ऑक्सफ़ोर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने क्या वाक़ई दिया था विवेक अग्निहोत्री को न्योता?

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- Author, प्रशांत शर्मा
- पदनाम, बीबीसी डिसइंफ़ॉर्मेशन यूनिट
'द कश्मीर फ़ाइल" फ़िल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री का एक वीडियो मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ-साथ न्यूज़ चैनलों पर भी प्राइम टाइम चर्चा का विषय बना हुआ है.
31 मई की शाम क़रीब पांच बजे विवेक अग्निहोत्री अपने सोशल मीडिया ट्विटर और फ़ेसबुक पर दो मिनट 14 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट करते हैं जिसमें वे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में होने वाले अपने कार्यक्रम के रद्द होने और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हुए अपने एक सेशन में वीडियो रिकॉर्डिंग ना होने पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हैं.
वीडियो में विवेक अग्निहोत्री कहते हैं, "जैसा की आप सब जानते है कि मैं इस समय यूरोप में 'ह्यूमैनिटी टूर' पर हूँ. मुझे कई प्रतिष्ठित संस्थानों, जैसे कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश संसद ने बोलने के लिए आमंत्रित किया है. पर जब मैं कैंब्रिज यूनिवर्सिटी पहुँचा तो आख़िरी समय पर मुझे बताया गया कि आप कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कर सकते."
अग्निहोत्री कहते हैं कि "ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कुछ पाकिस्तानी और मुस्लिम छात्रों ने मेरे कार्यक्रम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया क्योंकि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक हूँ."
वीडियो में आगे विवेक को कहते सुना जा सकता है, "आज मुझे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी जाना था जहां ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन ने मुझे बोलने के लिए बहुत पहले से ही आमंत्रित किया था. पर आख़िरी समय में उन्होंने मेरा कार्यक्रम ये कहते हुए रद्द कर दिया कि 31 मई को ग़लती से दो सेशन की बुकिंग हो गई थी जिसके चलते आपका कर्यक्रम 31 मई की जगह 1 जून को कर दिया गया है"
विवेक अग्निहोत्री आगे कहते हैं, "उन्होंने मेरा कार्यक्रम रद्द कर दिया. लेकिन वास्तव में, उन्होंने हिंदू नरसंहार और हिंदू छात्रों की आवाज़ को रोका है जो कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में अल्पसंख्यक हैं."
उन्होंने आगे कहा, "ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने अध्यक्ष के तौर पर जिसे चुना है, वो एक पाकिस्तानी है. कृपया मेरे इस सबसे कठिन लड़ाई को सबके साथ साझा करें और मेरा समर्थन करें."
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सोशल मीडिया पर वायरल होने के अलावा ये मुद्दा अब मीडिया जगत की भी प्रमुख ख़बर बनकर उभर है जिस पर देश के बहुत से न्यूज़ चैनलों ने प्राइम टाइम बहस तक की है.

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अभिनेता अनुपम खेर ने भी अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो को साझा करते हुए यूनिवर्सिटी में विवेक अग्निहोत्री के रद्द हुए कार्यक्रम के घटना की निंदा की.
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बीबीसी ने जब पूरे मामले की पड़ताल की तो पाया की "'द कश्मीर फ़ाइल" फ़िल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री द्वारा किये गए दावे भ्रामक हैं और पूरी तरह से सच नहीं है.
क्या है पूरा मामला?
विवेक अग्निहोत्री इस समय अपने 'ह्यूमैनिटी टूर' पर हैं. जिसकी जानकारी उन्होंने 26 मई को एक पोस्टकार्ड न्यूज़ के ज़रिये अपने सोशल मीडिया से दी थी.
पोस्टकार्ड न्यूज़ के अनुसार विवेक अग्निहोत्री 28 मई 2022 से 26 जून 2022 तक यूरोप, जर्मनी और निदरलैंड्स जैसे देशों के दौरे पर हैं जहाँ उनके बहुत से कार्यक्रम होने हैं.

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विवेक अग्निहोत्री वीडियो में दावा करते हैं कि उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के फिट्ज़ विलियम कॉलेज और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया था. जिसके बाद कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी वाले कार्यक्रम में उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करने दी गयी और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की यूनियन ने उनका तय कार्यक्रम रद्द कर दिया.
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के फिट्ज़ विलियम कॉलेज में आयोजित हुए कार्यक्रम को लेकर त्रिशंत सिमलाई नामक एक ट्विटर यूज़र ने फिट्ज़ विलियम कॉलेज का एक ट्वीट साझा कर दावा किया है, "विवेक अग्निहोत्री का व्याख्यान केवल एक निजी कार्यक्रम है जिसका कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी या कॉलेज से कोई सम्बन्ध नहीं है और ये बात कॉलेज की तरफ़ से बहुत बार उनकी टीम को बता दी गई थी, बावजूद इसके विवेक इसे जान बूझकर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का कार्यक्रम बता रहे हैं."
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तो क्या कैंब्रिज ने विवेक को नहीं दिया था न्यौता?
बीबीसी ने जब विवेक अग्निहोत्री से पूछा कि क्या उन्हें आधिकारिक तौर पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने आमंत्रित किया था जैसा कि वे दावा कर रहे हैं या वे किसी निजी कार्यक्रम को कैम्ब्रिज का आधिकारिक कार्यक्रम बता रहें हैं, जैसा की सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है.
सवाल का जवाब देते हुए अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर चल रही उनके कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी कार्यक्रम की ख़बर को फ़ेक न्यूज़ बताकर इस पर आगे जवाब देने से मना कर दिया.
बीबीसी ने मामले की पड़ताल करने के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के फिट्ज़ विलियम कॉलेज से संपर्क किया.

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बीबीसी द्वारा ईमेल पर पूछे गए सवालों का आधिकारिक जवाब देते हुए कॉलेज की जन संचार निदेशक निकोला ने कहा, "कॉलेज ने 30 मई 2022 के लिए लार्ड राणा फ़ाउंडेशन से एक कार्यक्रम की बुकिंग स्वीकार की थी जो पूरी तरह से निजी और व्यावसायिक थी. कॉलेज विवेक अग्निहोत्री के कार्यक्रम से किसी भी तरह का कोई सम्बंध नहीं रखता है और इस बात की जानकारी उन्हें कॉलेज के ट्विटर हैंडल द्वारा भी दी गई थी."

वीडियो रिकॉर्डिंग के सवाल पर निकोला कहती हैं, "किसी भी कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता होती है, और विवेक अग्निहोत्री के कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई थी."
अपनी पड़ताल में बीबीसी डिसइंफ़ॉर्मेशन यूनिट ने पाया कि विवेक अग्निहोत्री को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी या फिट्ज़ विलियम कॉलेज ने आमंत्रित नहीं किया था बल्कि वह राणा फ़ाउंडेशन के एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुँचे थे जो कॉलेज के ही एक इवेंट हॉल में आयोजित किया गया था.
क्या है ऑक्सफ़ोर्ड के पीछे की कहानी?
फ़िल्म निर्देशक ने दावा किया कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने पहले उन्हें ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन में बोलने के लिए आमंत्रित किया और फिर आख़िरी मौक़े पर तय कार्यक्रम को रद्द कर दिया और बिना बताए कार्यक्रम की तारीख़ को 31 मई से 1 जून कर दिया गया.
विवेक वीडियो में कहते हैं, "ये वही ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी है जिसने इंदिरा गाँधी और भुट्टो जैसे तानाशाह और बहुत से अफ्रीकी कट्टरपंथियों की मेज़बानी की है, मैं इनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करूँगा."
विवेक अग्निहोत्री ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.

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बीबीसी ने मामले की पड़ताल के लिए सीधे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया और विवेक अग्निहोत्री द्वारा किये गए दावों का सच जानना चाहा.
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के जन संचार निदेशक स्टीफ़ेन ने आधिकारिक तौर पर बीबीसी को ईमेल कर कहा, "ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन एक निजी और स्वतंत्र वाद-विवाद संस्था है और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय का हिस्सा नहीं है. ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय का यूनियन पर कोई नियंत्रण नहीं है."

यूनिवर्सिटी के जवाब के बाद हमने ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन की आधिकारिक वेबसाइट को चेक किया और पाया कि ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन एक स्वतंत्र वाद-विवाद संस्था हैं. इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार इस संस्था के ज़्यादातर सदस्य ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से आते हैं पर ये संस्था यूनिवर्सिटी का हिस्सा नहीं है और इसकी सदस्यता कोई भी व्यक्ति ले सकता है.
बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया कि विवेक अग्निहोत्री को ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने किसी भी कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया था और ना ही ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी का हिस्सा है. इसलिए यूनियन द्वारा दिए गए किसी आमंत्रण को ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी का आधिकारिक आमंत्रण नहीं माना जा सकता है.
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