जोधपुर: ईद की सजावट को लेकर हुई हिंसा के बाद तनाव

जोधपुर में हिंसा

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    • Author, मोहर सिंह मीणा
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

राजस्थान में जोधपुर ज़िले के जालोरी गेट (सर्किल) पर दो संप्रदायों के बीच सोमवार देर रात झंडे और लाउडस्पीकर हटाने से शुरू हुआ विवाद तोड़फोड़, पथराव, आगजनी तक पहुंच गया.

हालांकि देर रात क़रीब डेढ़ बजे माहौल कुछ शांत होने के बाद तीन मई की सुबह ईद की नमाज़ अता की गई, लेकिन कुछ ही देर में फिर से सांप्रदायिक हिंसा शुरू हो गयी.

उपद्रवियों पर क़ाबू पाने के लिए स्थानीय पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. हालत को नियंत्रण में करने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल को चप्पे चप्पे पर तैनात कर दिया गया है.

तीन मई सुबह हालत बिगड़ते देख जोधपुर कमिश्नरेट के दस पुलिस थानों के इलाके में क़र्फ्यू लगा दिया गया है. प्रशासन ने बीती देर रात हुई हिंसा के बाद से ही एहतियातन ज़िले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.

जोधपुर में हिंसा मामले में अब तक 97 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

झंडे और लाउडस्पीकर से बढ़ा विवाद

ईद के मौक़े पर जालोरी गेट के बेहद नज़दीक ईदगाह पर नमाज़ अता की जाती है. यहां तीन मई को भी ईद की नमाज़ अता होनी थी, जिसको लेकर रात में तैयारियां हो रहीं थी. जालोरी गेट पर बड़े झंडे, बैनर और लाउडस्पीकर जा रहे थे.

स्थानीय लोगों के मुताबिक हिंदु समुदाय के लोगों ने जालोरी गेट पर इसका विरोध किया. बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए और इसको लेकर आपत्ति जताई जिस पर विवाद बढ़ने लगा.

आरोप है कि भीड़ ने झंडे बैनर फाड़ दिए और लाउडस्पीकर भी हटा दिया. जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया और फिर दोनों ओर से पथराव हुआ.

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हालात बिगड़ते देख पुलिस के आला अधिकारी मौक़े पर पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दाग़ने पड़े और लाठीचार्ज कर लोगों को तितर बितर किया गया.

झंडे बैनर और लाउडस्पीकर को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों समुदायों से बड़ी संख्या में लोग एकजुट हो गए. रात 11.30 बजे से देर रात डेढ़ बजे तक रह रह कर दोनों ओर से पथराव और तोड़फोड़ की गई.

राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (डीजी) डॉ मोहन लाल लाठर ने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में कहा, "ईद को लेकर तैयारियां की जा रहीं थीं. जालोरी गेट पर एक प्रतिमा के पास लगाए जा रहे झंडे को लेकर हुई आपत्ति के बाद विवाद बढ़ गया. हमने पुलिस बल की तैनाती की है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्राथमिकता से प्रयास कर रहे हैं."

डीजी डॉ लाठर ने बताया, "हमने इस मामले में अभी 39 लोगों को पकड़ा है. इस घटना में के दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी."

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नमाज़ के बाद फिर हुआ बवाल

हालांकि भारी पुलिस व्यवस्था के बीच सुबह ईद की नमाज़ अता की गई. इस दौरान कुछ लोग घटना स्थल पर जालोरी गेट पहुंचे और नारेबाजी करने लगे.

दुकानों, एटीएम, वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की गई. इस दौरान पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. स्थानीय बीजेपी विधायक के घर के बाहर नारेबाजी की और बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई.

दोनों समुदाय आमने हुए सामने

सांप्रदायिक हिंसा के बाद ज़िले हालत तनावपूर्ण है. पुलिस और जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति की अपील की है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बयान जारी कर घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और शांति बनाए रखने की अपील की है.

नमाज़ के बाद हुई हिंसा के बाद जोधपुर सांसद और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मौक़े पर पहुंचे और राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी की.

सांसद शेखावत की मौजूदगी में एक समुदाय के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया. वहीं, सामने दूसरे समुदाय ने नारीबाजी की.

इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे. गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ ही बीजेपी की विधायक समेत बीजेपी नेता भी मौजूद रहे.

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क़र्फ्यू लगाया गया

दो मई की रात हुई हिंसा के तुरंत बाद ज़िला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और अब कर्फ्यू लगाया गया है.

ईद की नमाज़ के बाद फिर से हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने 4 मई की मध्यरात्रि तक के लिए दस थाना इलकों में कर्फ्यू लगाया है.

सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आवाजाही पर रोक लगा दी है. आखालिया चौराहा, सोजती गेट सहित अन्य क्षेत्रों से रास्ते बंद कर दिए गए हैं. इस मामले को पुलिस-प्रशासन बेहद गंभीरता से ले रही है.

घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर कलक्टर से बात की है और शांति व्यवस्था बनाने के लिए निर्देश दिए हैं. जगह जगह बैरिकेडिंग की गई है. जोधपुर रेंज आईजी, समेत आला अधिकारी निगरानी कर रहे हैं और पुलिस ने मार्च भी निकाला गया है.

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इमेज कैप्शन, आला अधिकारियों के साथ चर्चा करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक

सीएम अशोक गहलोत ने अपने गृह ज़िले जोधपुर में हुई घटना को लेकर सभी से शांति की अपील की है. सीएम गहलोत ने सभी मुलाकात और कार्यक्रम स्थगित करते हुए राज्य के आला अधिकारियों की अर्जेंट बैठक बुलाई.

बैठक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों और दो मंत्रियों के दल को तुरंत जोधपुर के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमओ में बैठक के बाद आला अधिकारियों को तत्काल हेलीकॉप्टर से जोधपुर भेजने का निर्णय लिया.

इसमें, राज्य गृहमंत्री राजेंद्र यादव और जोधपुर प्रभारी मंत्री डॉ सुभाष गर्ग, एसीएस गृह विभाग अभय कुमार, एडीजी लॉ एन्ड आर्डर हवा सिंह घुमरिया हैं.

राज्य में ठीक एक महीना पहले दो अप्रैल को करौली में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. यहां नवसंवत्सर पर निकाली जा रही शोभा यात्रा के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं थीं.

दो मई की देर रात जोधपुर में ईद और परशुराम जयंती से पहले फिर एक बार सांप्रदायिक हिंसा से राजस्थान सुर्खियों में है. राज्य की अशोक गहलोत सरकार लगाते शांति व्यवस्था बनाए जाने के लिए क़दम उठा रही है.

जबकि, विपक्ष फिर एक बार इस घटना को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है. बीजेपी का आरोप है कि जालोरी गेट सर्किल पर लगी बाल मुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर लगे भगवा झंडे को उतारा गया.

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बयान जारी कर इस जोधपुर हिंसा पर कहा है, "बारां, करौली और राजगढ़ (अलवर) के बाद अब मुख्यमंत्री जी के गृह जिले जोधपुर में भी साम्प्रदायिक तनाव की घटना सामने आई है."

"स्वतंत्रता सेनानी स्व.बाल मुकंद बिस्सा की प्रतिमा पर लगे भगवा झंडे को उतारने की घटना से यह स्पष्ट हो जाता कि प्रदेश में फैला यह मज़हबी उन्माद कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण संस्कृति का ही परिणाम है. सरकार चेते और तुष्टिकरण की नीति से बाज़ आए."

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