शेखर कपूर पर भड़के जावेद अख़्तर- सोशल

इमेज स्रोत, Twitter/ Getty Images
बुद्धिजीवियों को निशाना बनाने पर बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार जावेद अख़्तर इतना नाराज़ हो गए कि फ़िल्म निर्माता शेखर कपूर को मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह दे डाली.
मॉब लिंचिंग पर चल रहे विवाद को लेकर शेखर कपूर ने ट्विटर पर 'बुद्धिजीवियों' पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना सांप से की थी.
शेखर कपूर ने अपने ट्वीट में लिखा था, "बँटवारे के बाद एक रिफ़्यूजी के रूप में ज़िंदगी शुरू की. मां-बाप ने बच्चों की ज़िंदगी बनाने के लिए सब कुछ दिया. मुझे हमेशा बुद्धिजीवियों से डर लगता रहा. उन्होंने मुझे हमेशा तुच्छ, छोटा होने का अहसास कराया. मुझे आज भी उनसे डर लगता है. मेरी फ़िल्मों के बाद उन्होंने अचानक गले लगा लिया. उनका गले लगाना सांप के डँसने जैसा है. मैं आज भी एक रिफ्यूजी हूं."
असल में देश की जानी मानी 49 हस्तियों ने देश में बढ़ रही मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ प्रधानमंत्री को एक खुला पत्र लिखा था.
इसमें प्रधानमंत्री से मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ कड़ा क़ानून बनाने की मांग की गई थी.

इमेज स्रोत, AFP
इसके बाद कंगना रानौत, फ़िल्मकार मधुर भंडारकर, विवेक अग्निहोत्री और प्रसून जोशी समेत 60 से अधिक हस्तियों ने एक जवाबी चिट्ठी जारी की थी और मॉब लिंचिंग पर क़ानून की मांग करने वाली हस्तियों को निशाने पर लिया था.
हालांकि शेखर कपूर ने अपनी टिप्पणी में कोई संदर्भ नहीं दिया लेकिन जावेद अख़्तर ने एक के बाद एक तीन ट्वीट में उन्हें कड़ा जवाब दिया.
जावेद अख़्तर ने लिखा, "ये कौन बुद्धिजीवी थे जिन्होंने आपको गले लगाया और ये गले लगाना आपको सांप के डंसने जैसा लगा? श्याम बेनेगल, अडूर गोपाल कृष्णन, रामचंद्र गुहा? वाक़ई? शेखर साहब आपकी तबीयत ठीक नहीं है. आपको मदद की ज़रूरत है. बात मानिए, एक बढ़िया मनोचिकित्सक से मिलने में कोई शर्म नहीं होनी चाहिए."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
उन्होंने लिखा, "अब भी रिफ़्यूजी होने से आपका क्या मतलब है. क्या इसका मतलब है कि आप अब भी ख़ुद को बाहरी महसूस करते हैं, भारतीय नहीं और आपको नहीं लगता कि ये आपकी ही मातृभूमि है? अगर भारत में आप अब भी रिफ़्यूजी हैं तो वो कौन सी जगह है जहां आपको रिफ़्यूजी न होने का अहसास होगा, पाकिस्तान में? अमीर लेकिन अकेला आदमी, ये अतिनाटकीयता बंद कर दीजिए. "
इस पर जवाब देते हुए शेखर कपूर ने लिखा, "नहीं इसका मतलब है कि एक बार अगर आप रिफ्यूजी हो गए तो आप हमेशा बंज़ारों की तरह महसूस करने लगते हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
अपने तीसरे ट्वीट में जावेद अख़्तर ने लिखा, "अपने बारे में आप कहते हैं कि आप अतीत के प्रति न पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं और न ही मौजूदा समय में रहते हुए भविष्य के प्रति डरे हुए हैं. और उसी सांस में आप कहते हैं कि आप बँटवारे के रिफ़्यूजी हैं और अब भी रिफ्यूजी हैं. विरोधाभास देखने के लिए मैग्निफ़ाइंग लेंस लगाने की ज़रूरत नहीं है."
कुछ आम लोगों ने भी इस बहस में अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं.
विशेष देवगन ने जावेद अख़्तर को संबोधित करते हुए लिखा है, "उनका (शेखर कपूर का) कहने का मतलब है कि वो अब भी बुद्धिजीवियों के बीच अपने 'नॉन-लिबरल' रवैये की वजह से रिफ्यूजी जैसा महसूस करते हैं. ये उनका अतीत ही नहीं, वर्तमान भी है. तो अगली बार आप थोड़ा और गहराई से सोचें क्योंकि मैं जानता हूं कि आप इसमें सक्षम हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
वहीं फिल्म आलोचक और पत्रकार अन्ना वेट्टिकड ने शेखर कपूर को जवाब देते हुए लिखा है, "आपकी फिल्में रिलीज़ होने से पहले आपको छोटा महसूस कराने वाले ये बुद्धिजीवी कौन थे मिस्टर कपूर? क्या आपका मतलब शबाना आज़मी और नसीरुद्दीन शाह से है जिन्होंने 1983 में आपकी पहली फिल्म मासूम में अभिनय किया था, जब आपको कोई नहीं जानता था? क्या इस ट्वीट को एहसान-फ़रामोशी कहें, झूठ कहें या दोनों कहें?"
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
बॉलीवुड गीतकार जावेद अख़्तर अपने तंज से विरोधियों को जवाब देने के लिए जाने जाते हैं. वो मोदी सरकार के मुखर आलोचक भी रहे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















