बेअदबी मामला: बरगाड़ी से स्वर्ण मंदिर तक, छह साल की 5 बड़ी घटनाएं

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- Author, मनप्रीत कौर
- पदनाम, बीबीसी पंजाबी
पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मुद्दा अहम रहा है.
ख़ासकर अक्टूबर 2015 की घटनाओं के बाद से. अक्टूबर 2015 में फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना से लेकर सिंघु बॉर्डर पर कथित बेअदबी के मामले सहित 5 प्रमुख घटनाओं का उल्लेख हम यहां कर रहे हैं.
2015 में बेअदबी की घटना के बाद न्याय की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे.
'बहिबाल कलां और कोटकपुरा गोलीकांड' के नाम से मशहूर ये मामले साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बाकी सभी मुद्दों पर भारी पड़े थे.
अकाली दल को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ा और उसका चुनाव इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन रहा.

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अकाली दल पर बेअदबी मामले में न्याय ना करने का आरोप लगा और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे चुनावी मुद्दा बना कर सत्ता हासिल की. लेकिन कैप्टन भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए. उनकी विदाई में इस मुद्दे की भूमिका रही.
2022 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले श्री दरबार साहिब और कपूरथला के निजामपुर की दो घटनाओं ने पंजाब की राजनीति में बेअदबी को एक केंद्रीय मुद्दा बना दिया है.
6 साल में बेअदबी की पांच बड़ी घटनाएं
बरगड़ी बेअदबी और बहिबालकलां-कोटकपुरा गोलीकांड
- 1 जून 2015 को गुरु ग्रंथ साहिब की बीड़ कोटकपुरा के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला से लापता हो गई थी.
- 25 सितंबर 2015 को बरगारी में गुरुद्वारा साहिब के पास पोस्टर लगाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था. पोस्टरों में दावा किया गया कि चोरी हुए सरूपों के पीछे डेरा सिरसा का हाथ है और सिख संस्थानों को खुले तौर पर चुनौती दी गई.
- 12 अक्टूबर 2015 - फ़रीदकोट के बरगारी गांव में गुरु ग्रंथ साहिब के अंग मिले.
- 14 अक्टूबर 2015 - सिख समूहों ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और दोषियों की गिरफ़्तारी को लेकर कोटकपुरा में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए लाठीचार्ज किया.
- उसी दिन, बहिबालकलां में सिखों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में पुलिस ने गोली चलाई और दो सिख युवकों कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी.
- इस मामले के एक आरोपी मोहिंदर बिट्टू का जेल में ही क़त्ल हो गया था.

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घव्वदी बेअदबी मामला
- 26 जुलाई 2016 को 47 वर्षीय बलविंदर कौर की दिनदहाड़े दो मोटरसाइकिल सवारों ने हत्या कर दी थी. बलविंदर कौर पर लुधियाना के घव्वदी में गुरु ग्रंथ साहिब का अनादर करने का आरोप लगाया गया था.
- पुलिस ने इस मामले में संगरूर के अमरगढ़ के गुरप्रीत सिंह जगोवाल और पटियाला के निहाल सिंह को आरोपी बनाया था.
- बलविंदर कौर पर घव्वदी में गुरुद्वारा साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने का आरोप लगाया गया था.
गुरदासपुर बेअदबी का मामला
1 से 2 जुलाई की शाम को गुरदासपुर में एक सिपाही पर गुरुद्वारे में बेअदबी करने का आरोप लगा था. गुरुद्वारा टहल सिंह के पास सीसीटीवी कैमरे में पुलिसकर्मी उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाते दिखे.
दीपक सिंह नाम के इस सिपाही को ग्रंथी ने गुरुद्वारे में देखा. दीपक सिंह ने उसे बताया कि वह गलत बस स्टैंड पर बस से उतर गया था और गुरुद्वारे में पानी पीने आया था.
ग्रंथी ने उसे तुरंत जाने के लिए कहा तो वह चला गया लेकिन बाद में कुछ ओर लोग आए और उन्होंने गुरुद्वारे के द्वार के सामने कुछ पत्थर पड़े देखे. जिसके बाद वह सिपाही को मोटरसाइकिल पर ढूंढ कर लाए और उसकी खूब पिटाई की. मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया.

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केसगढ़ साहिब बेअदबी मामला
13 सितंबर 2021- अकाल तख़्त केसगढ़ साहिब आनंदपुर साहिब में लुधियाना निवासी परमजीत सिंह ने सिगरेट पीकर गुरु ग्रंथ साहिब का अपमान किया, जिसे टास्क फ़ोर्स ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
जिसके परिणामस्वरूप लोगों ने आनंदपुर साहिब को पूरी तरह बंद कर दिया.
सिंघु बॉर्डर- लखबीर हत्या मामला
किसान आंदोलन के समर्थन में सिंघु बॉर्डर पर बैठे कुछ निहंगों ने 15 अक्टूबर 2021 को तरनतारन ज़िले के लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी.
लखबीर सिंह पर निहंगों ने बेअदबी का आरोप लगाया था.
उसका पैर और हाथ काटकर एक बैरिकेड से लटका दिया गया था और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी.
इस मामले में तीन निहंगों ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया था.

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बरगाड़ी और इससे जुड़े मामलों की जांच
बरगाड़ी बेअदबी मामले में पहली एसआईटी का गठन तत्कालीन एडीजीपी इक़बाल प्रीत सिंह सहोता के नेतृत्व में किया गया था.
फिर बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच रणबीर सिंह खटड़ा की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंप दी गई.
पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनते ही बरगाड़ी मामले की जांच कुंवर विजय प्रताप को सौंप दी गई.
कुंवर विजय प्रताप सिंह की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसे अदालत ने ख़ारिज कर दिया.
फिलहाल आईजी सुरिंदर पाल सिंह परमार विशेष जांच दल का नेतृत्व कर रहे हैं और एसआईटी ने रोहतक की सुनारिया जेल में बंद कैदी गुरमीत सिंह राम रहीम से छह घंटे तक पूछताछ की.
उसके बाद आईजी परमार ने मीडिया में बयान दिया कि बेअदबी की तमाम घटनाओं के पीछे राम रहीम के अपमान का बदला लेना मुख्य कारण था.
दो आयोग भी बने- न्यायमूर्ति जोरा सिंह आयोग और न्यायमूर्ति रंजीत सिंह आयोग.
इससे पहले सीबीआई ने भी इस मामले में क्लोज़र रिपोर्ट दाख़िल की थी.
बेअदबी के मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
एसआईटी ने मुख्य आरोपी के रूप में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित 12 लोगों को नामित किया था और 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया था.
इनमें से एक कोटकपुरा का महेंद्रपाल बिट्टू है जो नाभा जेल में मारा गया था और एक आरोपी भगोड़ा है.
बेअदबी के ताज़ा मामले क्या हैं?

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अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में शाम के समय रहरास साहिब के पाठ के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की असफल कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को कुछ लोगों ने खूब पीटा.
बाद में पुलिस ने अभियुक्त की मौत की पुष्टि की.
अकाल तख़्त के जत्थेदार और एसजीपीसी ने इस घटना को एक बड़ी साज़िश और सिख समुदाय पर हमला करार दिया है.
इस घटना के एक दिन बार 19 दिसंबर को कपूरथला के निजामपुर गांव में गुरुद्वारा साहिब के अंदर एक व्यक्ति पर निशान साहिब की बेअदबी करने की कोशिश का आरोप लगाया गया, जिसकी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है.
ग्रामीणों ने अभियुक्त को पकड़ लिया और कथित तौर पर पुलिस के सामने पीट-पीट कर मार डाला. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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