मध्य प्रदेश: धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में पाँच गिरफ़्तार- प्रेस रिव्यू

मुनव्वर फारूक़ी

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इंदौर पुलिस ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के आरोप में पांच कॉमेडियन को गिरफ्तार किया है.

इनमें मुंबई के कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी भी शामिल हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ये गिरफ्तारियां हिंदूवादी नेता एकलव्य लक्षमण सिंह की शिकायत पर की गई हैं.

आरोप हैं कि शनिवार को अदालत में पेश किए जाने के दौरान कॉमेडियन के साथ मारपीट भी की गई है. अदालत ने पांचों गिरफ्तार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

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पुलिस के मुताबिक मुनव्वर फ़ारूक़ी, एडविन एंथॉनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव को गिरफ्तार किया गया है. ये घटना मंदसौर, उज्जैन और इंदौर में सांप्रदायिक हिंसा की वारदातों के चार दिन बाद हुई है.

पुलिस का कहना है कि पांचों कॉमेडियन के शो का वीडियो सबूत के तौर पर पुलिस को दिया गया था जिसके बाद मुक़दमा दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि इस वीडियो में एक कॉमेडियन आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा है.

तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को मुफ्त मिलेगी वैक्सीन

स्वास्थ्यकर्मी को वैक्सीन लगाई जाती हुई

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त दी जाएगी. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि सबसे पहले जिन 27 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जाएगी उनकी पहचान की जा रही है.

सरकार की योजना सबसे पहले सबसे ज़रूरतमंद लोगों को वैक्सीन लगाने की है. इसमें पचास साल से अधिक उम्र के लोग भी शामिल हैं. शनिवार को देश के 125 ज़िलों में वैक्सीन लगाने का ड्राई रन भी किया गया है ताकि तैयारियों को परखा जा सके.

हर्षवर्धन ने बताया है कि वैक्सीन लगाने के लिए बनाई गई एप को-विन पर अब तक 70 लाख लोगों का पंजीकरण हो चुका है. उन्होंने कहा कि देश के अंतिम व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचाने के लिए देश के कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को और मज़बूत किया गया है.

भारत अब तक दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी दे चुका है. इनमें ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन भी शामिल है.

वैक्सीन आपात स्थिति में हलालः जमात

वैक्सीन

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक जमात-ए-इस्लामी हिंद ने शनिवार को स्पष्टीकरण दिया है कि कोरोना की वैक्सीन आपात स्थिति में हलाल है. कुछ इस्लामी विद्वानों ने इस वैक्सीन को मुसलमानों के लिए हराम करार दिया था.

जमात ए इस्लामी हिंद की ओर से कहा गया है कि यदि वैक्सीन में कुछ हराम तत्व हैं तब भी इसका आपात स्थिति में इस्तेमाल करना जायज़ है क्योंकि इससे जानें बचाई जा रही हैं.

जमात के सचिव डॉ. रियाज़ उल इस्लाम का कहना है कि यदि कोई हराम चीज़ किसी पूरी तरह से नई चीज़ में बदल दी गई है तो उसे पाक और हलाल माना जा सकता है.

इंडोनेशिया, यूएई और भारत के कुछ मुस्लिम विद्वानों का तर्क है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन को मुसलमानों को नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि इसमें सूअर से प्राप्त जिलेटिन का इस्तेमाल किया गया है.

फ़ाइज़र, मोडर्ना और एस्ट्राज़ेनेका दवा कंपनियों के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उनकी वैक्सीन के निर्माण में सूअर से प्राप्त किसी उत्पाद का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम बदलने पर विवाद

संजय राउत

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द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में सरकार चला रहे महाअगाढ़ी गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने शिव सेना के औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने के प्रस्ताव का विरोध किया है.

महाराष्ट्र में नगर निगम के चुनाव होने हैं और उससे पहले शिव सेना औरंगाबाद का नाम बदलने की अपनी तीन दशक पुरानी मांग को पूरा करना चाहती है.

लेकिन गठबंधन सहयोगी कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव में भावनात्मक मुद्दों के बजाय विकास और जनहित के मुद्दों को तरजीह देनी चाहिए.

शिवसेना औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करना चाहती है. महाराष्ट्र में बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल का कहना है कि, 'यदि औरंगज़ेब रोड एपीजे अब्दुल कलाम रोड हो सकती है, इलाहाबाद प्रयागराज हो सकता है, फ़ैज़ाबाद अयोध्या हो सकता है तो औरंगाबाद संभाजीनगर क्यों नहीं हो सकता?'

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