सत्यपाल मलिक ने मोदी पर साधा निशाना- कहा, गेहूँ क्या पीएम का है जो निर्यात करेंगे - प्रेस रिव्यू

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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है और कहा है कि प्रधानमंत्री गेहूँ के निर्यात की बात करते हैं लेकिन गेंहू क्या उनका है.
अख़बार लाइव हिंदुस्तान में छपी एक ख़बर के अनुसार हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में मलिक ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है, ये आंदोलन एक बार फिर होगा और बड़े स्तर पर होगा.
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी गेहूं के निर्यात की बात करते हैं, लेकिन क्या गेहूँ पीएम मोदी का है.
उन्होंने कहा कि की जम्मू कश्मीर का राज्यपाल रहने के दौरान उन्हें करोड़ों रुपये की रिश्वत दी गई थी. उन्होंने कहा कि इस बारे में जब उन्होंने पीएम को बताया था तो उन्होंने कहा था कि वो भ्रष्टाचार के कोई समझौता नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर उनसे इस बारे में सीबीआई ने पूछा तो नाम बताएंगे.

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10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा 2023 से दो के बजाय एक ही बार में होगी: सीबीएसई
सीबीएसई ने गुरुवार को एलान किया कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा अगले सत्र से दो-दो के बजाए एक ही बार में आयोजित होगी.
अंग्रेज़ी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स में इस बारे में एक ख़बर प्रकाशित की है. ख़बर के मुताबिक़, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई अब इन दोनों परीक्षाओं को साल में एक ही बार आयोजित करेगा.
ग़ौरतलब है कि कोरोना महामारी से पहले ये दोनों परीक्षाएं साल में एक बार हुआ करती थी. 2021 में इन परीक्षाओं को बोर्ड वन और बोर्ड टू के दो-दो भागों में बांट दिया गया था. 2021 में छात्रों ने 10वीं और 12वीं के सिलेबस को भी कम किया था. सीबीएसई ने तब कहा था कि महामारी के चलते किसी अप्रत्याशित हालात से निपटने के लिए वो ये क़दम उठा रहा है.
इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि सीबीएसई आगे भी इन परीक्षाओं को दो-दो बार में करवाता रहेगा. हालांकि इस ख़बर से पुरानी अटकलें ख़ारिज हो गई हैं.

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मुख्यमंत्री को इस्तीफ़ा सौपेंगे केएस ईश्वरप्पा
कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने गुरुवार को कहा कि वो शुक्रवार को मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई को अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे.
द हिंदू में छपी एक ख़बर के मुताबिक़, एक कॉन्ट्रेक्टर और बीजेपी कार्यकर्ता की मौत के मामले को लेकर राज्य में विवाद गहरा गया था जिसके बाद केएस ईश्वरप्पा ने कैबिनेट से इस्तीफ़ा देने की बात की थी.
संतोष के. पाटिल नाम के इस कॉन्ट्रेक्टर ने ईश्वरप्पा पर एक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. इस मामले में एक एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद ईश्वरप्पा पर बुधवार को संतोष को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था.
एफ़आईआर दर्ज होने के कुछ देर बाद मंत्री ईश्वरप्पा ने उन पर लगे आरोपों को ख़ारिज किया और कहा कि उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र चलाया जा रहा है.
कॉन्ट्रेक्टर की मौत के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज़ हो गई. विपक्षी कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन कर मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की. पार्टी मामले की न्यायिक जांच के लिए धरना-प्रदर्शन भी किया है. वहीं मृतक के परिवार ने भी मामले में जल्द कार्रवाई करने की गुज़ारिश की है.
अख़बार लिखता है कि विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी आलाकमान ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कर्नाटक दौरे पर आने से पहले इस्तीफ़ा देने की सलाह दी थी. जेपी नड्डा शुक्रवार को दो-दिवसीय एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कर्नाटक पहुंच रहे हैं.

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मदद की आस में भारत के मंत्रियों से अमेरिका में बातचीत करेगा श्रीलंका
मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने को श्रीलंका अपने पड़ोसी देश भारत के साथ उच्च स्तर की बातचीत शुरू करने जा रहा है. इसके तहत दोनों देशों के मंत्रियों के बीच भी बातचीत होगी.
इकोनॉमिक टाइम्स के पहले पन्ने पर छपी ख़बर के अनुसार, मौजूदा संकट में श्रीलंका की मदद करने के लिए दोनों देशों के मंत्रियों के बीच अगले हफ़्ते बातचीत होने का प्रस्ताव है.
ख़बर के अनुसार, वॉशिंगटन में आईएमएफ़ की होने वाली बैठकों से इतर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो सकती है. इसमें शामिल होने के लिए भारतीय मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल वहां होगा.
अख़बार के अनुसार, श्रीलंका के नवनियुक्त वित्त मंत्री अली साबरी भारतीय मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेंगे, ताकि श्रीलंका को भारत से और आर्थिक मदद मिल सके.
बताया गया है कि भारत, श्रीलंका को और 2 अरब डॉलर की आर्थिक मदद दे सकता है. यह मदद हाल में उसे दी गई 2.5 अरब डॉलर की मदद के अलावा होगी. इसके अलावा, भारत से उसे खाने पीने के सामान और ईंधन की मदद भी मिलेगी.
मालूम हो कि श्रीलंका अपनी आज़ादी के बाद के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है. भारी महंगाई के चलते वहां खाने पीने के सामानों के साथ दवाइयों और डीज़ल, पेट्रोल की भी काफ़ी क़िल्लत हो गई है.
इससे नाराज़ वहां के नागरिक सड़कों पर हैं और प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति यानी दोनों राजपक्षे भाइयों के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. हालांकि हाल ही में देश की नई कैबिनेट बनाई गई है.
इस संकट से परेशान श्रीलंका ने हाल ही में अपने विदेशी कर्ज़ों की अदायगी को टालने का फ़ैसला किया था.
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