उत्तर प्रदेश चुनावः अखिलेश बोले- गठबंधन करेगा 300 पार, बघेल बोले- डूब रहा जहाज़, बुलाना पड़ा मुलायम को

एसपी बघेल, अखिलेश यादव

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    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, करहल से

उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण के चुनाव के लिए आज प्रचार थम जाएगा. 20 फ़रवरी को प्रदेश के 16 ज़िलों की जिन 59 सीटों पर मतदान होना है उनमें करहल की सीट भी शामिल है. पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव यहाँ से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं बीजेपी ने उन्हें टक्कर देने के लिए पूर्व सपा सांसद और मौजूदा केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल को उतार दिया है.

गुरुवार को करहल में काफ़ी चुनावी सरगर्मी रही. एक तरफ़ अख़िलेश यादव की चुनावी सभा थी, जिसमें मुलायम सिंह यादव भी प्रचार करने आए थे. मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी को अमित शाह और एसपी बघेल ने मुद्दा भी बनाया है कि अखिलेश यादव को आख़िर में नेताजी को भी प्रचार में उतारना पड़ रहा है.

अखिलेश यादव ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में हिजाब विवाद से लेकर चुनाव नतीज़ों के अनुमान तक के बारे में बात की. वहीं दूसरी ओर एसपी बघेल ने कहा कि अखिलेश यादव नरेंद्र मोदी के क़द के पहलवान अभी नहीं हुए हैं.

वैसे दोनों उम्मीदवारों के अपने अपने दावे हैं. क्या कह रहे हैं करहल के दोनों प्रमुख दावेदार?

क्या कहा अखिलेश यादव ने

पहले दो चरण के मतदान के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटों पर चुनाव हुए, जहां किसान आंदोलन और जाट मतदाताओं का मुद्दा छाया रहा. ये मुद्दे समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन के पक्ष में माने जा रहे हैं.

आगे के पांच चरणों में विपक्षी गठबंधन की रणनीति क्या होगी, इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "अब तक दोनों चरणों ने समाजवादी गठबंधन को ऐतिहासिक समर्थन दिया है और दोनों चरणों में जो गठबंधन सीटें जीतने जा रहा है, वो लगभग शतक मार दिया है. और जैसे जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा, भाजपा की परेशानियां भी बढ़ेंगी. किसान ने अगर पहले चरण में माफ़ नहीं किया, दूसरे चरण में माफ़ नहीं किया, तो मैं समझता हूँ कि तीसरे चरण से सातवें चरण तक भी किसान इन्हें माफ़ नहीं करेगा, उत्तर प्रदेश से साफ़ करेगा."

तीसरे चरण में जिन क्षेत्रों में चुनाव होना है, उसे समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में बीजेपी ने यहां ज़बरदस्त कामयाबी हासिल की. लेकिन इस बार अखिलेश अपनी पार्टी की जीत की वजहों को गिनाते हुए कहते हैं, "अगर हम बुंदेलखंड का हिस्सा देखें, हिस्सा जो इस बार चुनाव में वोट डालेगा और यह वो हिस्सा है जो सेंट्रल उत्तर प्रदेश का किनारा मान कर चलें हम और यहाँ से लेकर के जिस क्षेत्र में चुनाव होने जा रहा है, यहाँ के लोगों के धान के पैदावार की सरकार क़ीमत नहीं दे पाई. महंगाई की समस्या बड़ी है."

आवारा पशुओं और गाय के मुददे पर अखिलेश यादव ने कहा, "अगर जानवरों की समस्या बुंदेलखंड में है, तो खुले जानवर की समस्या यहाँ पर भी है. आज जब हम और आप बातचीत कर रहे हैं तो फ़िरोज़ाबाद में जब मैं गया तो एक पिता और पुत्र को एक सांड ने सींगों से मार दिया. और जब मैं मैनपुरी गया तो पता चला कि एक बच्चे की जान सांड ने वहां भी ले ली. तो सोचो हज़ारों करोड़ सरकार ने पैसे लगाए हों, गौ सेवा के लिए, उसकी सरकार में गाय भूखी मर रही हो और जानवर खुलेआम किसानों की फसल को रौंद रहे हों. या फिर किसान की हत्या कर रहे हों."

अखिलेश यादव

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300 सीटें पार करने का दावा

अमित शाह ने गुरुवार को करहल में अपनी रैली में कहा था, ''यह एक सीट जिता दो करहल की तो 300 पार हो जाएंगी भाजपा की.''

इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "वो सच कह रहे हैं कि करहल भी जीतेंगे और समाजवादी पार्टी 300 पार भी जाएगी."

करहल विधानसभा में एसपी बघेल की उम्मीदवारी के बारे में अखिलेश यादव ने कहा, "हमारी 100 गुना बड़ी रैली थी. तो सोचिए जनता का समर्थन है और जो भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हैं, कहने को वो पिछड़ी जाति के हैं, गड़रिया जात के हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि अभी 30 आईएएस बने हैं, लैटरल एंट्री हुई है, क्या एक भी पिछड़ा और दलित समाज का है? उत्तर प्रदेश में इतने वाईस चांसलर बने हैं. क्या एक भी दलित और पिछड़ा समाज का बना है, या अल्पसंख्यक समाज के बने हैं.''

अखिलेश यादव ने एक बार फिर दोहराया कि वे जातीय जनगणना के समर्थन में हैं. उन्होंने कहा, "आप पिछड़े की बात कर रहे हो, और दलित की बात कर रहे हो और अल्पसंख्यक की बात कर रहे हो. देश के जितने भी पिछड़ी जाति के लोग हैं, या उनकी लीडरशिप कर रहे हैं, वो जातीय जनगणना चाहते हैं. क्या जातीय जनगणना करा लेंगे?''

अखिलेश यादव कहते हैं, ''और वे तो देश के लॉ मिनिस्टर हैं. उनकी बिरादरी का एक भी जज कहीं है? वो तो कहते हैं कि यादव सरकार बन जाएगी तो यादव ले लेंगे. तो मैं उनसे यह जानना चाहता हूँ, वे जिस बिरादरी के हैं, इतने साल में क्या अपनी बिरादरी का जज बना लिए हैं कहीं. क्या हाई कोर्ट में जज है, या सुप्रीम कोर्ट में?"

अखिलेश यादव

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इमेज कैप्शन, गुरुवार को अपनी पार्टी का प्रचार करने मुलायम सिंह यादव भी उतरे.

बघेल पर हमले का मुद्दा

एसपी बघेल करहल पर अपने काफ़िले पर हमले को भी मुद्दा बना रहे हैं. इस पर अखिलेश यादव ने कहा, "वो सहानुभूति लेना चाह रहे हैं. यह बीजेपी की पुरानी ट्रिक है. सवाल यह होना चाहिए कि क्या लॉ एंड आर्डर इतना ख़राब है. दिल्ली की उनके पास सिक्योरिटी है, उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार है, आगे पीछे एसओ पुलिस घूम रही है.''

वे कहते हैं, ''केंद्रीय मंत्री के साथ पुलिस घूम रही हो, उस पर कौन अटैक करेगा. यह जानबूझ करके यह फ़िल्मों में जो होता था कि सहानुभूति कैसे मिले, तो सहानुभूति के लिए और जातियों का ध्रुवीकरण हो जाए, लेकिन यहां की जनता समझदार है."

करहल में गुरुवार को मुलायम सिंह यादव भी चुनावी सभा में प्रचार करने पहुंचे. उन्होंने चुनावी सभा में मौजूद लोगों से बहुत इमोशनल अपील करते हुए अखिलेश यादव को भारी मतों से जिताने को कहा. इस पर अमित शाह और एसपी बघेल ने भी तंज़ कसा है कि अखिलेश यादव ने नेताजी को प्रचार में उतार दिया.

इस मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा, "जो उनकी भाषा है, वो भाषा इसलिए बोल रहे हैं कि उसका रिएक्शन आए. मैंने उनके कई इंटरव्यूज़ पढ़े हैं, और सुने हैं मैंने, मैं समझता हूँ कि देश के लॉ मिनिस्टर का पद पाने वाला जो कमरे में बंद होकर कहता है कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की क्या हैसियत है मेरे सामने, उससे क्या उम्मीद करोगे कि क्या बोलेगा."

अखिलेश यादव

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इमेज कैप्शन, करहल की जनसभा में अखिलेश यादव समर्थकों का अभिवादन करते हुए.

हिजाब पर क्या बोले अखिलेश

मौजूदा समय में कर्नाटक से उठे हिजाब विवाद की आंच उत्तर प्रदेश तक भी पहुंची है. इस मुद्दे पर अखिलेश यादव का स्टैंड क्या है, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "यह समय इंटरनेट का है, जानकारी का है, सूचना का है. कौन क्या पहनेगा, कौन क्या खायेगा, कौन किस तरीके से रहेगा, यह समय वो नहीं है. हर धर्म का अपना एक अच्छा रास्ता है, हमें अपना संविधान यह अधिकार देता है कि हम एक दूसरे के धर्म में न झाकें. हर एक धर्म को सम्मान और हक़ मिले, उसको अपना अधिकार है. तो इसलिए भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक की घटना से उत्तर प्रदेश में लाभ लेना चाहती है, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता ज़ागरूक है."

कन्नौज की रैली में अखिलेश यादव के साथ उनकी पार्टी के एमएलसी पंपी जैन भी मौजूद थे. उनके घर पर छापेमारी हुई थी, इसे लेकर बीजेपी लगातार हमलावर रुख़ बनाए हुए है और उस छापेमारी को भ्रष्टाचार से जोड़कर अखिलेश यादव को सवालों में घेरा जा रहा है.

इस पर उन्होंने कहा, "इत्र का कारोबार हज़ारों करोड़ का है और इत्र के कारोबार से न सिर्फ किसान जुड़ा है, कन्नौज में जो इत्र है उससे बड़े पैमाने पर व्यापार और एक्सपोर्ट भी जुड़ा हुआ है. यह भारतीय जनता पार्टी न कारोबार करना चाहती है और न कारोबार को बढ़ावा देना चाहती है. पहले उन्होंने यह जोड़ा कि समाजवादी इत्र वाले के यहाँ इतने रुपये निकले हैं. जब सच्चाई सामने आने लगी तो वो पीछे हट गए, क्योंकि जिसके यहाँ रूपया निकला, वो भारतीय जनता पार्टी का समर्थक निकला."

अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए कहा, "पंपी जैन के यहाँ कुछ भी नहीं निकला कोई पैसा. अगर कोई बात निकली होगी, कागज़ निकले होंगे, वो कोई व्यापार एक दिन से तो कर नहीं रहे हैं. उनके परिवार का व्यापार पुराना है. वो इनकम टैक्स को सब बताएँगे. लेकिन जिस व्यक्ति के यहाँ पैसा निकला, वो भाजपा का था और भाजपा चुनाव के पहले कोई भी झूठ फैला सकती है, इनके छोटे नेता छोटा झूठ बोल रहे हैं, बड़े नेता बड़ा झूठ बोल रहे हैं. जो सबसे बड़ा नेता है, वो सबसे बड़ा झूठ बोलेगा. यह इत्र के साथ इस बार हुआ है. इत्र के लोग इनको इस बार सबक सिखाएंगे."

एसपी बघेल
इमेज कैप्शन, करहल में एसपी बघेल के समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली भी हुई.

मुलायम सिंह के प्रचार पर बघेल का निशाना

दूसरी ओर एसपी बघेल ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि बीबीसी भी इस क्षेत्र में कवरेज कर रही है, यही हमारी जीत की निशानी है.

करहल में बघेल पर हुए हमले की न तो कोई तस्वीर सामने आयी है और न ही वीडियो इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "20-25 लोग खेतों में से अचानक सरप्राइज़ देते हुए आ गए थे. वे कह रहे थे कि हमारे नेता के सामने चुनाव लड़ते हो, जिसने तुम्हें एमपी बनाया. वे कह रहे थे कि यह बचने नहीं पाए. जान पर हमला होता है तो वीडियो नहीं बनाते, जान बचाते हैं. आप ही लोग होते हैं, जब आदमी मर रहा होता है, आग लगी होती है, तो बुझाने की बजाए उसका वीडियो बनाते हैं."

वीडियो कैप्शन, एस पी सिंह बघेल बोले, पीएम मोदी की टक्कर के पहलवान नहीं हैं अखिलेश यादव

अमित शाह की सभा एसपी बघेल के पक्ष में हो गई और चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन योगी आदित्यनाथ की सभा भी होने वाली है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की यहां सभा नहीं हुई, इस बारे में पूछे जाने पर बघेल ने कहा, "मोदी जी के स्टैंडर्ड का पहलवान अखिलेश यादव नहीं है भाई. क्षेत्रीय दल के लोग हैं जो पितृ छाया में पनपे हुए हैं. यह करहल की जनता अपने आप लड़ रही है. मैं ईश्वर का और हाई कमान का आभार प्रकट करना चाहूंगा कि सैफ़ई परिवार से मुझे चौथी कुश्ती लड़ने लायक मुझे समझा गया."

अखिलेश यादव के लिए मुलायम सिंह यादव के चुनाव प्रचार में आने पर बघेल ने कहा, "वो यहाँ आए नहीं हैं. वो यहाँ लाए गए हैं. करहल की जनता ने बुला लिया है, क्योंकि अखिलेश यादव का जहाज़ डूब रहा है. कप्तान भाग रहा है, पूर्व पुराने कप्तान को याद किया गया है. यही इस बात का प्रतीक है कि अखिलेश यादव जी चुनाव हार रहे हैं. डिंपल जी का प्रचार करना, धर्मेंद्र जी का प्रचार करना, यह सब पूर्व एमपी लोग हैं. अक्षय यादव जी का, रामगोपाल यादव जी का, तेज प्रताप यादव जी का, यह सब लोग एक ही विधानसभा तक सीमित हो कर रह गए हैं."

बघेल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "अखिलेश जी ने कहा था कि वो सीधे 10 मार्च को आएंगे, तो दो बार आ गए हैं. क्या 403 सीटों पर वो दो बार जा रहे हैं? दो बार जायेंगे तो 806 सभाएं करनी पड़ेंगी. सबसे मज़बूत सीट पर जब सब लोग हैं, तो बाक़ी सीट पर समाजवादी निश्चित तौर पर हार चुकी होगी."

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