ब्रिटेन ब्याही ब्याहताओं का दुख

- Author, पूनम तनेजा
- पदनाम, बीबीसी एशियन नेटवर्क
भारत में हज़ारों ऐसी नव विवाहिताएँ हैं जिन्हें ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय एक परित्यक्ता की ज़िंदगी जीने के लिए छोड़ गए हैं. बावजूद इसके भारतीय महिलाओं में ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों से शादी की ललक कम नहीं हुई है.
पंजाब के जगरांव ज़िले में 35 वर्षीय सुमन (पहचान छिपाने के लिए बदला हुआ नाम) अपनी विधवा माँ के साथ एक जीर्ण-शीर्ण मकान में रहती हैं.
चार वर्ष पहले सुमन के रिश्तेदारों ने उनकी शादी ब्रिटेन में रहने वाले एक भारतीय से करवाई. सुमन स्कूल शिक्षका हैं.
शादी के तुरंत बाद उनके 50 वर्षीय पति यह कहते हुए लंदन लौट गए कि वे उन्हें ज़ल्दी ही अपने साथ ले जाएँगे.
सुमन कहती हैं, "पहले वे साल में दो-तीन बार आते थे. जब वे आते थे हमारा साथ अच्छा गुज़रता था."
वे कहती हैं कि लेकिन जब एक बार वे भारत आए तो कहा कि ब्रिटेन जाने के लिए उनकी दंपत्ति वीसा ख़ारिज हो गया.
सुमन कहती हैं, "मेरे पति ने कहा कि उन्होंने वीसा के लिए फिर से अपील की है. लेकिन उन्होंने मुझे उस अपील की कॉपी कभी नहीं दिखाई, न ही कोई कागजात दिखाए."
धीरे-धीरे सुमन के पति ने न तो सुमन से बात-चीत की और न ही वे भारत वापस आए. पिछले छह महीनों से सुमन की उनके पति से कोई संपर्क नहीं है.
सुमन कहती हैं, "जब वे इंग्लैंड वापस लौटते थे तो कोई बातचीत नहीं करते थे लेकिन जब वे वापस भारत लौटने वाले होते थे तब एक महीना पहले मुझसे संपर्क करते थे. पहले मुझे लगता था कि वे व्यस्त होगें लेकिन अब लगता है कि उन्होंने मेरा इस्तेमाल किया."
वे कहती हैं, "ऐसा लगता है कि मैं कोई वेश्या हूँ जिसके साथ उन्होंने मौज मस्ती की और फिर छोड़ गए."
'हॉलीडे ब्राइड'

चंडीगढ़ में रहने वाली स्त्री अधिकारों की कार्यकर्ता और वकील दलजीत कौर ने ऐसे ही कई मामलों की सुनवाई की है जिनके पति ब्रिटेन,कनाडा और अमरीका में रहते हैं.
वे कहती हैं, "भारत में ऐसी पत्नियों की संख्या 15 हज़ार से 20 हज़ार के बीच है जिन्हें उनके पति ने शादी के बाद छोड़ दिया है."
भारत में ऐसी महिलाओं को 'हॉलीडे ब्राइड' कहा जाता है. दलजीत कौर का कहना है कि इन मामलों में एक तिहाई ब्रिटेन में रहने वाले एशियाई मूल के लोग हैं.
पंजाब के दोएबा इलाक़े में एक गाँव रुरका कलान में ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों लोगों से कई लोगों के गहरे संबंध हैं.
इस इलाक़े में मैंने क़रीब 12 महिलाओं को अपने शादी के प्रमाणपत्रों और शादी की तस्वीरों के साथ इकटठा देखा. इनमें सबसे कम उम्र की जो महिला थी उसकी उम्र 20 वर्ष से भी कम थी.
एक महिला ने मध्य ब्रिटेन के कोवेंट्री में रहने वाले एक व्यक्ति से शादी की. वह कहती हैं, "उन्होंने मुझे कोई कारण नहीं बताया कि ऐसा क्यों मेरे साथ उन्होंने किया. बाद में मुझे अपने रिश्तेदारों से पता चला कि वे मेरे जैसे ग़रीब परिवार की पृष्ठभूमि वाली लड़की के साथ नहीं रहना चाहते हैं."
इनमें सबसे उम्रदराज़ जो 41 वर्ष की महिला थी. उनकी शादी 20 वर्ष पहले ग्लासगो में रहने वाले एक व्यक्ति से हुई थी लेकिन बाद में उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया.
उन्होंने मुझे एक मुड़ा-तुड़ा काग़ज दिया जिस पर एक पता लिखा हुआ था और मुझसे अपने पति को ढूंढ़ने की गुज़ारिश की.
इनमें किसी महिला ने भी दुबारा शादी नहीं की. अपने खर्चे के लिए उन्हें रिश्तेदारों पर निर्भर रहना पड़ता है.
लेकिन अब भी कई भारतीय महिलाएं ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों से शादी को लालायित हैं.
लंदन के व्यावसायी और वर्तमान में पंजाब विधानसभा के नेता जस्सी खानगुरा कहते हैं कि भारतीय परिवारों में ब्रिटेन जाने की अजीब लालसा है. वे कहते हैं, "लोग ब्रिटेन में बसने के लिए लालायित हैं, ख़ास कर लड़कियों को लगता है कि भारत में उनके लिए कोई अवसर उपलब्ध नहीं है."
रानी (नाम बदला हुआ) की शादी जनवरी में हुई हैं. वे ब्रिटेन में एक अच्छा जीवन जीने की उम्मीद पाले हुए हैं.
वे कहती हैं, "मेरी शादी जब तय हुई तो उन्होंने 12000 पांउड की रकम की मांग की, जिसे देने के लिए मेरे माता-पिता ने अपना घर बेच दिया."
पिया मिलन की आस
भारत में शादी के समय दहेज लिया या दिया जाना ग़ैर क़ानूनी है फिर भी पंजाब के ग्रामीण इलाक़े में दहेज का लेन-देन जारी है.
शादी के बाद रानी के सास-ससुर ने और दहेज की माँग की लेकिन जब उनके माता-पिता ने और दहेज नहीं दिया तो उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया.
वे कहती हैं, "शादी के बाद उन लोगों ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. मेरे पति ने मुझे गर्भवात करवाने के लिए मजबूर किया और फिर घर से बाहर निकाल दिया."
रानी अभी भी शादी की चूड़ियाँ इस आस में पहने हुए रहती हैं कि अपने पति के साथ वे फिर से इंग्लैंड में रहने लगेंगी.
मैंने रानी के पति की खोज इंग्लैंड में की. उनका कहना था कि 'जब मुझे पता चला कि रानी के बॉय फ्रेंड हैं और वह उनसे शादी के बाद भी मिलती, तब मैंने उसे छोड़ दिया.'
एक अन्य ऐसे ही 'भगोड़े पति' से जब मैं मिली तो उनका कहना था कि उन्हें उनकी बीवी ने धोखा दिया और उसने सिर्फ़ ब्रितानी पासपोर्ट के लिए उनसे शादी की थी.
ज़ोर-ज़बरदस्ती से करवाई गई शादी की सुनवाई के लिए बनी ब्रितानी सरकार की संस्था का कहना है कि वे ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों से जुड़े ऐसे बढ़ रहे मामलों की सुनवाई कर रही है.
प्रत्यर्पण संधि की वजह से ब्रिटेन में रहने वाले ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ भारत में कार्रवाई करना बेहद जटिल है.












