खरगोन में जिस मुस्लिम महिला के घर पर चला बुलडोज़र उसका पुनर्वास करेगी सरकार - प्रेस रिव्यू

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मध्य प्रदेश के खरगोन में जिस मुस्लिम महिला का घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना था और जिसे ढहा दिया गया था, अब उस परिवार से प्रशासन ने संपर्क किया है.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि राज्य के प्रशासन ने उनसे संपर्क किया, उन्हें राशन मुहैया कराया और उनके पुनर्वास के विकल्पों पर चर्चा की.
अख़बार लिखता है कि 13 अप्रैल को उसकी एक ख़ास रिपोर्ट में बताया गया था कि 60 वर्षीय हसीना फ़ख़रू समेत 12 घरों को अवैध संपत्ति बताते हुए ढहा दिया गया था.
ज़िला प्रशासन की यह कार्रवाई राम नवमी के जुलूस के बाद भड़की हिंसा के एक दिन बाद की गई थी.
शनिवार को ज़िला प्रशासन के अधिकारी फ़ख़रू और उनके परिवार से मिले जो कि एक ख़ाली पड़ी हुई मस्जिद में शरण लिए हुए हैं. प्रशासन ने उन्हें राशन मुहैया कराया और परिवार के सदस्यों के अंगूठों के निशान लिए और उन्हें एक मल्टिप्लेक्स में भेजने की सूचना दी.
हसीन फ़ख़रू के बेटे अमजद ख़ान ने बताया कि उन्होंने मल्टीप्लेक्स में जाने से इनकार कर दिया क्योंकि वो इमारत एक 'सांप्रदायिक इलाक़े' में है.
खरगोन की ज़िला कलेक्टर अनुग्रहा पी ने अख़बार को बताया कि 'सरकार परिवार का पुनर्वास करेगी.'

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जहांगीरपुरी हिंसा मामले में 23 गिरफ़्तार, अधिकतर का है आपराधिक रिकॉर्ड
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कहा है कि वो इस मामले में 'एक बड़ी साज़िश' के एंगल से जांच कर रही है.
'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' अख़बार लिखता है कि पुलिस ने 23 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें दो नाबालिग हैं. पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ़्तार किया है जिनका नाम अंसार और असलम हैं.
अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि पुलिस की जांच साल 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के अभियुक्तों के साथ संबंधों और सीएए-एनआरसी के प्रदर्शनों से जोड़कर भी की जा रही है. साथ ही जांच के केंद्र में रोहिंग्या और बांग्लादेशी आप्रवासियों का मुद्दा भी है.
पुलिस कई ख़ुफ़िया एजेंसियों का भी सहारा ले रही है और उसका कहना है कि अधिकतर गिरफ़्तार किए गए लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड भी है.

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कश्मीर में 'राजद्रोही' लेख लिखने के लिए पीएचडी का छात्र गिरफ़्तार
जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने रविवार को कश्मीर यूनिवर्सिटी के एक पीएचडी स्कॉलर को ऑनलाइन मैगज़ीन में 'अत्यधिक उत्तेजक और राजद्रोही' लेख लिखने पर गिरफ़्तार किया है.
'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' अख़बार लिखता है कि अब्दुल आला फ़ाज़िली को SIA ने उनके निवास स्थान से गिरफ़्तार किया. एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकी और देश विरोधी नेटवर्क्स के ख़िलाफ़ एजेंसी के अभियान के तहत की गई है.
अख़बार एक अधिकारी के हवाले से लिखता है कि फ़ाज़िली और मासिक डिजिटल मैगज़ीन 'द कश्मीर वाला' के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) और आईपीसी की कई धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज हैं जिसके बाद SIA को इन मामलों की जांच के लिए कहा गया था.
अधिकारी ने बताया कि राजबाग़ में 'द कश्मीर वाला' के दफ़्तर और फ़ाज़िली के निवास पर छापेमारी की गई और सौरा से मैगज़ीन के संपादक फ़हद शाह को गिरफ़्तार किया गया.

शुरू हो सकती है प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक पारी
'अमर उजाला' अख़बार लिखता है कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर अपनी नई राजनीतिक पारी मई के पहले सप्ताह में शुरू कर सकते हैं. वह कांग्रेस में कब और कैसे शामिल होंगे इसका फ़ैसला उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया है.
अख़बार लिखता है कि प्रशांत किशोर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी समेत सभी प्रमुख नेताओं के साथ हुई बैठक में यह बात साफ़ कर दी है कि उन्हें पार्टी में कोई पद नहीं चाहिए और न ही उनकी कोई शर्त है.
हालांकि, उन्होंने यह साफ़ किया है कि कांग्रेस को 2024 लोकसभा चुनावों में भाजपा के मुकाबले मज़बूती से लड़ने के लिए तैयार करने की जो योजना उन्होंने पेश की है, वो उससे कोई समझौता नहीं करेंगे.
अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि अब इस मुद्दे पर सोनिया गांधी को अंतिम निर्णय लेना है कि प्रशांत किशोर की इस योजना को लागू करने के लिए पार्टी किस हद तक तैयार है.
शनिवार को सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ पर सोनिया, राहुल, प्रियंका गांधी के साथ ही कांग्रेस के क़रीब 15 शीर्ष नेताओं के साथ प्रशांत किशोर की चार घंटे बैठक हुई थी. इस लंबी बैठक में पार्टी को भाजपा के मुकाबले लड़ाई के लिए तैयार करने की प्रशांत किशोर की योजना पर गहन मंथन हुआ.
अख़बार लिखता है कि प्रशांत किशोर ने इस दौरान अपनी योजना का विस्तृत ब्यौरा एक प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से सबके सामने रखा और फिर कांग्रेस नेताओं के सवालों के जवाब भी दिए.
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