अडानी समूह का एनडीटीवी के लिए आएगा ओपन ऑफ़र, सामने आई तारीख- प्रेस रिव्यू

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जानेमाने कारोबारी गौतम अडानी के नियंत्रण वाले अडानी समूह ने मीडिया कंपनी एनडीटीवी में अतिरिक्त 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए ओपन ऑफ़र की नई तारीख तय कर दी है.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि अडानी का ओपन ऑफ़र अब 22 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और पांच दिसंबर को बंद होगा. इससे पहले अडानी समूह ने ओपन ऑफ़र के लिए 17 अक्टूबर से एक नवंबर की तारीख तय की थी.
विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) ने एएमजी मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड के साथ एनडीटीवी के 26 प्रतिशत यानी 1.67 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदने के लिए प्रस्ताव दिया है.
ये ओपन ऑफ़र 294 रुपये प्रति शेयर के भाव पर होगा.
अडानी समूह ने अगस्त में एनडीटीवी की अप्रत्यक्ष रूप से 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली थी. इसके बाद ओपन ऑफ़र का रास्ता खुल गया था.
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक सार्वजनिक शेयरधारकों के पास सितंबर 2022 तक कंपनी के 38.55 प्रतिशत शेयर थे.
अगर अडानी समूह का ओपन ऑफ़र कामयाब रहा तो एनडीटीवी में उसकी कुल हिस्सेदारी 55 फ़ीसदी से अधिक हो जाएगी.

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कैसे खरीदा एनडीटीवी?
प्रणॉय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय एनडीटीवी के संस्थापक और प्रोमोटर्स हैं.
प्रणॉय रॉय के नाम कंपनी में 15.94 फ़ीसदी हिस्सेदारी है, जबकि उनकी पत्नी राधिका रॉय का कंपनी में 16.32 फ़ीसदी हिस्सा है. प्रणॉय और राधिका आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोमोटर्स थे, इस कंपनी के पास एनडीटीवी के 29.18 फ़ीसदी शेयर थे.
साल 2008-09 में उन्होंने आरआरपीआर के ज़रिये वीसीपीएल से करीब चार अरब रुपये का क़र्ज़ लिया था.
इस क़र्ज़ के बदले वीसीपीएल को 29.18 फ़ीसदी रेहन में दिए गए थे. साथ ही ये विकल्प भी दिया गया था कि क़र्ज़ न चुका पाने की स्थिति में वे इन वाउचर्स का 99.5 फ़ीसदी हिस्सा इक्विटी में बदल सकते हैं.
ये क़र्ज़ 10 साल के लिए लिया गया था और इसकी अवधि 2019 में ख़त्म हो गई थी. लेकिन आरआरपीआर ने लिया गया क़र्ज़ नहीं चुकाया था. इसके बाद अडानी समूह ने वीसीपीएल को खरीद लिया जिससे आरआरपीएल के एनडीटीवी के शेयर अडानी समूह के पास आ गए.
अडानी समूह ने उसी समय ये भी बताया था कि वो 26 फीसीद अतिरिक्त हिस्सेदारी ओपन ऑफ़र के ज़रिए खरीदेगा. ये ओपन ऑफ़र 294 रुपये प्रति शेयर के भाव पर होगा, जो कि शेयर की मौजूदा क़ीमत से क़रीब 20 फ़ीसदी कम है.
शेयर बाज़ार की नियामक संस्था सेबी के नियमों के मुताबिक़, देश में लिस्टेड किसी भी कंपनी जिसके पास 25 फ़ीसदी या उससे ज़्यादा शेयर हैं उसे और हिस्सेदारी ख़रीदने के लिए ओपन ऑफ़र लाना अनिवार्य होता है जिससे कंपनी के माइनॉरिटी शेयर होल्डर पहले से तय क़ीमत पर अपने शेयर अपनी मर्ज़ी से नए निवेशक को बेच सकें.
एनडीवीटी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि वो इस संबंध में क़ानूनी विकल्प तलाश रहे हैं और उसके मुताबिक़ ही आगे की कार्रवाई करेंगे.

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भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने क्या कहा
अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी जेनेट येलेन ने कहा कि भारत रूस से जितना चाहे तेल खरीदना जारी रख सकता है.
उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारत जी-7 की तय की गई कीमतों से भी ज़्यादा पर तेल खरीद सकता है लेकिन इसके लिए उन्हें पश्चिमी सेवाओं का इस्तेमाल बंद करना होगा या कोई और सेवाएं ढूंढनी होंगी.
अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स ने मुताबिक जेनेट येलेन ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं.
येलने ने कहा कि जी-7 की सीमा ने रूस के मुनाफ़े को कम रखते हुए अब भी वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें कम रखी हैं. यूरोप अगर के सीमित कीमतों और मौजूदा कीमतों पर छूट का सहारा लिया बिना आयात रोक देता है तो रूस उतना तेल नहीं बेच पाएगा जितना वह अब बेचता है.
उन्होंने बताया, "यूरोपीय संघ के तेल ना खरीदने पर रूस के लिए तेल बेचना बहुत मुश्किल होने वाला है. तब उन्हें और खरीदारों की ज़रूरत होगी और कई खरीदार इसके लिए पश्चिमी सेवाओं पर निर्भर करते हैं."
चीन के अलावा भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है.

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नरोडा पाटिया से बीजेपी उम्मीदवार कौन?
बीजेपी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 160 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. इन सूची में नरोदा पाटिया से पायल कुकरानी को टिकट दिया है.
30 साल की पायल कुकरानी नरोदा पाटिया दंगा मामले में एक दोषी की बेटी हैं. उनके पिता को आजीवन कारावास की सज़ा हो चुकी है. पायल कुकरानी पेशे से एक डॉक्टर हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अहमदाबाद में बीजेपी दफ़्तर में एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पुष्टि की है कि पायल के पिता मनोज को नरोदा पाटिया दंगा मामले में दोषी पाया गया था. उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई थी लेकिन फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं.
इससे पहले ये सीट बीजेपी नेता माया कोडनानी और निर्मला वाधवानी के पास थी. पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी पर नरोदा पाटिया दंगा मामले में आरोप लगे थे लेकिन साल 2018 में उन्हें बरी कर दिया गया.
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