दुबई के सबसे महंगे घर के ख़रीदार क्या मुकेश अंबानी हैं?- प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Getty Images
दुबई में अब तक के सबसे महंगे घर का सौदा सुर्खियों में है. इस घर की कीमत लगभग 8 करोड़ डॉलर (640 करोड़ रुपये) बताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घर का ख़रीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को बताया जा रहा है. मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन हैं.
इकोनॉमिक टाइम्स ने इस ख़बर को, डील से जुड़े दो लोगों के हवाले से लिखा है.
अख़बार लिखता है, "पाम जुमेइराह की इस प्रॉपर्टी को इस साल की शुरुआत में मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी के लिए ख़रीदा गया था."
ये जानकारी, इस डील से जुड़े एक शख़्स ने नाम न छापने की शर्त पर अख़बार से साझा की है.
बीच-साइड (समुद्र-तट) पर मौजूद ये हवेली हाथ के आकार वाले मानव-निर्मित द्वीप समूह के उत्तरी हिस्से में है. इस मेंशन में 10 बेडरूम हैं, एक निजी स्पा है, इनडोर और आउटडोर पूल है.
स्थानीय मीडिया में इस मेंशन के बिकने की चर्चा तो है लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि इसका ख़रीदार कौन है.
धनाढ्य लोगों के बीच दुबई एक लोकप्रिय बाज़ार के रूप में उभरा है. इसका एक बड़ा कारण गोल्डन वीज़ा तो है ही साथ ही विदेशियों के घर ख़रीदने पर प्रतिबंधों में मिलने वाली ढील ने भी दूसरे देशों के लोगों को यहां निवेश करने के लिए आकर्षित किया है.
ब्रिटिश फ़ुटबॉलर डेविड बेकहम अपनी पत्नी विक्टोरिया के साथ, और बॉलीवुड में किंग ख़ान के नाम से मशहूर शाहरुख ख़ान, अंबानी के इस घर के पड़ोसी होंगे.
अनंत अंबानी, मुकेश अंबानी के तीन बच्चों में सबसे छोटे हैं. मुकेश अंबानी अब धीरे-धीरे अपने कारोबार की बागडोर अपने बच्चों के हाथ में सौंप रहे हैं. अंबानी परिवार रीयल-एस्टेट में अपना दख़ल बढ़ा रहा है. अख़बार से बात करने वाले सूत्र के मुताबिक़, मुकेश अंबानी के तीनों ही बच्चे अपने दूसरे घर के लिए पश्चिमी देशों को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.
पिछले साल रिलायंस ने 79 मिलियन डॉलर में ब्रिटेन स्थित स्ट्रोक पार्क लिमिटेड के लिए डील की थी. माना जाता है कि ये डील मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी के लिए हुई थी.
इस शख़्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आकाश की जुड़वां बहन ईशा अंबानी अपने लिए न्यूयॉर्क में घर तलाश रही हैं.
मुकेश अंबानी का मुंबई स्थित घर एंटीलिया भारत की सबसे मशहूर इमारतों में से एक है. 27 माले के इस घर में तीन हैलीपैड, 168 कारों के लिए पार्किंग और 50 सीटों वाला एक मूवी-थिएटर है. इसके अलावा एंटीलिया में एक भव्य बॉलरूम और नौ एलिवेटर्स भी हैं.
अख़बार लिखता है कि उन्होंने दुबई की प्रॉपर्टी की सौदे के संदर्भ में रिलायंस से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.

इमेज स्रोत, Getty Images
उत्तर प्रदेश: गाय को ले जाने, ले आने के लिए परमिट की ज़रूरत नहीं
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश राज्य के दायरे में गाय या गौ-वंश को ले आना या ले जाना गौ-हत्या अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं है.
जस्टिस मोहम्मद असलम की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर गाय और गौ-वंश को ले जाने के लिए किसी परमिट की ज़रूरत नहीं है.
इसके साथ ही, अदालत ने वाराणसी के ज़िला-मजिस्ट्रेट के पारित एक आदेश को भी रद्द कर दिया है. इसमें वाराणसी के मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया था कि बिना वैध अनुमति के कथित गौ-हत्या के उद्देश्य से जानवरों को ले जा रहे वाहन को ज़ब्त किया जाए.
द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, वाराणसी हाईकोर्ट के ज़िला-मजिस्ट्रेट ने मोहम्मद शाक़िब नाम के एक शख़्स के ट्रक को ज़ब्त किया था, जिसके बाद शाक़िब ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.
इस मामले में दर्ज एफ़आईआर में दावा किया गया था कि ट्रक में मौजूद गायों को मारने के लिए ले जाया जा रहा था. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस असलम ने आदेश दिया कि 20 महीने से पुलिस के कब्ज़े में मौजूद ट्रक को छोड़ा जाए.
शाक़िब ने अपनी याचिका में कहा था कि वे ट्रांसपोर्ट के बिज़नेस में है. दिसंबर 2020 में, चंदौली ज़िले के सईदराजा पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर बिना परमिट के गायों को ले जाने के आरोप में उनके वाहन को ज़ब्त कर लिया था.

इमेज स्रोत, Getty Images
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने प्रधानमंत्री मोदी
मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में चुना गया है.
दैनिक हिंदुस्तान की ख़बर के अनुसार, इसमें 22 बड़े नेताओं का आकलन किया गया है.
75 फ़ीसदी रेटिंग के साथ मोदी सबसे आगे रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 41 फ़ीसद के साथ पांचवे स्थान पर हैं. वहीं मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्रेडोर दूसरे स्थान पर हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
वॉट्सऐप की निजता-नीति ने उपयोगकर्ताओं को समझौता करने के लिए मजबूर किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि वॉट्सऐप की 2021 की निजता-नीति उसके उपयोगकर्ताओं को अपनाओ या छोड़ दो की स्थिति में डाल देती है और विकल्पों का भ्रम पैदा करके समझौता करने के लिए उन्हें एक तरह से मजबूर ही करती है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि वॉट्सऐप यूज़र का डेटा अपनी मूल कंपनी मेटा के साथ साझा करता है.
हाई कोर्ट ने उस आदेश के ख़िलाफ़ वॉट्सऐप और फ़ेसबुक की अपीलें गुरुवार को निरस्त कर दीं, जिनमें वॉट्सऐप की 2021 की नई निजता नीति की जांच से संबंधित भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के आदेश को चुनौती देने वाली अर्जी ख़ारिज कर दी गई थी.
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि 22 अप्रैल 2021 को सुनाया गया एकल पीठ का फ़ैसला उचित था और इन अपीलों में कोई दम नहीं है.
ये भी पढ़ें
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














