राम विलास पासवान के परिवार से बंगला ख़ाली कराने के लिए सरकार को भेजनी पड़ी टीम - प्रेस रिव्यू

12 जनपथ बंगले से बाहर निकाला गया सामान

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अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को मिले बंगले को ख़ाली कराने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को एक टीम भेजी थी.

अख़बार के मुताबिक़, पासवान साल 1989 से लेकर अपनी मौत (साल 2020) तक 12 जनपथ बंगले में रहे.

आवास एवं शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संपदा निदेशालय ने यह बंगला ख़ाली कराया है. तीन दशक पहले सरकार ने यह बंगला आवंटित किया था और आठ महीने पहले बंगला ख़ाली कराने का नोटिस दिया गया था.

लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान को यह बंगला न केवल आवंटित किया गया था बल्कि साल 2000 में पार्टी के गठन के बाद यह पार्टी का दफ़्तर भी था.

पासवान के बेटे चिराग पासवान इस घर को अपने पिता के सम्मान में एक संग्रहालय बनाने की कोशिशों में लगे थे.

राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान

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14 मार्च 1990 को श्रम मंत्री होने के नाते राम विलास पासवान को यह बंगला दिया गया था और उसके बाद अलग-अलग मंत्रालय संभालने के दौरान यह बंगला उन्हीं के पास रहा.

अख़बार ने लिखा है कि एक अधिकारी के मुताबिक़, 8 अक्तूबर 2020 को उनकी मौत के बाद 7 नवंबर 2020 तक उनका परिवार इस बंगले में रह सकता था और लाइसेंस फ़ीस और बिजली और पानी के बिल के भुगतान के बाद भी एक महीने तक इस बंगले में उनका परिवार रह सकता था.

घर ख़ाली कराने की प्रक्रिया उनके परिवार के ख़िलाफ़ 6 जनवरी 2021 को शुरू हुई थी और 14 जुलाई 2021 को घर ख़ाली कराने का फ़ैसला पास किया गया.

एक अधिकारी के मुताबिक़, सांसद रहते हुए चिराग पासवान को एक दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया गया है और अगस्त 2021 में 12 जनपथ वाले बंगले को रेलवे एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित किया गया था लेकिन बंगला ख़ाली न होने की वजह से उन्हें यह नहीं दिया गया था.

रूबल

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रूस ने रुपये-रूबल में व्यापार को दिखाई हरी झंडी

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लेवरोफ़ के भारत दौरे से पहले मॉस्को ने नई दिल्ली से साफ़ कह दिया है कि दोनों देशों की राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार पर कोई पाबंदियां नहीं हैं.

'द इकोनॉमिक टाइम्स' अख़बार लिखता है कि दोनों देश अब अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में लेन-देन कर सकते हैं.

अख़बार लिखता है कि रूस ने भारत से कहा है कि स्बेयरबैंक के कारण भारतीय कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को कोई ख़तरा नहीं है. रूस के सबसे बड़े बैंक पर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ प्रतिबंध लागू कर चुका है.

रूसी दूतावास ने स्बेयरबैंक पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में पत्र लिखकर विदेश, वित्त, व्यापर एवं उद्योग मंत्रालयों को बताया है. दूतावास ने लिखा है कि रूस और भारत की राष्ट्रीय मुद्राओं में किसी भी तरह के भुगतान को लेकर कोई पाबंदी नहीं है.

इससे अब यह साफ़ होता दिख रहा है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए दोनों देश अब व्यापार के लिए रुपये और रूबल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

शिवपाल यादव

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योगी से मिले शिवपाल यादव, बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज़

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाक़ात करने पहुंचे.

'दैनिक जागरण' अख़बार लिखता है कि इस मुलाक़ात के बाद से सियासी गलियारे में चर्चाओं का दौर तेज़ हो गया है. हालांकि, शिवपाल सिंह यादव के खेमे ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है.

अख़बार लिखता है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के रवैये से आहत सपा विधायक और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम सकते हैं.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में सहयोगी दलों की बैठक बुलाई थी जिसमें शिवपाल शामिल नहीं हुए. कहा जा रहा है कि वो पिछले दिनों दिल्ली चले गए थे और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाक़ात की थी.

उन्होंने बुधवार देर शाम सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाक़ात की. चर्चा यह भी है कि भाजपा उन्हें राज्यसभा भेज सकती है.

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