भारत में जेसीबी के बुलडोज़र पर बैठ क्यों घिर गए ब्रितानी पीएम बोरिस जॉनसन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन गुरुवार को भारत के दो दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुँचे थे.

ब्रिटिश पीएम का भारत दौरा इससे पहले दो बार टल चुका था और यह दौरा बहुप्रतीक्षित था.

बोरिस जॉनसन इस बार भारत तब पहुँचे हैं, जब यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण भारत पर पश्चिमी देशों का दबाव है और भारत के भीतर भी कई घरेलू मुद्दों को लेकर हलचल है.

21 अप्रैल को बोरिस जॉनसन भारत पहुँचे और 16 अप्रैल को ही दिल्ली के जहांगीरपुरी में सांप्रदायिक झड़प हुई थी.

इसके बाद जहांगीरपुरी में ही बीजेपी शासित दिल्ली नगर निगम ने 'अवैध निर्माण' के ख़िलाफ़ 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' चलाया. इस 'अभियान' में बुलडोज़र का इस्तेमाल किया गया.

इससे पहले भी बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक झड़प हुई थी और यहाँ भी प्रशासन ने बिना दोषी साबित हुए अभियुक्तों के घरों पर बुलडोज़र चलाया था.

भारत के मीडिया में सरकारी बुलडोज़रों को लेकर जब बहस तेज़ थी तभी गुरुवार को गुजरात में वडोदरा के पास हलोल इंडस्ट्रियल इलाक़े में ब्रिटिश पीएम ने एक जेसीबी फैक्ट्री का उद्घाटन किया.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन

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बोरिस जॉनसन की वायरल तस्वीर

इस उद्घाटन के दौरान ब्रिटिश पीएम की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रही है.

इस तस्वीर में बोरिस जॉनसन जोसीबी की ड्राइवर सीट पर बैठे हैं.

ब्रितानी प्रधानमंत्री की इस फ़ोटो पर बहस न केवल भारत में सोशल मीडिया पर हो रही है बल्कि ब्रिटेन के मीडिया और सोशल मीडिया पर भी हो रही है.

ब्रिटेन के प्रमुख अख़बार द इंडिपेंडेंट ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ब्रिटिश पीएम जब भारत पहुँचे तभी दिल्ली के मुसलमान बहुल इलाक़े में जेसीबी से घर और दुकान तोड़े गए. जहाँगीरपुरी में जेसीबी मशीन से घरों और दुकानों की तोड़फोड़ को सांप्रदायिक हिंसा से भी जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन दिल्ली के प्रशासन ने इससे इनकार किया है. लेकिन इस बीच ब्रिटिश पीएम के जेसीबी पर बैठने वाली तस्वीर को लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने जेसीबी फैक्ट्री में जाने का दुर्भाग्यपूर्ण समय चुना.

जहांगीरपुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

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सोशल मीडिया पर किसने क्या कहा

जेसीबी के जिस नए प्लांट का ब्रिटिश पीएम ने उद्घाटन किया वह, ब्रिटेन की ही कंपनी जोसेफ़ सिरील बैमफ़र्ड एक्स्कवेटर लिमिटेड है. भारत के राजनीतिक टिप्पणीकारों ने भी बोरिस जॉनसन के जेसीबी फैक्ट्री के उद्घाटन पर सवाल खड़े किए.

लोगों ने कहा कि जिस जेसीबी प्लांट का ब्रिटिश पीएम उद्घाटन कर रहे हैं, उसी से दिल्ली के जहाँगीरपुरी में मुसलमानों की संपत्तियों को निशाना बनाया गया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने जेसीबी की तोड़फोड़ की तस्वीरें पोस्ट की हैं और उसमें कंपनी के लोगो को प्रमुखता से चिह्नित किया गया है. बुलडोज़र की तोड़फोड़ के दौरान कई लोगों के रोते चेहरे भी हैं.

हार्डन्यूज़ मैगज़ीन के संपादक संजय कपूर ने ट्वीट कर लिखा है, "ग़ज़ब की विडंबना है! ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन हलोल में बुलडोज़र बनाने के प्लांट का उद्घाटन करेंगे जबकि सुप्रीम कोर्ट प्रशासन की ओर से बुलडोज़र के इस्तेमाल पर संवैधानिक हदों का संज्ञान ले रहा है."

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पत्रकार दानिश ख़ान ने लिखा है, "दिल्ली में इस तरह की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं. दिलचस्प है कि इन्हीं तस्वीरों के बीच ब्रिटिश पीएम गुजरात में जेसीबी प्लांट का उद्घाटन करेंगे."

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लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद नाज़ शाह ने भी ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन के भारत दौरे को लेकर कई सवाल पूछे हैं.

नाज़ शाह ने ट्वीट कर कहा है, "भारत दौरे पर गए बोरिस जॉनसन के लिए मेरा संदेश है कि हमारे मुल्क की विदेश नीति केवल व्यापार और अंतरराष्ट्रीयवाद पर आधारित नहीं होनी चाहिए बल्कि मानाधिकार भी अहम है."

"मेरा अनुरोध है कि ब्रिटिश सरकार पीएम मोदी के सामने इस्लामोफ़ोबिया का मुद्दा भी उठाए. ब्रिटिश सरकार दुनिया भर में मानवाधिकारों की वकालत करती है, ऐसे में भारत में मुसलमानों के ख़िलाफ़ बढ़ती नफ़रत पर चुप नहीं रह सकती है."

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मानवाधिकारों को लेकर काम करने वाली संस्था एमनेस्टी इंडिया ने भी ट्वीट कर ब्रिटिश पीएम पर निशाना साधा है.

एमनेस्टी इंडिया ने अपने ट्वीट में कहा है, "एक ओर उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहाँगीरपुरी में मुसलमानों के घर और दुकान जेसीबी बुलडोज़र से तोड़े गए तो दूसरी तरफ़ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने गुजरात में एक जेसीबी फैक्ट्री का उद्घाटन किया. यह ने केवल उपेक्षा है बल्कि एक अहम घटना पर उनकी चुप्पी भी है."

एमनेस्टी ने कहा है, "भारतीय प्रशासन हर दिन मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. ब्रिटेन की सरकार को तमाशबीन नहीं बने रहना चाहिए. ब्रिटिश पीएम को भारत में मानवाधिकारों पर भी बात करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद तोड़फोड़ जारी रही. यहाँ तक कि जहाँगीरपुरी में लोगों को अपनी संपत्तियां हटाने का भी समय नहीं दिया गया. यह जीविका के अधिकार पर हमला है."

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ब्रॉउन यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे भानू जोशी ने दिल्ली में तोड़फोड़ के लिए अवैध निर्माण के तर्क को ख़ारिज करते हुए लिखा है, "दिल्ली में अनाधिकृत क्या है? दिल्ली सरकार के डेटा के अनुसार, केवल 23 फ़ीसदी ही सुनियोजित कॉलोनी हैं. 77 फ़ीसदी अनाधिकृत हैं. क्या बाक़ी के दो नगर निगम 75 फ़ीसदी पर भी बुलडोज़र चलाएंगे?"

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बोरिस जॉनसन ने क्या कहा?

बोरिस जॉनसन ने गुजरात दौरे पर यूके के मीडिया से बातचीत में कहा है कि वह पीएम मोदी के सामने प्रेस पर पाबंदी, अप्लसंख्यकों की सुरक्षा मुख्य रूप से मुसलमानों के घरों को बुलडोज़र से नष्ट करने का मुद्दा उठाएंगे.

ब्रिटिश पीएम ने कहा, "हमने हमेशा मुश्किल मुद्दे उठाए हैं और ज़ाहिर है हम ऐसा करते हैं लेकिन यह तथ्य है कि भारत 1.35 अरब लोगों का देश है और यह लोकतांत्रिक है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है."

बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने बुलडोज़र के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा है, "यह भारत पर निर्भर करता है कि किसी उपकरण का इस्तेमाल कैसे करता है."

बोरिस जॉनसन

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पीएम जॉनसन के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया है कि जेसीबी कंपनी के बॉस लॉर्ड बैमफ़र्ड कंजरर्वेटिव पार्टी के बड़े डोनर हैं इसलिए ब्रिटिश पीएम प्लांट का उद्घाटन करने गुजरात गए थे. उन्होंने कहा कि यह कंपनी ब्रिटेन की है इसलिए वहाँ पीएम गए थे.

ब्रिटिश अख़बार टेलिग्राफ़ में दक्षिण एशिया के संवाददाता जो वॉलेन ने ट्वीट कर कहा है, "पिछले हफ़्ते भारतीयों ने देखा कि जेसीबी बुलडोज़रों से गुजरात, दिल्ली और मध्य प्रदेश में अवैध रूप से मुसलमानों के घर और दुकान गिराए गए थे. इसी बीच बोरिस जॉनसन ने गुजरात में जेसीबी प्लांट का उद्घाटन किया."

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ब्रिटिश अख़बार टेलिग्राफ़ के अनुसार, जेसीबी के मालिक लॉर्ड बैमफर्ड से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की नज़दीकी है.

बैमफ़र्ड ने 2019 में कंजर्वेटिव नेतृत्व का समर्थन किया था. अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, लॉर्ड बैमफर्ड ने 2001 से अब तक एक करोड़ पाउंड कैश और गिफ़्ट कंजर्वेटिव पार्टी को दिये हैं.

अख़बार से दिल्ली स्थित सेंटर फोर पॉलिसी रिसर्च के सीनियर फेलो सुशांत सिंह ने कहा है कि बोरिस जॉनसन के ऑफिस में काम करने वाले लोगों को अंदाज़ा नहीं था कि जेसीबी मशीन से मानवाधिकार के विवाद का मुद्दा जुड़ा है.

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