कौन हैं चेतन कुमार जिन्हें हिंदुत्व पर टिप्पणी के लिए जेल भेजा गया

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
कन्नड़ अभिनेता और जाति विरोधी कार्यकर्ता चेतन कुमार उर्फ़ चेतन कुमार अहिंसा को एक हिंदुत्व विरोधी ट्वीट के आरोप में गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. चेतन ने एक ट्वीट में कहा था, "हिंदुत्व झूठ पर आधारित है."
पिछले तीन सालों में उन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में दर्ज हुआ ये तीसरा मामला है.
अभिनेता चेतन कुमार को मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया था. उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया था, "हिंदुत्व झूठ पर आधारित है. सावरकर ने दावा किया था कि भारत राष्ट्र तब बना जब राम रावण को हराकर अयोध्या लौटे. ये झूठ है."
अपने ट्वीट में चेतन कुमार ने लिखा था, "1992: बाबरी मस्जिद राम का जन्मस्थान है, ये झूठ है. 2023: उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा ने टीपू सुल्तान की हत्या की. ये भी झूठ है. हिंदुत्व को सच से हराया जा सकता है. बराबरी ही सच है."
पुलिस ने चेतन कुमार पर आईपीसी की धारा 295ए के तहत मुक़दमा दर्ज किया है.
भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 295ए के तहत वह कृत्य अपराध माने जाते हैं जहां कोई आरोपी व्यक्ति, भारत के नागरिकों के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के विमर्शित और विद्वेषपूर्ण आशय से उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है या ऐसा करने की कोशिश करता है.
उत्तर बैंगलुरू के बजरंग दल समन्वयक शिवकुमार की शिकायत पर चेतन कुमार के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है. अपनी शिकायत में शिवकुमार ने कहा है कि चेतन कुमार 'आदतन अपराधी' हैं.
चेतन कुमार की गिरफ़्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की आलोचना करते हुए फ़िल्म निर्माता अग्नि श्रीधर कहते हैं, "उन्होंने ऐसा क्या किया है कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा के बारे उनकी टिप्पणी स्वामी जी ने जो आलोचना की है, उससे बहुत अलग नहीं है."
कर्नाटक के प्रमुख समुदाय वोक्कालिगा के प्रमुख मठ, आदि चुंचनगिरी मठ के प्रमुख पुजारी श्री निर्मलानंद स्वामी ने बीजेपी के इस दावे की खुली आलोचना की है कि उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा ने टीपू सुल्तान की हत्या कर दी थी.

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चेतन पर सबसे पहले धारा 295ए के तहत मई 2021 में मुक़दमा दर्ज हुआ था. तब उन्होंने भीमराव अंबेडकर और पेरियार का अपनी एक ट्विट में ज़िक्र किया था.
इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, "ब्राह्मणवाद स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व की भावना का निषेध है. हमें ब्राह्मणवाद को उखाड़ फेंकना होगा - अम्बेडकर. जबकि सभी बराबर पैदा हुए हैं, ये कहना है कि सिर्फ़ ब्राह्मण ही सर्वोच्च हैं और बाकी सब नीच और अछूत हैं ये सरासर बकवास है. यह एक बड़ा धोखा है- पेरियार"
इस ट्वीट के बाद ब्राह्मण विकास बोर्ड और युवा ब्राह्मण संगठनों की तरफ़ से शिकायतें दी गईं थीं. चेतन कुमार से बसावानागुडी पुलिस स्टेशन पर चार घंटे तक पूछताछ की गई थी. लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया था.
लेकिन जब चेतन कुमार ने जस्टिस कृष्णा दीक्षित के ख़िलाफ़ टिप्पणी की तो पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया. चेतन को इस बार चार दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. कर्नाटक में पिछले साल हिजाब विवाद के दौरान उन्होंने ये टिप्पणी की थी.
चेतन ने बलात्कार के एक मामले में जज की मौखिक टिप्पणी का ज़िक्र किया था. बाद में जज की इस टिप्पणी को हाई कोर्ट की कार्रवाई से हटा दिया गया था.
चेतन कुमार कौन हैं?
चेतन एक अमेरिकी नागरिक हैं जो साल 2005-06 में भारत में थिएटर का अध्ययन करने के लिए आए थे. वो फुलब्राइट स्कॉलर हैं. अपने शोध कार्य के दौरान वो फ़िल्म निर्माता श्रीधर से मिले थे. उस समय श्रीधर और फ़िल्म निर्देशक केएम चेतन्य अपनी नई फ़िल्म 'आ दिनागालू' या 'उन दिनों' के लिए नया चेहरा तलाश रहे थे.
उन्होंने चेतन को अपनी फ़िल्म में मुख्य अभिनेता की भूमिका दे दी. इस फ़िल्म में अभिनय के दम पर चेतन को साल 2007 में उदयन बेस्ट डेब्युटेंट का अवॉर्ड भी मिला था. इस तरह कन्नड़ फ़िल्मों में चेतन के करियर की शुरुआत हुई.
चेतन अब तक दस फ़िल्मों में अभिनय कर चुके हैं. इनमें आ दिनागालू और मयेना हिट रही हैं. फ़िल्म उद्योग के सूत्रों के मुताबिक बीते पांच सालों में चेतन अभिनय से ज़्यादा मुद्दे उठाने में मशगूल रहे हैं. उन्होंने दलितों और आदिवासियों के मुद्दों को उठाया है.

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अपना नाम न ज़ाहिर करते हुए कन्नड़ फ़िल्म उद्योग से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, "वो अमेरिका में पले बढ़े लेकिन वाचन साहित्य में उनके ज्ञान को देखकर हम सब हैरान थे. वो 12वीं सदी के सुधारवादी भगवान विश्वैसवरैया में ग़हरी आस्था रखते हैं. उनके अनुयायियों को लिंगायत कहा जाता है."
40 साल के चेतन का जन्म शिकागो में हुआ, उन्होंने येल यूनिवर्सिटी से साउथ एशियन स्टडीज़ विभाग की पढ़ाई की है और पढ़ाई के दौरान उन्होंने तुलनात्मक रंगमंच पर ख़ास ध्यान दिया.
फ़िल्मों में अभिनय के अलावा वो कई सामाजिक मुद्दों से भी जुड़े रहे हैं. जैसे एंडोसल्फ़ान पीड़ित, बेघर आदिवासियों के लिए घर बनाना और अन्य सामाजिक कार्यों से भी वो जुड़े रहे हैं.
लिंगायत को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने के अभियान से भी वो जुड़े रहे हैं.
श्रीधर कहते हैं कि वो एक बहुत अच्छे इंसान हैं.
लेकिन फ़िल्म उद्योग से जुड़े कई अन्य लोग ये कहते हैं कि चेतन सामाजिक सशक्तीकरण के अपने अभियान को लेकर हमेशा तर्कशील बने रहे लेकिन जहां तक राजनीतिक दलों को लेकर उनकी टिप्पणियों का सवाल है तो वो कई बार असंगत होती हैं. वो सभी राजनीतिक दलों की आलोचना करते हैं.
फ़िल्म उद्योग से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, 'चेतन कुमार को फ़िल्म जगत में एक अकेले इंसान के रूप में देखा जाता है.'
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