जहांगीरपुरी, खरगोन...हिंसा और तनाव वाले शहरों में एहतियातन क्या किया गया है

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मंगलवार यानी तीन मई को देश भर में ईद मनाई जा रही है. हमने इस मौक़े पर उन जगहों से प्रशासनिक एहतियातों के बारे में जानकारी जुटाई.
यहाँ रामनवमी के मौक़े पर हिंसा देखने को मिली थी. संवेदनशील इलाक़ों में क्या कुछ इंतज़ाम किया गया है, पढ़िए इस रिपोर्ट में-
सलमान रावी, बीबीसी संवाददाता, खरगोन (मध्य प्रदेश) से
मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िला प्रशासन ने मंगलवार और बुधवार को पूरे शहर में 24 घंटों के क़र्फ्यू लागू करने के आदेश दिए हैं.
ज़िले के एसडीएम यानी अनुमंडल अधिकारी मिलिंद ढोके ने प्रशासन के इस फ़ैसले के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ज़िला मुख्यालय में जो हर सुबह आठ बजे से शाम पाँच बजे तक 9 घंटों की छूट दी जा रही थी, वो मंगलवार और बुधवार को नहीं दी जाएगी और दो दिनों तक कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी जाएगी.

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प्रशासन ने मुसलमानों से अपील की है कि वो ईद उल फ़ितर की नमाज़ अपने घरों में ही अदा करें. मंगलवार को ही हिन्दुओं का अक्षय तृतीय त्योहार भी है और प्रशासन नहीं चाहता कि शहर का माहौल बिगड़े.
बुधवार को परशुराम की जयंती भी है, जिसमे भव्य जुलूस निकालने की परंपरा चलती आ रही है.
मगर प्रशासन ने उस दिन भी कर्फ्यू में कोई भी ढील देने से इनकार कर दिया है. पिछले माह की 10 तारीख़ को रामनवमी के जुलूस के बाद भड़की हिंसा के मद्देनज़र सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखने के आदेश दिए गए है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने पत्रकारों को बताया कि पर्व और त्योहार को देखते हुए खरगोन शहर की सुरक्षा को और भी मज़बूत कर दिया गया है. अगले दो दिनों तक कर्फ्यू सख़्ती से लागू किया जाएगा.

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अभिनव गोयल, बीबीसी संवाददाता, जहांगीरपुरी (दिल्ली) से
ईद के मौक़े पर दिल्ली के जहाँगीरपुरी में स्थानीय लोग ईद की तैयारियों में लगे हैं. इलाक़े में पुलिस बल तैनात है.
मस्जिद के सामने अब भी पुलिस ने अपना टेंट लगाया हुआ है. जहांगीरपुरी में पुलिस के साथ साथ केंद्रीय पुलिस भी तैनात है.
स्थानीय निवासी अकबर का कहना है कि शाम होते ही इलाक़े में पुलिस बल की संख्या बढ़ जाती है, अभी शांति तो है लेकिन डर है तो कहीं कुछ तो ना हो जाए.
जहांगीरपुरी में जीएच ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है, 'इलाक़े में अब भी पुलिस बल है. लोगों ने फिर से अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है. जब तक पुलिस है तब तक शांति बनी हुई है.'
16 अप्रैल यानी हनुमान जयंती के दिन जहांगीरपुरी में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. पथराव में कुछ पुलिसवाले और स्थानीय लोग घायल हो गए थे.

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मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिंदी के लिए, करौली (राजस्थान) से
राजस्थान के करौली ज़िले में बीते दो अप्रैल को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद तीन मई को मनाया जाएगा.
हिंसा के बाद से ही तनाव की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए ज़िले में एक महीने बाद भी धारा 144 लागू है. दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर अंदरूनी माहौल को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है. किसी अप्रिय घटना को लेकर भी पुलिस प्रशासन ने सख़्त व्यवस्था की है.
देश भर चर्चित करौली हिंसा के बाद पहले बड़े पर्व ईद पर व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत में करौली के ज़िला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने बीबीसी से कहा, "हमने सभी सब डिविजन और सभी थानों पर शांति समिति की बैठक बुलाई थी. सभी धर्मों के लोगों ने हमें आश्वस्त किया है."
उन्होंने कहा, "विशेष कर करौली शहर की शांति समिति की बैठक में भरतपुर आईजी भी मौजूद रहे और हिंडौन की शांति समिति बैठक में कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे."
कलेक्टर अंकित कुमार ने बताया, "हमें आईजी भरतपुर की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराया गया है, जिसे हमने शहर में तैनात कर दिया है. हम ड्रोन से करौली शहर की निगरानी भी करेंगे."
करौली हिंसा के दौरान वाहनों, दुकानों और मकानों में आगज़नी हुई थी. इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से कई एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी. इस मामले में अभी तक चार नामजद अभियुक्त फरार हैं.
देश भर में चर्चित करौली हिंसा के बाद अब ईद पर लेकर पुलिस व्यवस्था को लेकर बातचीत में करौली पुलिस अधीक्षक (एसपी) शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने बताया, "हमने छह सौ से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए हैं. करौली के साथ ही हिंडौन में भी पुलिस की विशेष व्यवस्था की गई है. ड्रोन से निगरानी की जा रही है."
एसपी इंदौलिया ने कहा, "हमने मस्जिदों के पास भी पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात करने की विशेष व्यवस्था की है."

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अनंत झणाणे, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी जनपदों को ईद के त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया है.
राज्य के एडीजी लॉ प्रशांत कुमार ने कहा, "ईद, अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती को परंपरागत तरीक़े से मनाने को लेकर सभी धर्मगुरुओं से बातचीत हो चुकी है. किसी भी सार्वजनिक स्थल को बाधित नहीं करना है."
सभी जनपदों में परंपरागत तरीक़े से ईद मनाने का अनुरोध किया गया और किसी भी तरह की नई परंपरा शुरू नहीं करने की अपील की गई है. इसके अतिरिक्त धार्मिक स्थलों पर लगे लउडस्पीकरों की आवाज़ को नियामानुसार रखने का निर्देश दिया गया है.
ईद के दौरान राज्य भर में 31 हज़ार से ज़्यादा जगहों पर नमाज अदा की जाएगी. संवेदनशीलता के आधार पर दो हज़ार से ज़्यादा चिन्हित किए गए हैं और इन जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है.
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