप से 'इम दि डिम' यानी भोंदू इमरान बुलाते थे.
सलमान रूश्दी की कई किताबें विवादास्पद रही हैं और उनके एक उपन्यास - सैटनिक वर्सेस, पर तो भारत समेत कई दूसरे देशों में प्रतिबंध लागू है. सैटनिक वर्सेस के लिए तो उनपर ईरान के पूर्व धार्मिक गुरू अयातुल्लाह खुमैनी द्वारा मौत का फतवा भी जारी किया गया था.
कांग्रेस
रूश्दी ने दावा किया कि मुसलमान जिस तरह की बातों से सही मानों में आहत हुए हैं वो हैं लश्करे तैबा जैसे संगठनों और ओसामा बिन लादेन जैसे लोगों को पनाह देना.
बुकर सम्मान से नवाजे गए लेखक सलमान रुश्ती को मुस्लिमों के एक वर्ग के विरोध के कारण जनवरी में जयपुर में आयोजित साहित्य सम्मेलन में शामिल होने से मना करना पड़ा था.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बेमतलब राजनीतिक समीकरणों के कारण उनकी जयपुर यात्रा पर रोक लगाई लेकिन उससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं हुआ.
रूश्दी ने कहा, "वहां जो हुआ वो देवबंद की धर्मान्धता की वजह से नहीं था .. वो बेमतलब के राजनीतिक समीकरण थे. लेकिन राहुल गांधी का ये पांसा काम नहीं कर पाया."












