अरुणाचल में झड़प के बाद चीन-भारत के बीच पहली बैठक, कांग्रेस ने पूछे सवाल: प्रेस रिव्यू

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अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प होने के लगभग दो हफ़्ते बाद बीते मंगलवार दोनों पक्षों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई है.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, सेना के कोर कमांडर स्तर की इस बैठक का मक़सद लद्दाख में चीन से लगती सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाना था.
इसके बाद बीते गुरुवार इस बारे में साझा बयान जारी किया गया जिसमें बताया गया है कि दोनों पक्ष प्राथमिक तौर पर पश्चिमी सेक्टर पर सुरक्षा और स्थिरता का माहौल बनाए रखने के लिए तैयार हो गए हैं.
बता दें कि भारत और चीनी सैनिक बीते सितंबर में गोगरा - हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में पीछे हट गए हैं. इससे पहले जुलाई में हुई 16वें दौर की कमांडर स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी और बीते मंगलवार इसी सिलसिले में 17वें दौर की वार्ता हुई है.
साल 2020 में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प होने के बाद कोर कमांडर स्तर की वार्ताओं का दौर शुरू हुआ था.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को होने वाली साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग में इस बारे में जानकारी दी.
हालांकि, वह अरुणाचल प्रदेश से जुड़े सवालों से बचते दिखाई दिए.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बैठक में तवांग का मुद्दा उठाया गया तो इस पर उनकी ओर से कोई स्पष्ट उत्तर नहीं आया.
उन्होंने कहा, "हम सभी कयास लगा सकते हैं क्योंकि मेरे पास पुष्ट जानकारी नहीं है. ऐसे में मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता. सच कहें तो हमने पश्चिमी सेक्टर पर बात की. ऐसे में अगर ये मुद्दा नहीं उठाया गया तो मैं आश्चर्यचकित नहीं होऊंगा."
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'हमारा ध्यान इस ओर है कि हमारे सैनिक अपनी सीमाओं की सुरक्षा करेंगे और मैं इस मुद्दे पर इससे इतर कुछ भी कहने नहीं जा रहा हूं."
इसी बीच जहां केंद्र सरकार संसद में चीन के मुद्दे पर चर्चा करने से बचती नज़र आ रही है, वहीं कांग्रेस ने पीएम मोदी को एक बार फिर उनके ही बयान से घेरने की कोशिश की है.
द टेलीग्राफ़ में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कांग्रेस ने गुरुवार को पीएम मोदी से पूछा है कि क्या उन्होंने साल 2015 में शीर्ष सैन्य कमांडरों से ये नहीं कहा था कि चीन भारत के लिए किसी तरह का ख़तरा नहीं है, जबकि ऐसा माना जा रहा था कि चीन भारत के लिए एक ख़तरे जैसा है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, "क्या ये सच है कि तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों ने साल 2015 में आईएनएस विक्रमादित्य पर हुई कंबाइन्ड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में आपको बताया था कि वे चीन को भारत के लिए सबसे बड़े ख़तरे के रूप में देखते हैं. इस पर आपने कहा कि आपको लगता है कि चीन भारत के लिए किसी तरह का ख़तरा नहीं है?"
कांग्रेस ने सवाल किया है कि 'क्या ये नज़रिया उपलब्ध साक्ष्यों के समक्ष आपके मतिभ्रम और अति उत्साह को नहीं दर्शाता है?'
इसके साथ ही कांग्रेस ने बीजेपी से पूछा है कि उनकी सरकारों में सीमा पर इस तरह की चौंकाने वाली घटनाएं क्यों होती हैं.
रमेश ने अपने इस सवाल को आधार देते हुए साल 1999 के कारगिल युद्ध का उदाहरण दिया और पूछा है कि क्या हमें चीनी आक्रामकता के बारे में वैसे पता चलेगा, जैसे कारगिल के बारे में पता चला था.

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यूपी के स्कूल में इक़बाल की कविता पर प्रिंसिपल के ख़िलाफ़ एफ़आईआर
उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में एक स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षा मित्र के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गयी है.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, एक वायरल वीडियो में बरेली के सरकारी स्कूल के बच्चे अपनी असेंबली प्रेयर के दौरान अल्लामा इक़बाल की कविता 'लब पे आती है दुआ मेरी' का पाठ करते नज़र आ रहे हैं.
इस वीडियो को लेकर विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेताओं ने एफ़आईआर दर्ज कराई है जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक पर धर्म परिवर्तन के लिए सरकारी स्कूल में स्टूडेंट्स से धार्मिक प्रार्थना का पाठ करवाने का आरोप लगाया गया है.
इसके बाद राज्य सरकार ने प्रिंसिपल नाहिद सिद्दीक़ी को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही प्रिंसिपल सिद्दीक़ी और शिक्षा मित्र वज़ीरुद्दीन के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं.
हालांकि, प्रिंसिपल नाहिद सिद्दीक़ी का कहना है कि जब यह घटना हुई तो वह स्कूल में नहीं थीं क्योंकि वह 12 दिसंबर से छुट्टी पर गई थीं.
बरेली के बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने कहा, "एक प्रार्थना पढ़ी जा रही थी जिसमें कुछ ऐसा कहा जा रहा था, "अल्लाह इबादत करना' यह निर्धारित प्रार्थना नहीं है इसलिए स्कूल के प्रिंसिपल नाहिद सिद्दीक़ी को निलंबित कर दिया गया है. मैंने शिक्षा मित्र के ख़िलाफ़ भी जांच के आदेश दिए हैं."
बता दें कि अल्लामा इक़बाल ने ही 'सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा...' लिखी थी.

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दिल्ली में चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार
दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में चार साल की एक बच्ची को अगवा कर उसके साथ बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया है.
अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इस बच्ची को संभवत: बुधवार शाम उसके घर के बाहर से अगवा किया गया. जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिली है, जिसमें एक युवक बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दे रहा है.
बच्ची के गायब होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
इसके अगले दिन गुरुवार सुबह बच्ची एक पार्क के पास गंभीर हालत में मिली.
इसके बाद बच्ची को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे रोहिणी स्थित आंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया है.
बच्ची की हालत नाज़ुक बनी हुई है. पुलिस ने पॉक्सो क़ानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
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