लॉरेंस बिश्नोई: फाज़िल्का का वो लड़का जिस पर है सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश का आरोप

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- Author, अवतार सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
"जब मैं पहली बार जेल गया था तब मैं छात्र था, बाद में जेल के भीतर मैं 'गैंगस्टर' बन गया. हमारे भाइयों की हत्या कर दी गई, हमने तो बस उसका जवाब दिया. कोई व्यक्ति जो भी बनता है उस पर उसके परिवेश का असर होता है."
ये बात कथित गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जेल से एक निजी टेलीविज़न चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कही.
लॉरेंस पर क़रीब 50 आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पुलिस का कहना है कि अधिकतर घटनाओं को लॉरेंस ने जेल के भीतर से ही अंजाम दिया है.
उन पर जानेमाने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने का आरोप है और वो फिलहाल पंजाब की बठिंडा की एक जेल में बंद हैं.
टेलीविज़न चैनल ने दावा किया है कि ये इंटरव्यू ने लॉरेंस बिश्नोई ने जेल के भीतर से दिया है. लेकिन पंजाब पुलिस का दावा है कि न तो ये इंटरव्यू बठिंडा की जेल का है और न ही इसे पंजाब की किसी और जेल में शूट किया गया है.
वहीं राजस्थान पुलिस ने भी कहा है कि बिश्नोई का ये इंटरव्यू राज्य की किसी जेल से नहीं हुआ है.
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32 साल के लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, चोरी-डकैती और व्यक्ति पर इरादतन हमले के कई आरोप हैं. ये मामले पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में दर्ज हैं.
लॉरेश बिश्नोई के वकील विशाल चोपड़ा ने बीबीसी से सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती से कहा, "मेरे मुवक्किल निर्दोष हैं, उन्होंने कोई अपराध नहीं किया."

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छात्र जीवन में राजनीति में रखा कदम
लॉरेंस बिश्नोई फाज़िल्का ज़िले के अबोहर इलाक़े के रहने वाले हैं.
ये जगह भारत के सीमावर्ती इलाक़े में आती है. ये पंजाब के पश्चिम की तरफ है. पंजाब के इस इलाक़े के पश्चिम में पाकिस्तान से सटी भारत की सीमा है तो इसके दक्षिण में राजस्थान और हरियाणा है.
इस इलाक़े में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की साझा संस्कृति है.
कहा जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई का परिवार खेती से जुड़ा है और उनके पास काफी ज़मीनें हैं. लॉरेंस के एक और भाई हैं अनमोल बिश्नोई.
उनकी मां सुनीता बिश्नोई ने एक बार सरपंच चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया था. उन्होंने इसके लिए पर्चा भी भरा था लेकिन बाद में चुनाव नहीं लड़ा.
लॉरेंस का नाता बिश्नोई समुदाय से है जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बसा है.

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अबोहर के एक निजी कॉन्वेन्ट स्कूल से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल की.
साल 2011 में उन्होंने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया. यहीं से उन्होंने छात्र राजनीति में भी प्रवेश किया.
लॉरेंस बिश्नोई के छात्र जीवन के दौरान स्कूल और कॉलेज में उनके साथ रहे दूसरे छात्रों का कहना है कि उन्हें पंजाबी, बागरी और हरियाणवी भाषाएं आती हैं.
छात्र राजनीति में सक्रीय रहने वाले लॉरेंस बिश्नोई छात्र संगठन SOPU (पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन) के सक्रीय सदस्य थे, लेकिन पंजाब युनिवर्सिटी में कभी उन्होंने दाखिला नहीं लिया.
वो छात्र राजनीति में शामिल थे.
जिस वक्त लॉरेंस बिश्नोई छात्रों के बीच सक्रिय थे, चंडीगढ़ के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में स्थानीय छात्र संगठनों पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन और पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का दबदबा हुआ करता था.
लेकिन बाद के वक्त में राजनीतिक पार्टियों से जुड़े नेशनल स्टूटेंड्स ऑफ़ इंडिया और स्टूटेंड ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया ने यहां राजनीति शुरू कर दी. ये संगठन पर्टियों के अनुशासन में रहकर काम करते थे.

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लॉरेंस बिश्नोई के ख़िलाफ़ केस
साल 2014 में लॉरेंस बिश्नोई पहली बार जेल की सज़ा हुई. एक इनकाउंटर के बाद राजस्थान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया गया था.
2021 में उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया. 2022 जून को पंजाब पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में उन्हें गिरफ्तार किया.
बीते साल 29 मई के पंजाब के मानसा में जवाहरके गांव के पास सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी.
बाद में उन्हें बठिंडा जेल शिफ्ट ले जाया गया, जहां वो आजकल बंद हैं.
पुलिस का कहना है कि लॉरेंस 'ए कैटगरी' के गैंगस्टर हैं. पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर्स की आसान पहचान के लिए उनके लिए कई कैटगरी यानी स्तर बनाए हैं जिनमें 'ए कैटगरी' एक है.
इस कैटेगरी का मतलब है ऐसा अपराधी को बेहद संगीन अपराधों में शामिल हो.

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सिद्धू मूसेवाला की हत्या के कुछ दिन बाद सलमान ख़ान को जान से मारने की धमकी मिली थी.
किसी अनजान शख़्स ने सलमान ख़ान और उनके पिता सलीम ख़ान के नाम से चिट्ठी भेजी थी जिसमें लिखा था कि उनका हाल सिद्धू मूसेवाला जैसा किया जाएगा.
इस मामले में पुलिस ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लोग सलमान ख़ान के घर के आसपास की स्थिति का जायज़ा लेने गए थे और वो पनवेल में एक जगह किराए पर ठहरे थे.
लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, डकैती और मारपीट समेत कई और आरोप हैं.
उनके ख़िलाफ़ पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में दर्जनों मामले दर्ज हैं, लेकिन पुलिस के मुताबिक़ लॉरेंस को चार मामलों में दोषी पाया गया है.
लॉरेंस बिश्नोई के ख़िलाफ अभी 22 मुकदमे चल रहे हैं और उनके ख़िलाफ़ 7 मामलों में जांच चल रही है.
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लॉरेंस बिश्नोई की गैंग
कहा जाता है कि बिश्नोई की गैंग में क़रीब 700 सदस्य हैं. कथित तौर पर ये गैंग आज कनाडा से चलाया जाता है और इसे चलाने वाले का नाम है गोल्डी बराड़.
सिद्धू मूसेवाला हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के साथ कई अन्य मामलों में पुलिस को गोल्डी बराड़ की तलाश है.
पंजाब पुलिस के अनुसार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए वो ज़िम्मेदार है.
बताया जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई के इस गैंग में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से लोग शामिल हैं. ये गैंग तीन राज्यों में सक्रिय है.
टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग के बारे में कहते हैं कि "ये कोई गैंग नहीं है. ये एक ही दर्द वाले लोगों का गुट है."
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