पहलवानों ने जाँच समिति पर सवाल उठाए, कहा- यौन शोषण का ऑडियो-वीडियो मांगा गया- प्रेस रिव्यू

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कुश्ती महासंघ के प्रमुख और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोपों की जाँच कर रही ओवरसाइट कमेटी के सामने गवाही देने वाले कम से कम तीन पहलवानों ने समिति की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस से ख़ास बातचीत में कुछ पहलवानों ने अपनी पहचान छिपाए रखने की शर्त पर ये जानकारी दी है. आज प्रेस रिव्यू में सबसे पहले पढ़िए राजधानी दिल्ली में क़रीब एक महीने से धरना दे रहे पहलवानों की शिकायतों और चिंताओं के बारे में.
ये सभी पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं.
तीन पहलवानों ने अख़बार को बताया है कि समिति ने उनसे यौन उत्पीड़न के आरोप साबित करने के लिए 'ऑडियो या वीडियो' के रूप में सबूत मांगे हैं.
एक महिला पहलवान ने बताया कि उन्हें समिति के एक सदस्य की ओर से ये कहा गया कि बृजभूषण सिंह 'पिता जैसे हैं' और वो उनके 'अनजाने में किए गए व्यवहार' को ग़लत समझ कर इसे 'अनुचित ढंग से छूने' से जोड़ रही हैं.
एक अन्य पहलवान ने बताया कि सुनवाई के दौरान स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की बिल्डिंग के नीचे कुश्ती महासंघ के कोच से लेकर कर्मचारी तक सभी बृजभूषण सिंह के क़रीबी इकट्ठे थे. ये डराने वाली स्थिति थी.
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पहलवानों की शिकायत क्या-क्या है
अख़बार ने एक पहलवान के हवाले से ये भी कहा है कि पीड़ितों की ओर से बयान दर्ज कराते समय कमरे में केवल ओवरसाइट कमेटी की महिला सदस्यों के रहने का निवेदन किया गया, लेकिन इसे नहीं माना गया.
इससे पहले इंडियन एक्सप्रेस ने ही अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में ये भी बताया था कि दिल्ली पुलिस को दी शिकायत में दो पहलवानों ने कई बार यौन शोषण होने का आरोप लगाया है.
पीड़ितों ने शिकायत में कहा कि बृजभूषण सिंह ने ब्रीदिंग पैटर्न जाँचने के बहाने उनके 'स्तन और पेट' छुए और ट्रेनिंग सेशन के दौरान एक पहलवान की 'जर्सी उठा दी'.
इन दो पहलवानों ने पुलिस को दी शिकायत में ये भी दावा किया है कि कमेटी ने बयान दर्ज करते समय कई बार वीडियो रिकॉर्डिंग रोकी.
आरोपों की जाँच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की बनाई छह सदस्यीय समिति की अगुवाई पूर्व बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम कर रही हैं.
इसी साल जनवरी में पहलवानों के पहली बार प्रदर्शन करने पर ये समिति गठित की गई थी.
हालांकि, इस समिति की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन खेल मंत्रालय ने बीते महीने 'बड़ी पड़ताल' का दावा किया था.
तीन में से एक पहलवान ने ये कहा कि पहली ही सुनवाई से समिति ने उन्हें अपनी पीड़ा बताने के लिए सहज माहौल नहीं दिया.
उन्होंने कहा, "पहली बार में ही कुछ लड़कियां बहुत असहज थीं क्योंकि उन्हें अकले आने को कहा गया. इसलिए अगली बार से हम समूह में गए."
समिति के सामने कम से कम दो सुनवाई हुई है और अभी तक 12 लोगों ने गवाही दी है. इनमें कुछ ऐसे पहलवान भी हैं, जिनके बयान मैजिस्ट्रेट ने दर्ज किए.
बीते सप्ताह दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह से भी पूछताछ की थी.

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यौन शोषण पर पहलवानों का दावा
अख़बार ने एक और पहलवान के हवाले से लिखा है कि एक बार सुनवाई के दौरान समिति के सदस्यों को पता लगा कि वीडियो रिकॉर्डिंग चालू नहीं थी. इसके बाद पीड़ित को ये दोबारा बताने के लिए कहा गया कि सिंह ने उनके साथ कैसे यौन शोषण किया.
तीसरे पहलवान ने ये दावा किया कि समिति के सदस्य उनके प्रति असंवेदनशील हैं.
एक पहलवान ने कहा, "वो (समिति) हमें जल्दी-जल्दी निपटाना चाहते थे. जैसे वो हमारा कहा एक कान से सुनकर दूसरे से निकालना चाहते हों. एक बयान पूरा होने से पहले ही हमें आगे बढ़ने के लिए कहा गया."
ओवरसाइट कमेटी के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ताओं से ये भी कहा कि जब तक यौन शोषण के कोई सबूत नहीं मिलते तब तक उनके हाथ बंधे हुए हैं.
एक पहलवान ने कहा, "उन्होंने हमसे पूछा कि क्या कोई वीडियो और ऑडियो प्रूफ़ है. उन्होंने कहा बिना सबूत हम क्या कर सकते हैं? मैंने उनसे कहा कि जब यौन शोषण हो रहा हो तो कौन सी महिला इसे रिकॉर्ड कर सकती है. जब आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा तो आप सांस तक नहीं ले पाते."
एक अन्य पहलवान ने बताय, "समिति के एक सदस्य ने हमसे बेझिझक ये तक कहा कि बृजभूषण सिंह पिता तुल्य हैं और उन्होंने अनजाने या भोलेपन में जो किया, उसे हमने ग़लत समझा."

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समीर वानखेड़े की अघोषित विदेश यात्राएं, महंगी घड़ियां सीबीआई जाँच के दायरे में
नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े की विदेश यात्राएं अब सीबीआई के रडार में हैं.
सीबीआई ने शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन खान को कथित तौर पर ड्रग्स मामले में नहीं फंसाने के लिए उनके परिवार से 25 करोड़ रुपये रिश्वत के तौर पर मांगने को लेकर वानखेड़े के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.
'द टेलीग्राफ़' की ख़बर के अनुसार, एनसीबी की स्पेशल इन्क्वॉयरी टीम (एसईटी) ने विभाग के तत्कालीन ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की विदेश यात्राओं पर उनके कथित अनुचित जवाबों और 'खर्चों' पर स्पष्ट तौर पर गलत जानकारी को लेकर शक़ जताया था.
ये तथ्य केंद्र की ओर से सीबीआई को भेजे गए थे, जिसने वानखेड़े और चार अन्य लोगों के ख़िलाफ़ 11 मई को एफ़आईआर दर्ज की है.
एसईटी ने अपनी जाँच में कहा, "उन्होंने अपनी विदेश यात्रा के स्रोत के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. ऐसा पाया गया कि वानखेड़े विभाग (वर्तमान या मूल) को सूचित कि बगैर विरल राजन नाम के एक शख्स के साथ महंगी घड़ियों की ख़रीद-बिक्री में संलिप्त थे."

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एसईटी की जांच में सामने आई बातों को एफ़आईआर में शामिल किया गया है.
सोमवार को सामने आई एफ़आईआर के अनुसार, गवाह केपी गोसावी और प्रभाकर सैल को वानखेड़े के निर्देश पर ही कॉर्डेलिया क्रूज़ पर दो अक्टूबर 2021 को मारे गए छापे में एनसीबी ने शामिल किया था. प्रभाकर सैल की मौत हो चुकी है.
गोसावी ने अपने सहयोगी सांविल डिसूजा तथा अन्य के साथ मिलकर आर्यन खान के परिवार से 25 करोड़ रुपये की 'वसूलने' की साजिश रची थी. एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि आर्यन ख़ान को छोड़ने के लिए गोसावी और डिसूज़ा ने बाद में इस राशि को घटाकर 18 करोड़ कर दिया.
दोनों ने टोकन के तौर पर 50 लाख रुपये वसूल भी लिए और बाद में इसका कुछ हिस्सा लौटा दिया.
एनसीबी ने 3 अक्टूबर, 2021 को आर्यन ख़ान को गिरफ़्तार किया था. 25 दिन जेल में बिताने के बाद 28 अक्टूबर, 2021 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने आर्यन को ज़मानत दे दी थी.
इसके बाद एनसीबी ने 27 मई 2022 को आर्यन ख़ान को क्लीन चिट दे दी थी और 14 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ छह हज़ार पन्नों का आरोप पत्र दाख़िल किया था.

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कर्नाटक सीएम की कुर्सी पर कांग्रेस में रस्साकशी जारी
कर्नाटक के कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने शीर्ष नेतृत्व के लिए सीएम पद के लिए नाम तय करने की प्रक्रिया मुश्किल बना दी है.
शिवकुमार ने ये साफ़ कहा है कि वो सीएम पद की अपनी मांग से कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि वो मंगलवार को दिल्ली में हाईकमान से मुलाक़ात करेंगे.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कर्नाटक कांग्रेस चीफ़ ने कहा है कि अगर हाईकमान ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद के बंटवारे के फॉर्मूले पर विचार करेगा, तो वो इसके लिए भी तैयार नहीं होंगे.
डीके शिवकुमार ने उन ख़बरों को भी खारिज किया जिनमें ये कहा गया था कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों की ओर से विधायकों की राय जब जानी गई तो उसमें सिद्धारमैया आगे हैं.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को रिपोर्ट सौंपने से पहले ही वो (सिद्धारमैया धड़ा) कैसे जानते हैं कि उन्हें ज़्यादा वोट मिले हैं. वो भी तब जब विधायकों की राय गोपनीय तरीके से दर्ज की गई है."
ऐसी अटकलें तेज़ हैं कि कांग्रेस विधायकों की सीक्रेट वोटिंग में सिद्धारमैया को 60 फ़ीसदी और डीके शिवकुमार को 40 फ़ीसदी वोट मिले हैं.
इस बीच शिवकुमार के भाई और लोकसभा सांसद डीके सुरेश ने कांग्रेस चीफ़ खड़गे से सोमवार शाम मुलाकात की है.
इससे पहले सोमवार को डीके शिवकुमार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अपना दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया था. हालांकि, अख़बार ने सूत्रों के हवाले से ये कहा कि कर्नाटक कांग्रेस चीफ़ ने नाख़ुश होकर ये फ़ैसला किया.
हालांकि अब मंगलवार को वो दिल्ली आ सकते हैं. सूत्रों के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि शिवकुमार यहाँ सोनियां गांधी से मिलेंगे और वापसी में शिमला जाकर प्रियंका गांधी से भी मुलाक़ात कर सकते हैं.
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