असम: थाने में आग लगाने वाले 'अभियुक्तों' के घरों पर चला बुलडोज़र

तोड़े गए घर

इमेज स्रोत, Dilip Sharma/BBC

    • Author, दिलीप कुमार शर्मा
    • पदनाम, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

असम के नौगांव जिले के बटद्रवा थाने में शनिवार को तोड़फोड़ करने और आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए कई अभियुक्तों के घरों को ध्वस्त कर दिया है. प्रशासन ने रविवार सुबह ये कार्रवाई की.

सालानाबोड़ी गांव के रहने वाले 39 साल के एक मछली विक्रेता सोफिकुल इस्लाम की शनिवार को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. जिसके बाद उनके गांव के नाराज़ लोगों की भीड़ ने बटद्रवा थाने पर हमला कर दिया. हालांकि, पुलिस ने आरोपों को ग़लत बताया है. इस मामले में थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की वजह की जानकारी के लिए न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं.

पुलिस थाने पर हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जहां भीड़ को पुलिस वाहनों में आग लगाते देखा जा सकता है. इस मामले में पुलिस ने कई महिलाओं को भी पकड़ा है.

असम पुलिस ने अब तक इस मामले में 21 लोगों को हिरासत में लिया है. इन सभी पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के भी आरोप है. हालांकि असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है जबकि सात लोगों को शिनाख्त करने के बाद गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस की एक टीम थाने पर हमले से जुड़े सभी वीडियो फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके. पुलिस का कहना है कि करीब 40 लोगों की भीड़ थाने पर हमला करने आई थी.

सालानाबोड़ी गांव के एक शख्स ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि प्रशासन के लोग जेसीबी बुलडोज़र के साथ रविवार की सुबह गांव में दाख़िल हुए और उन लोगों ने कई घरों को ध्वस्त कर दिया. हालांकि प्रशासन की तरफ़ से अभी ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि घर तोड़ने की कार्रवाई किस आधार पर हुई है.

बीबीसी ने इस संबंध में ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका.

पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत

इमेज स्रोत, Dilip sharma

इमेज कैप्शन, पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत

पुलिस महानिदेशक ने क्या कहा?

उधर, पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने बटद्रवा थाने का मुआयना किया और पत्रकारों को बताया,"हम मामले की जांच कर रहें है.अभी इस घटना में जिहादी शब्द का प्रयोग करना सही नहीं होगा. लेकिन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम नामक बांग्लादेश के प्रतिबंधित जिहादी समूह के कई सदस्यों को हाल ही में हमारी पुलिस ने पकड़ा है.अंसारुल्ला बांग्ला टीम भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा के लिए एक फ्रंट ग्रुप है इसके कई सदस्यों को हम त्रिपुरा से पकड़ कर लाए है."

"नौगांव जिले के कई इलाकों में भी इस समूह के लामबंदी की कुछ बातों का पता चला है. लेकिन यहां का आम मुसलमान इस समूह का समर्थन नही करता है."

उन्होंने कहा, "बात जहां तक बटद्रवा थाने को आग लगाने की है तो शुरुआती जांच में पता चलता है कि भीड़ में कुछ लोग हमले की पूरी योजना के साथ आए थे. इस हमले के लिए लोगों को संगठित किया गया है.क्योंकि लोग पेट्रोल लेकर आए थे. आगे की जांच में यह भी देखना होगा कि इस हमले में पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया है या नहीं. पुलिस ने हमला करने आए लोगों में कुछ चेहरों की पहचान की है जिनमें ड्रग पेडलर अनवर और कुख्यात डकैत अलाउद्दीन शामिल है. ऐसा संदेह है कि इस घटना की आड़ में ये अपराधी पुलिस थाने में मौजूद सबूतों को नष्ट करने की योजना के तहत आए थे. इस पूरे मामले की जांच करने के लिए एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया जाएगा. इसके अलावा पुलिस की भूमिका की अलग से जांच करने के लिए दूसरे जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को नियुक्त किया गया है."

तोड़े गए घर

इमेज स्रोत, Dilip Sharma/BBC

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?

जिन लोगों के घरों पर बुलडोज़र चलाया गया है वे कथित तौर पर शनिवार को बटद्रवा पुलिस स्टेशन में आग लगाने वाले मामले में अभियुक्त हैं. पुलिस ने थाने पर हमला करने के आरोप में जिन लोगों को अबतक गिरफ्तार किया है इसमें मुजीबुर रहमान को मुख्य अभियुक्त बताया जा रहा है.

सोलानाबोड़ी में रहने वाले अब्दुल इस्लाम (बदला हुआ नाम) कहते है," प्रशासन के लोग सुबह भारी पुलिस बल के साथ गांव में आए थे और उन्होंने मुजीबुर रहमान के दो पक्के मकान और एक कच्चे घर को तोड़ दिया. उसके अलावा इमान अली के उस मकान को भी ध्वस्त किया गया है जो सरकार ने दिया था."

इस्लाम कहते हैं, " उन लोगों ने मृतक सोफिकुल इस्लाम के कच्चे घर को भी गिरा दिया गया है. पुलिस ने सोफिकुल की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. जिन लोगों पर कार्रवाई हो रही है वे सभी थाने पर किए गए हमले के अभियुक्तों के रिश्तेदार है. गांव में आतंक का माहौल है और कई लोग भय से गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं."

वीडियो कैप्शन, बुलडोज़र अभियान और हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर उमर अब्दुल्लाह ने उठाए सवाल

पुलिस ने आरोपों को ग़लत बताया

सफीकुल के परिवार ने पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि सोफिकुल को शुक्रवार की रात पुलिस पकड़कर थाने ले गई थी जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और हिरासत में ही उनकी मौत हो गई.

हालांकि नौगांव पुलिस ने परिवार के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है. नौगांव ज़िले की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने इस घटना को लेकर पत्रकारों से बातचीत में कहा, " सोफिकुल नामक इस व्यक्ति को भुमुरागुरी में कुछ लोगों ने नशे की हालत में पाया था. 20 मई की रात साढ़े 9 बजे उनके नशे में होने की शिकायत मिलने पर पुलिस उसे थाने ले आई और परिजनों को जानकारी दे दी गई. उसके परिवार के सदस्य सुबह जब थाने आए तो उसे कुछ खाना भी खिलाया. लेकिन जब वह बीमार महसूस करने लगा तो उसे नज़दीकी जन स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया. फिर वहां से उसे नौगांव अस्पताल रेफर कर दिया गया. लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें मृत घोषित कर दिया गया."

तोड़े गए घर

इमेज स्रोत, Dilip Sharma/BBC

न्यायिक जांच के आदेश

असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने भी सोफिकुल को नशे की हालत में बटद्रवा थाने लाने की बात कही है. पुलिस महानिदेशक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दूसरे दिन जब उनकी पत्नी थाने आई तो उन्हें छोड़ दिया गया था.

पुलिस महानिदेशक ने कहा, "इस दुर्भाग्यपूर्ण मौत की घटना को बहुत गंभीरता से लेते हुए बटद्रवा थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है और बाकी के स्टाफ़-कर्मचारियों को लाइन हाज़िर कर दिया गया है.अगर हमारी पुलिस की ओर से कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच की जाएगी और दोषियों को क़ानून के अनुसार दंडित किया जाएगा."

पुलिस का कहना है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनमें से कई का आपराधिक रिकॉर्ड है.

वीडियो कैप्शन, बुलडोज़र कैसे बना और इसका असली नाम क्या है?

पुलिस महानिदेशक ने कहा, "कुछ स्थानीय दुष्ट तत्वों ने क़ानून अपने हाथ में ले लिया और थाने को जला दिया. जिस तैयारी के साथ उन लोगों ने पुलिस बल पर क्रूर और संगठित हमला किया उसने हमें गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है. दोषी पाए गए किसी भी पुलिसकर्मी को छोड़ा नहीं जाएगा और उन तत्वों के ख़िलाफ़ और भी सख्त कार्रवाई करेंगे जो सोचते हैं कि वे पुलिस थानों को जलाकर भारतीय न्याय प्रणाली से बच सकते हैं."

नौगांव ज़िला प्रशासन ने सोफिकुल इस्लाम की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)