ओमिक्रॉन भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुँचा, बढ़ी चिंता- प्रेस रिव्यू

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इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोम कंसोर्शियम (INSACOG) के अनुसार, भारत में कोविड-19 का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन के चरण में पहुँच गया है.
ऐसे में अब कोविड मरीज़ों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है और उन्हें आईसीयू बेड की भी ज़रूरत पड़ रही है. हालाँकि ओमिक्रॉन के ज़्यादातर मामले हल्के और बिना लक्षण वाले हैं.
जीनोम कंसोर्शियम के अनुसार, ''ओमिक्रॉन कई महानगरों में तेज़ी से फैल रहा है. ओमिक्रॉन के ख़तरे में अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है.''
इस ख़बर को अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिन्दू' और 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' ने पहले पन्ने पर जगह दी है. कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब होता है कि एक संक्रमित व्यक्ति को पता नहीं होता है कि वह किसके संपर्क में आने से संक्रमित हुआ. मतलब कोरोना वायरस बस्तियों, शहरों और समुदायों के बीच मौजूद है. ऐसे में संक्रमण चेन को तोड़ना मुश्किल होता है और संक्रमण तेज़ी से बढ़ता है.
कम्युनिटी ट्रांसमिशन का मतलब है कि वायरस समुदायों के बीच पहुँच गया है और वह किसी को भी संक्रमित कर सकता है. उसे भी जिसने हाल-फ़िलहाल में कोई यात्रा नहीं की और न ही संक्रमित इलाक़े या व्यक्ति के संपर्क में आया था. इसका मतलब यह हुआ कि देश या समुदाय के भीतर सभी लोग संक्रमित हो सकते हैं.
टाइम्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कम्युनिटी ट्रांसमिशन टर्म का इस्तेमाल नहीं किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस टर्म का इस्तेमाल पिछले साल की महामारी में भी नहीं किया था.

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नया वेरिएंट B.1.640.2
कोरोना संक्रमण के मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाली 38 लैबों के संगठन INSACOG ने रविवार को जारी 10 जनवरी की अपनी बुलेटिन में कहा है कि संक्रमण में आई तेज़ी के कारण अस्पतालों और आईसीयू में मरीज़ों की संख्या बढ़ने लगी है.
जीनोम कंसोर्शियम का यह भी कहना है कि कोरोना के नए वेरिएंट B.1.640.2 पर भी उसकी नज़र है. यह वेरिएंट हाल ही में कुछ देशों में पाया गया है. INSACOG ने कहा कि अभी इसके संक्रमण के तेज़ी से फैलने के कोई सबूत नहीं मिले हैं. इम्यून सुरक्षा से बच निकलने के बावजूद B.1.640.2 को चिंताजनक वेरिएंट की श्रेणी में नहीं रखा गया है. अभी भारत में इसका कोई मामला नहीं मिला है.
जीनोम कंसोर्शियम का यह भी कहना है कि एस जीन का पता लगाने वाली जाँच ठीक नहीं है क्योंकि इससे रिपोर्ट ग़लत आने की आशंका ज़्यादा है. इसलिए ओमिक्रॉन के लिए पीसीआर जांच ही सही है. संक्रमितों के सैंपल में एस जीन नहीं मिलने पर उसे ओमिक्रॉन का मामला मान लिया जाता है. हालांकि ओमिक्रॉन की पुष्टि जीनोम सीक्वेंसिंग के ज़रिए ही की जाती है.

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तीसरी लहर
द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, INSACOG ने तीन जनवरी की बुलेटिन में कहा था कि ओमिक्रॉन का भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है. इसमें दिल्ली और मुंबई में ओमिक्रॉन के संक्रमण की सबसे तेज़ रफ़्तार की बात कही गई थी. अब भारत में ओमिक्रॉन का इंटरनल ट्रांसमिशन हो रहा है. यानी विदेशी यात्रियों से नहीं हो रहा है.
हिन्दी अख़बार दैनिक जागरण ने भी ओमिक्रॉन से जुड़ी ख़बर पहले पन्ने पर प्रमुखता से प्रकाशित की है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले कुछ हफ़्तों में ओमिक्रॉन के चलते पैदा हुई कोरोना महामारी की तीसरी लहर महानगरों के बाद अब छोटे शहरों और गाँवों में फैलेगी. केरल के कोच्चि स्थित आईएमए में कोरोना टास्क फ़ोर्स के सलाहकार डॉक्टर राजीव जयदेवन ने कहा कि हर लहर में इसी तरह की प्रवृत्ति देखने को मिली है.
कोरोना से जुड़ी एक राहत देने वाली ख़बर भी है. 14 से 21 जनवरी के दौरान आर वैल्यू घटकर 1.57 हो गई है. इसका मतलब यह हुआ कि एक संक्रमित व्यक्ति एक से अधिक लोगों में संक्रमण फैला रहा है. आर वैल्यू अगर एक से कम हो जाती है तो महामारी के ख़त्म होने का संकेत मान लिया जाता है. आईआईटी मद्रास के प्रारंभिक विश्लेषणों के मुताबिक़ अगले पखवाड़े में महामारी की तीसरी लहर अपने चरम पर हो सकती है.

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बीजेपी के साथ 25 साल बर्बाद किए: उद्धव ठाकरे
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक और ख़बर के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी शिव सेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन में 25 सालों की बर्बादी की है.
अख़बार की ख़बर के अनुसार, शिव सैनिकों को वर्चुअली संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र से बाहर विस्तार की कोशिश कर रही है.
उद्धव ठाकरे ने कहा, ''शिव सेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन इसलिए किया था कि हिन्दुत्व की सत्ता हो. शिव सेना ने हिन्दुत्व का इस्तेमाल सत्ता के लिए कभी नहीं किया. हमें लगा था कि बीजेपी के साथ सत्ता के ज़रिए हिन्दुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाया जा सकेगा. मेरा मानना है कि बीजेपी का हिन्दुत्व मौक़ापरस्त है और यह केवल सत्ता हासिल करने के लिए है.''
उद्धव ठाकरे ने 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से शिव सेना के गठबंधन को भी सही ठहराया. उद्धव ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें धोखा दिया था और शिव सेना को नष्ट करने की कोशिश की थी.
उद्धव ने कहा, ''हमने बीजेपी को राष्ट्रीय लक्ष्य पूरा करने के लिए दिल से समर्थन दिया. समझ यह थी कि वे राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करेंगे और हम राज्य के स्तर पर. लेकिन उन्होंने धोखा दिया और हमें राज्य के भीतर तबाह करने की कोशिश की.''

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'बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के सुरक्षाकर्मियों को करनी पड़ी हवाई फ़ायरिंग'
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर रविवार को उत्तरी 24 परगना ज़िले के भाटपारा में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए.
बीजेपी के सांसद अर्जुन सिंह ने टीएमसी समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उनके सुरक्षाकर्मियों को हवाई फ़ायरिंग करने पर मजबूर होना पड़ा. इस झड़प में दो कार और पुलिस की एक गाड़ी में तोड़-फोड़ की गई है.
बीजेपी सांसद को उनके सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस ने वहाँ से सुरक्षित निकाला. पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकंता मजूमदार ने कहा, ''हम इस मामले में केंद्र सरकार को सूचित करेंगे. इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच होनी चाहिए.''
अर्जुन सिंह ने कहा है कि उन्होंने इस मामले की सूचना लोकसभा अध्यक्ष और प्रदेश के राज्यपाल को दे दी है.
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