BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

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नमस्ते. सबसे पहले तो नए साल की शुभकामनाएं. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.
हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.
ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.
ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.
दुनिया को डरा रहा ये संकट क्या भारत को भी घेरेगा?
महंगाई और बेरोज़गारी, 2022 की सबसे बड़ी चिंताएं थीं जो वह विरासत में 2023 को सौंप गया है और साथ में सौंप गया है एक ख़तरनाक, लंबी और तकलीफदेह मंदी की आशंका.
दुनिया के ज़्यादातर अर्थशास्त्री यही कह रहे हैं कि इस साल खासकर आर्थिक मोर्चे पर भारी उतार-चढ़ाव देखने पड़ेंगे.
2008 की आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी करने वाले अर्थशास्त्री नूरिएल रुबिनी तो कह चुके हैं कि दुनिया 1970 के दौर जैसी विकट आर्थिक स्थिति की ओर जा रही है.
डॉ. डूम यानी अनिष्ट के प्रतीक कहलाने वाले रुबिनी का कहना है कि विकास दर में गिरावट और महंगाई में तेज़ी से पैदा हुआ संकट बहुत गहरा है और इस बार जो मंदी आएगी वो बहुत लंबी और तकलीफदेह होगी.
इसकी एक बड़ी वजह उनकी नज़र में यह है कि पश्चिमी दुनिया यानी अमीर देशों के केंद्रीय बैंक नोट छाप-छापकर महंगाई को काबू करने में अपना पूरा शस्त्रागार झोंक चुके हैं. आगे की स्टोरी यहां पढ़िए.

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भारत रत्न: किसे दिया जाता है पुरस्कार और मिलती हैं क्या सुविधाएं
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी क्षेत्र में असाधारण और सर्वोच्च सेवा को मान्यता देने के लिये दिया जाता है.
यह सम्मान राजनीति, कला, साहित्य, विज्ञान के क्षेत्र में किसी विचारक, वैज्ञानिक, उद्योगपति, लेखक और समाजसेवी को दिया जाता है.
भारत रत्न देने की शुरुआत 2 जनवरी, 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने की थी.
सबसे पहला सम्मान स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1954 में दिया गया था.
भारत रत्न सम्मान के लिए चुने जाने की प्रक्रिया पद्म पुरस्कारों से अलग होती है. इसमें भारत के प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए किसी व्यक्ति के नाम की सिफ़ारिश राष्ट्रपति को करते हैं.
भारत रत्न के लिए किसी औपचारिक सिफ़ारिश की ज़रूरत नहीं होती. आगे की प्रक्रिया के बारे में यहां पढ़िए.

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सऊदी अरब ने रोनाल्डो पर इतना धन क्यों बरसाया
एक महीने से भी कम वक्त गुज़रा है, जब पुर्तगाल की फ़ुटबॉल टीम के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो क़तर में हो रहे विश्व कप के क्वॉर्टर फ़ाइनल में मोरक्को से 1-0 से हारने के बाद आंखों में आंसू लिए मैदान से बाहर जाते दिखे थे.
पुर्तगाल को हराने के बाद मोरक्को वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने वाला पहला अफ़्रीकी अरब देश बना था.
विश्व कप जीतने का सपना टूटने के कुछ सप्ताह बाद अब पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने यूरोपीय फ़ुटबॉल क्लब मैंचेस्टर यूनाइटेड छोड़कर, सऊदी अरब के 'अल-नस्र' से नाता जोड़ लिया है.
अल नस्र और रोनाल्डो के बीच हुआ क़रार अब तक का सबसे महंगा सौदा बताया जा रहा है. अल-नस्र 2025 तक हर साल रोनाल्डो को क़रीब 1800 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा. बीता वर्ल्ड कप रोनाल्डो के लिए कुछ ख़ास नहीं रहा. आख़िरी दो गेम में तो उन्हें शुरुआत में मैदान से बाहर तक बैठाया गया. रोनाल्डो ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के इस सीज़न में हुए 16 मैचों में केवल तीन ही गोल दागे, इनमें से भी एक पेनल्टी की वजह से हुआ.
इसके बावजूद रोनाल्डो के अल-नस्र से जुड़ने पर मध्य-पूर्वी देशों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. आगे की कहानी यहां पढ़ें.

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जुड़वा बच्चों में से एक को गिराना कितना ख़तरनाक हो सकता है?
बॉम्बे हाई कोर्ट में एक महिला ने गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों में से एक बच्चे को टर्मिनेट या ख़त्म करवाने के लिए याचिका डाली है.
भारत में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेग्नेंसी (संशोधित) एक्ट 2021, एक महिला को 24 हफ़्ते तक गर्भपात कराने की इजाज़त देता है.
दरअसल, 1971 में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ़ प्रेग्नेंसी एक्ट को संशोधित करके गर्भपात कराने की मान्य अवधि को कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए 20 हफ़्ते से बढ़ाकर 24 हफ़्ते कर दिया गया था.
इस महिला के गर्भ को 25 हफ़्ते से ज़्यादा का समय हो चुका है. इस मामले में याचिकाकर्ता की वकील अदिति सक्सेना बताती हैं कि 'इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनसे पूछा है कि क्या 25वें हफ़्ते की गर्भवती महिला का क्या दो में से एक भ्रूण को हटाया जा सकता है और इससे मां और उसके गर्भ में पल रहे दूसरे भ्रूण की ज़िंदगी पर क्या असर पड़ेगा? आगे की स्टोरी यहां पढ़ें.

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शाहरुख़ का अपनी कमाई और ख़ान सरनेम पर दिलचस्प जवाब
एक्टर शाहरुख़ ख़ान 25 जनवरी को रिलीज़ होने जा रही फ़िल्म 'पठान' के कारण बीते दिनों से चर्चा में हैं.
कभी फ़िल्म के टीज़र के ट्रेंडिंग में आने के कारण, कभी फ़िल्म के गाने 'बेशर्म रंग' में दीपिका पादुकोण के पहने कपड़ों के कारण.
फ़िल्म अभी रिलीज़ नहीं हुई है लेकिन शाहरुख़ ख़बरों में बने हुए हैं. शाहरुख़ ख़ान की कोई फ़िल्म लगभग चार साल बाद सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है.
ऐसे में शाहरुख़ ख़ान अपने फ़ैंस से मुख़ातिब होने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ रहे हैं. इस कहानी में हम आपको ये भी बताएंगे कि सालों पहले शाहरुख़ ने ख़ुद का पाकिस्तान और पठान होने से क्या कनेक्शन बताया था. साथ ही क्या थी शाहरुख़ की पहली और अबकी कमाई? आगे की स्टोरी यहां पढ़ें.
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