UN में भारत बोला- यूक्रेन में फंसे पड़ोसी देशों के नागरिकों को भी निकालने को तैयार - प्रेस रिव्यू

संयुक्त राष्ट्र में भारत

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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद इस क्षेत्र में पनपे मानवीय संकट पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई. इस दौरान भारत ने यूरोपीय देश में फंसे अपने पड़ोसी देशों के नागरिकों को निकालने का भी प्रस्ताव दिया. अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस खबर को प्रमुखता से छापा है. आज के प्रेस रिव्यू में सबसे पहले यही खबर पढ़िए.

मानवीय संकट पर चिंता ज़ाहिर करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि यूक्रेन की सीमा पर हुई कुछ घटनाओं के कारण भारत का बचाव कार्य बाधित हुआ है.

तिरुमूर्ति ने ये भी कहा कि भारत यूक्रेन में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए विकासशील देशों और अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए भी तैयार है.

टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद को ये भी बताया कि फंसे हुए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान की निगरानी के लिए भारत सरकार चार मंत्रियों को भेज रही है.

तिरुमूर्ति ने कहा, "भारत इस बात से बहुत चिंतित है कि यूक्रेन में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. हम हिंसा को तत्काल बंद करने और दुश्मनी को ख़त्म करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं."

उन्होंने कहा, "मेरी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि कूटनीति के रास्ते पर लौटने के अलावा और कोई चारा नहीं है."

"हम एक बार फिर दोहराते हैं कि सभी मतभेदों को सिर्फ़ ईमानदार और निरंतर बातचीत के ज़रिए ही दूर किया जा सकता है."

तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद को बताया कि भारत सरकार एक मार्च को यूक्रेन के लिए मानवीय सहायता भेजेगी. साथ ही भारत सरकार के चार मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी यूरोपीय मुल्कों में जाकर इन देशों में पहुंच रहे भारतीय नागरिकों को लेकर चर्चा करेंगे.

वहीं, सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि भारत ने अभी तक यूक्रेन में छह विमान भेजकर अपने 1400 छात्रों को सकुशल निकाला है.

बता दें कि संयु्क्त राष्ट्र में रूस-यूक्रेन संकट पर लाए हालिया प्रस्तावों पर भारत ने वोटिंग नहीं की है.

रूस की प्रतिबंधित कंपनियों से एसबीआई नहीं करेगी लेनदेन: सूत्र

रूस पर आर्थिक प्रतिबंध

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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मॉस्को पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को देखते हुए भारत के शीर्ष बैंक "स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया" यानी एसबीआई ने निर्णय किया है कि वो रूसी संस्थाओं से लेनदेन नहीं करेगी.

अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्टेट बैंक की ओर से ग्राहकों को भेजे गए एक पत्र में कहा गया है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ या संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल किसी भी संस्था, बैंक, बंदरगाह या जहाज़ से जुड़ी किसी भी लेन-देन को मंज़ूरी नहीं दी जाएगी.

हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा संपर्क किए जाने पर एसबीआई ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.

एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हमारी एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है और हमें अमेरिका और यूरोपीय संघ के नियमों का पालना करना पड़ेगा नहीं तो हमें नियमों का पालन न करने वालों के तौर पर देखा जाएगा."

एसबीआई ने अपने ग्राहकों को भेजे गए पत्र में प्रतिबंधित देशों से लेन-देन के समय विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा है.

कर्नाटक कांग्रेस के 37 नेताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर, कोरोना नियमों की अनदेखी का आरोप

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कर्नाटक पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस के 37 नेताओं के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की है. इनमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और सदन में नेता प्रतिपक्ष सिद्धारमैया भी शामिल हैं. इन सब पर कोरोना नियमों की अनदेखी का आरोप है.

अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, इन नेताओं ने प्रतिबंध के आदेशों को दरकिनार करते हुए रामनगरा ज़िले में पदयात्रा निकाली थी.

रामनगरा बेंगलुरु से क़रीब 50 किलोमीटर दूर है और पुलिस ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबंध के आदेश दिए थे.

कांग्रेस ने मेकदातू से तमिलनाडु की सीमा तक एक बांध के निर्माण की मांग करते हुए जनवरी में मेकदातू से 10 दिनों की बेंगलुरू तक पदयात्रा शुरू की थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हाई कोर्ट की फटकार के बाद इसे बीच में रोक दिया गया था. कांग्रेस ने अब इस पदयात्रा को फिर शुरू करने की योजना बनाई थी जिसके बाद ये एफ़आईआर दर्ज की गई है.

माधबी पुरी बुच बनी सेबी की पहली महिला प्रमुख

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सरकार ने सोमवार को सेबी (SEBI) की पूर्व सदस्य माधबी पुरी बुच को सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया का अध्यक्ष नियुक्त किया. माधबी पुरी इस पद को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, माधबी पुरी मौजूदा अध्यक्ष अजय त्यागी की जगह लेंगी. माधबी पुरी को तीन साल की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है. वह इस नियामक इकाई की पहली ग़ैर-आईएएस अध्यक्ष भी हैं.

दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफ़ेंस कॉलेज और फिर आईआईएम-अहमदाबाद से पढ़ाई करने वाली माधबी पुरी ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी.

उन्हें वित्तीय बाज़ारों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है और वह 5 अप्रैल, 2017 से लेकर 4 अक्टूबर, 2021 के बीच सेबी की पूर्णकालिक सदस्य थी.

सेक्स वर्करों को आधार कार्ड देने को तैयार, सुप्रीम कोर्ट में बोला यूआईडीएआई

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यूनिक़ आइडेंटिफ़िकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यूआईडीएआई) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि वो सेक्स वर्करों को बिना किसी आवास/पहचान पत्र के ही आधार कार्ड जारी करने को तैयार है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू की ख़बर के मुताबिक़, यूआईडीएआई ने कहा है कि सेक्स वर्करों को आधार कार्ड बनवाने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राजपत्रित स्वास्थ्य अधिकारी या फिर नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन (NACO) के किसी अधिकारी से सर्टिफ़िकेट बनवाना होगा.

यूआईडीएआई का ये सुझाव सुप्रीम कोर्ट में लाखों सेक्स वर्करों के पास भोजन की गारंटी न होने को लेकर दायर याचिका पर आया है.

अदालत इस बारे में दलीलें सुन रही है कि कैसे अधिकारी और कम्युनिटी आधारित संगठन यौनकर्मियों तक पहुंच सकते हैं और उन्हें उनकी पहचान ज़ाहिर किए बिना राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड दे सकते हैं.

यूआईडीएआई की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील ज़ोहेब हुसैन ने कहा कि ये सुनिश्चित करना दायित्व था कि सिर्फ़ आधार कार्ड न होने की वजह से समाज के किसी भी वर्ग को भोजन जैसे उनके मूल अधिकारों से वंचित न रखा जाए.

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