अमित शाह को ज़मानत मिली

अमित शाह
इमेज कैप्शन, अमित शाह को गुजरात हाई कोर्ट से ज़मानत मिल गई है.

सोहराबुद्दीन फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले में गिरफ़्तार गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह को उच्च अदालत से ज़मानत मिल गई है.

अमित शाह पर बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकांउटर मामले में शामिल होने का आरोप है.

सीबीआई ने इस मामले में अमित शाह समेत 15 अन्य के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया था.

सोहराबुद्दीन के कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे जाने के मामले में राज्य सरकार की जाँच से असंतुष्ट सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जाँच सीबीआई को सौंपी थी.

अमित शाह पर आरोप है कि वो उन दाग़ी पुलिस अधिकारियों के साथ संपर्क में थे जिन पर सोहराबुद्दीन को फ़र्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप है.

इनमें से कई अधिकारी इस समय जेल में बंद हैं. इनमें प्रमुख हैं अभय चूडासमा, डीजी वंज़ारा और राजकुमार पांडियन.

मामला

सोहराबुद्दीन शेख़ 2005 में मारे गए थे. उस समय ये दावा किया गया था कि सोहराबुद्दीन शेख़ गुजरात और राजस्थान पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में मारे गए थे.

आरोप ये भी है कि सोहराबुद्दीन शेख़ के अलावा उनकी पत्नी कौसर बी और एक अन्य व्यक्ति तुलसी प्रजापति को एक बस स्टैंड से अगवा किया गया था.

आरोप है कि कौसर बी को भी मार दिया गया है लेकिन उनका शव अब तक बरामद नहीं हुआ है. एक साल बाद तुलसी प्रजापति भी कथित फ़र्जी मुठभेड़ में मारे गए.

बाद में कई जाँच से यह बात सामने आई कि सोहराबुद्दीन शेख़ को फ़र्जी मुठभेड़ में मारा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के शुरू में इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी थी.

सीबीआई ने दावा किया था कि उनके पास अमित शाह के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तरुण विजय ने अब अमित शाह को ज़मानत मिल जाने पर कहा है कि "इससे सीबीआई की राजनीति का पर्दाफ़ाश हो गया है. सत्यमेव जयते."