जावेद अख़्तर की मुंबई हमलों पर टिप्पणी को लेकर क्या कह रहे हैं कुछ पाकिस्तानी

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- Author, शुमाइला जाफ़री
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, इस्लामाबाद
मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख़्तर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रहा है.
ये वीडियो पाकिस्तान का है और वीडियो में जावेद अख़्तर की टिप्पणी सुर्ख़ियाँ बटोर रही है.
जावेद अख़्तर हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर गए थे जहां उन्होंने लाहौर में फ़ैज़ फ़ेस्टिवल में हिस्सा लिया.
वे पाँच साल बाद इस समारोह में हिस्सा ले रहे थे.
आख़िर जावेद अख़्तर का पाकिस्तान जाना कैसे हुआ
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की बेटी मुनीज़ा हाशमी फ़ैज़ फ़ाउंडेशन ट्रस्ट चलाती हैं. वह इस इवेंट की मुख्य आयोजक थीं. मुनीज़ा फ़ैज़ फ़ेस्टिवल की कामयाबी को लेकर बहुत ख़ुश हैं.
मुनीज़ा ने बीबीसी को बताया कि इस कार्यक्रम को आयोजित करना एक मुश्किल और थका देने वाला काम है, लेकिन ये इवेंट उम्मीद से कई गुना ज़्यादा सफल रहा. उन्होंने इसे "सार्थक प्रयास" बताया.

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जावेद अख़्तर और शबाना आज़मी के बारे में बात करते हुए मुनीज़ा भावुक हो गईं.
उन्होंने कहा, "हमारा जावेद और शबाना से पुराना रिश्ता है, ये प्यार की विरासत है, जिसे हम यानी दूसरी पीढ़ी आगे बढ़ा रही है. शबाना दुखी थीं कि वो एक फ़िल्म की शूटिंग के कारण नहीं आ सकीं."
मुनीज़ा ने कहा, "भारत में राजनीतिक माहौल को देखते हुए मुझे नहीं लग रहा था कि जावेद आ सकेंगे. इसलिए मैंने उन्हें अक्टूबर में संपर्क किया और पूछा कि क्या वो फ़ैज़ फ़ेस्टिवल में वर्चुअली जुड़ पाएंगे."
लेकिन जावेद ने उन्हें हैरान करते हुए पूछा, "आप मुझे पाकिस्तान आने के लिए नहीं कहेंगी?"
मुनीज़ा ने जावेद अख़्तर से कहा, "मुझे आपसे मिलकर खुशी होगी, लेकिन क्या आप यहां आ सकेंगे?" इस पर जावेद बोले, "क्यों नहीं? आप मुझे जितनी बार बुलाएंगी मैं उतनी बार आऊंगा."
मुनीज़ा ने इसके अगले ही दिन वीज़ा के लिए काम करना शुरू कर दिया और इसमें पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने भी उनकी पूरी मदद की.
मुनीज़ा ने पाकिस्तानी प्रशासन का शुक्रिया भी कहा.
मुंबई हमले को लेकर टिप्पणी
इसी फ़ेस्टिवल के दौरान एक इंटरव्यू में जावेद अख़्तर ने कहा, ''हमने तो नुसरत और मेहदी के बड़े-बडे़ फ़ंक्शन किए. आपके मुल्क में तो लता मंगेशकर का कोई फ़ंक्शन नहीं हुआ. तो हक़ीक़त ये है कि हम एक-दूसरे को इल्ज़ाम ना दें, उससे समाधान नहीं निकलेगा.''
मुंबई हमलों का ज़िक्र करते हुए जावेद अख़्तर बोले, ''बात ये है कि आजकल इतनी गर्म है फ़िज़ा, वो कम होनी चाहिए. हम तो बंबई के लोग हैं, हमने देखा कैसे हमला हुआ था. वो लोग नॉर्वे से तो नहीं आए थे, न मिस्र से आए थे. वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं. तो ये शिकायत अगर हिंदुस्तान के दिल में हो, तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए.''
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कार्यक्रम में जावेद अख़्तर से एक महिला ने सवाल पूछा- आप कई बार पाकिस्तान आ चुके हैं तो आप लौटकर बताते हैं कि पाकिस्तानी तो बहुत अच्छे लोग हैं, वो जगह-जगह बम नहीं मारते. हमें फूल भी पहनाते हैं और प्यार भी करते हैं. हम चाहते हैं कि इस इलाक़े में मोहब्बत फैले और लोग प्यार से रहें.''
जावेद अख़्तर ने इस पर कहा, ''लाहौर और अमृतसर में 30 किलोमीटर की दूरी है. आप ऐसा मत समझिए कि आप हिंदुस्तान के बारे में सब जानती हैं या मैं ऐसा नहीं कहूँगा कि मैं पाकिस्तान के बारे में सब जानता हूँ.''
हालांकि, जब फ़ेस्टिवल की आयोजक मुनीज़ा हाशमी से मुंबई हमलों पर जावेद अख़्तर की टिप्पणी से जुड़ा सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वो आयोजन में इतनी व्यस्त थीं कि वो जावेद अख़्तर का सेशन सुन नहीं पाईं.
उन्होंने कहा, "एक बार मैंने अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन हॉल खचाखच भरा पड़ा था. मगर मुझे अच्छा लगा कि हज़ारों लोग प्यार और सम्मान के साथ उनकी बातें सुन रहे थे. वहां किसी ने भी बीच में कुछ नहीं कहा न तो कोई आपत्तिजनक टिप्पणी ही दी गई. उस सेशन में किसी का फ़ोन तक नहीं बजा. वहां वाक़ई सन्नाटा था. दर्शक सिर्फ़ तालियां बजा रहे थे."
मुनीज़ा ने कहा कि जावेद अख़्तर लोगों से संवाद करना चाहते थे इसलिए उन्होंने दूसरे सेशन में सवाल-जवाब करने के लिए कहा था.
"वो जैसे चाहते थे, वैसे ही अपनी बात रखी. लोगों ने बड़े सम्मान के साथ उन्हें सुना. ये बहुत सुंदर था. अगर किसी को राजनीति करनी है तो ये उनके ऊपर है. हम अपने दिल के दरवाज़े खुले रखते हैं, यही फ़ैज़ साहब ने हमें सिखाया है."
क्या आगे भी फ़ैज़ फ़ाउंडेशन भारत से मेहमानों को बुलाएगा, इस सवाल पर मुनीज़ा ने कहा कि बिल्कुल ऐसा होगा.
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जावेद अख़्तर की पाकिस्तान यात्रा पर सिंगर अली ज़फ़र ने भी ट्वीट किया.
इस वीडियो को शेयर करते हुए अली ज़फ़र ने जावेद अख़्तर को शुक्रिया कहा. वीडियो में अली ज़फ़र गाना गाकर जावेद अख़्तर का स्वागत करते नज़र आ रहे हैं.
जावेद अख़्तर ने फ़ैज का ज़िक्र करते हुए कहा थि जब फ़ैज़ साहब भारत आए थे, तो ऐसा लगता था कि कोई राष्ट्र प्रमुख आया हो.
उन्होंने आगे कहा- आपने कभी कैफ़ी आज़मी, साहिर का कोई इंटरव्यू पीटीवी पर देखा है? हम आपको दिखाएँगे, हमारे यहाँ हुआ है. ये जो बंदिशें हैं जिसके कारण एक-दूसरे को जान नहीं पाते हैं. ये दोनों तरफ़ हैं और माफ़ कीजिएगा कि पाकिस्तान में ज़्यादा है.
सोशल मीडिया पर चर्चा
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पाकिस्तान और भारत सोशल मीडिया पर जावेद अख़्तर के लाहौर दौरे की चर्चा हो रही है. पाकिस्तानी उद्योगपति हारून रशीद ने भी जावेद अख़्तर की तारीफ़ की.
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एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी गायक अली ज़फ़र 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' गा रहे हैं. ये गाना जावेद अख़्तर ने ही लिखा है. अली के साथ-साथ इस वीडियो में वहां मौजूद लोग भी इन गाने को गुनगुना रहे हैं
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मुंबई हमले के बारे में जावेद अख़्तर की बात को कई भारतीय ट्विटर पर शेयर कर अपने विचार रख रहे हैं.
जावेद अख़्तर की टिप्पणी पर क्या कह रहे हैं पाकिस्तान के कुछ लोग
भारत के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख़्तर की पाकिस्तान में दी गई टिप्पणी पर वहाँ के लोग भी अपनी राय रख रहे हैं.
कई लोगों ने पाकिस्तान में उनका स्वागत भी किया और तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए.
लेकिन जैसे ही मुंबई में 26/11 के हमलों पर जावेद अख़्तर की टिप्पणी वायरल हुई, पाकिस्तानी भी इस बहस में शामिल हो गए.
फ़रीद ख़ान लिखते हैं- जावेद अख़्तर लाहौर में और वे लोगों के सामने शिकायत कर रहे हैं. आरोपों के बावजूद भीड़ तालियाँ बजा रही है. ऐसा सिर्फ़ पाकिस्तान में ही हो सकता है. यहाँ के लोगों का दिल बहुत बड़ा है. आप ये कल्पना करिए कि एक पाकिस्तान अगर भारत में ऐसा करता, तो क्या होता.
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एक अन्य सोशल मीडिया यूजर मेराज हसन कहते हैं कि जावेद अख़्तर जैसे लोकप्रिय भारतीय वहाँ के अपराधों से पल्ला झाड़कर भारत में हिंदुत्व को सक्षम बनाते हैं.
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मिशी ख़ान ने लिखा है कि जावेद अख़्तर ने भारत वापसी की परवाह की और ये सोचा कि वहाँ उनकी वाह वाही हो. उन्होंने लिखा है कि जावेद अख़्तर ने निहायत ही घटिया बात की है. उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी.
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हाशिम शाह सईद कहते हैं- कल्पना कीजिए दिल्ली में अगर एक पाकिस्तानी कलाकार कुलभूषण या आरएसएस के बारे में ऐसा कहे. आज का पाकिस्तान आज के भारत से ज़्यादा प्रगतिशील है.
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शान शाहिद ने लिखा है- इनको गुजरात में मुसलमानों के क़ातिल का तो पता है, लेकिन ये ख़ामोश हैं और अब ये साहब पाकिस्तान में 26/11 के मुल्ज़िमों को ढूँढ़ रहे हैं. इनको वीज़ा किसने दिया.
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इरम सोहेल ने लिखा है कि वे पाकिस्तान को लेकर हमेशा ही पक्षपातपूर्ण रहे हैं. उन्हें आमंत्रित नहीं करना चाहिए था.
हालाँकि कई लोगों ने जावेद अख़्तर की पाकिस्तान यात्रा की सराहना भी की थी.
ट्विटर पर एक पाकिस्तानी यूज़र हारून रशीद ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- सीमा पार के भाइयों और बहनों के साथ संगीत और कविता की एक शाम होना बेहद दुर्लभ और ख़ुशी की बात. जावेद अख़्तर साहब का लाहौर में होना- इससे बेहतर कोई बात नहीं हो सकती.
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गायक अली ज़फ़र और फ़िल्म स्टार रेशम ने भी जावेद अख़्तर के वीडियो और उनकी तस्वीरें शेयर की हैं.
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मुंबई हमला

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26 नवंबर 2008 को मुंबई में चरमपंथी हमला हुआ था.
हथियारों से लैस 10 चरमपंथियों ने मुंबई की कई जगहों और प्रतिष्ठित इमारतों पर हमला कर दिया था, जो चार दिन तक चला. मुंबई हमलों में 160 से अधिक लोग मारे गए थे.
चरमपंथियों ने मुंबई के दो पाँच सितारा होटलों ताजमहल होटल, ओबेरॉय होटल, कामा अस्पतला, रेलवे स्टेशनों और एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया.
26 नवंबर की रात ही आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे समेत मुंबई पुलिस के कई आला अधिकारियों की भी इस हमले में मौत हो गई थी.
लियोपोल्ड कैफ़े और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से शुरू हुआ ये हमला ताजमहल होटल में ख़त्म हुआ. लेकिन इस बीच सुरक्षाकर्मियों को 60 से भी ज़्यादा घंटे लग गए.
इन हमलों के दौरान पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक अजमल कसाब को गिरफ़्तार किया था. कसाब पर मुकदमा चला और बाद में उसे फाँसी दे दी गई.
भारत इन हमलों के लिए चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को ज़िम्मेदार बताता है.
भारत सरकार का आरोप है कि मुंबई हमलों की योजना लश्कर-ए-तैयबा ने बनाई थी, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से मदद मिली थी.
हालाँकि पाकिस्तान की सरकार इससे इनकार करती है.
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