जहांगीरपुरी हिंसाः रामनवमी और हनुमान जयंती पर हुई हिंसा पर बोला पाकिस्तान

शहबाज़ शरीफ़

इमेज स्रोत, AAMIR QURESHI/ Getty Images

पाकिस्तान सरकार ने भारत में पिछले दिनों रामनवमी और हनुमान जयंती के अवसर पर भारत के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की ख़बरों पर प्रतिक्रिया की है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर भारत में 'हाल में मुसलमानों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा और उन्हें निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है'.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाक़े में हुई हिंसा का ज़िक्र किया है.

बयान में लिखा है, "हाल के समय में नई दिल्ली के जहांगीरपुर की जामा मस्जिद पर हनुमान शोभा यात्रा के समय बेखौफ़ होकर भगवा झंडा फ़हराने की घिनौनी कोशिश करना, जब मुसलमान रोज़ा खोलने का इंतज़ार कर रहे थे, वहाँ अपमानजनक नारे लगाना, भड़काऊ संगीत बजाना और हथियारों का प्रदर्शन करना, देश में सत्ता के समर्थन से जारी उन्माद की गंभीरता और भारत में मुसलमानों के बारे में नफ़रत को उजागर करता है."

बयान में लिखा गया है कि इस घटना ने फ़रवरी 2020 के दिल्ली हिंसा की याद दिला दी है जिसका लक्ष्य मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव करना, उन्हें बेदख़ल करना और उनकी मानवता को ख़त्म कर देना था.

छोड़िए Facebook पोस्ट

सामग्री् उपलब्ध नहीं है

सोशल नेटवर्क पर और देखिएबाहरी साइटों की सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

पोस्ट Facebook समाप्त

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने साथ ही लिखा है कि, "रामनवमी के समय देश के अलग-अलग हिस्सों में दंगे हुए जो दिखाते हैं कि भारत कैसे एक हिंदू राष्ट्र बनता जा रहा है."

उसने लिखा है- "मध्य प्रदेश और गुजरात में मुसलमानों के घरों, कारोबारों और दुकानों को ध्वस्त करने और मस्जिदों में तोड़-फोड़ के दुःखद दृश्य दिखाते हैं कि कैसे हिंदुत्व की विचारधारा भारत की सत्ता और समाज के ताने-बाने में रच-बस चुकी है."

पाकिस्तान ने 'हिंदू समुदाय की ओर से धार्मिक जुलूसों के ज़रिए सांप्रदायिक नफ़रत और मुस्लिम-विरोधी हिंसा भड़काने के बढ़ते चलन पर गहरा अफ़सोस जताया है'. उसने साथ ही लिखा है कि 'ये बात और चिंताजनक है कि उन स्थानीय अधिकारियों ने जो भय को फैलाने में लिप्त थे, वो अब दंगाईयों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के नाम पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ सोचा-समझा अभियान चला रहे हैं'.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार से देश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ और उनके उपासना स्थलों पर हो रही व्यापक हिंसा और उनके भयादोहन की घटनाओं की पारदर्शी जाँच करवाने की माँग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ ना हों.

पिछले कुछ दिनों में हिंसा की कई घटनाएं आईं सामने

जहांगीरपुरी हिंसा

इमेज स्रोत, ANI

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान से सांप्रदायिक झड़प की घटनाएं सामने आईं हैं.

  • 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान खरगोन शहर में सांप्रदायिक हिंसा में आगजनी और पथराव हुआ था. बाद में शहर में कर्फ्यू लगा दिया. हिंसा में खरगोन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी को पैर में गोली भी लगी थी. हिंसा के इस मामले में पुलिस ने 100 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है.
  • 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी में सांप्रदायिक झड़प की घटना हुई. हनुमान जयंती पर निकाले गए जुलूस में दो समुदाय के बीच पथराव हुआ और घटना में पुलिसकर्मियों समेत 9 लोग जख़्मी हुए हैं. इस मामले में कुल 21 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.
  • 16 अप्रैल को ही आंध्र प्रदेश के कर्नूल में दो समूहों के बीच हुई झड़प में 15 लोग घायल हो गए. हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच पत्थरबाज़ी की घटना सामने आई. पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में कुल 20 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं.
  • इसी तरह हनुमान जयंती जुलूस के दौरान गुजरात के वेरावल और वडोडरा से भी झड़प की घटनाएं सामने आईं. पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायत दर्ज़ कर संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

ये भी पढ़ेंः-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)