स्वर्ण मंदिर के बाद कपूरथला में बेअदबी का मामला, पंजाब में तनाव बढ़ा

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कपूरथला के निजामपुर गांव के गुरुद्वारा साहिब में रविवार सुबह अभद्रता करने के आरोप में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस बात की पुष्टि सिविल अस्पताल कपूरथला के एसएमओ संदीप धवन ने की है.

कपूरथला के एसएसपी हरकंवलप्रीत सिंह ने ज़िले के निज़ामपुर गांव में बेअदबी की कोशिश बताए जा रहे इस मामले को चोरी का मामला होने का दावा किया है. ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने उस व्यक्ति की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज करने की बात कही है.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रदीप पंडित से फ़ोन पर बातचीत में एसएसपी ने कहा कि ये मामला बेअदबी का नहीं है, बल्कि दरबार साहिब की घटना के बाद पैदा हुए हालात के कारण इसे इस तरह जोड़ा जा रहा है.

इससे पहले, गुरुद्वारे के ग्रंथी अमरजीत सिंह ने एक वीडियो पोस्ट करके दावा किया था कि उन्होंने गुरद्वारा साहिब में बेअदबी के इरादे से आए एक व्यक्ति को पकड़ा है.

इस ग्रंथी ने कहा कि ये व्यक्ति सुबह क़रीब चार बजे गुरद्वारे में देखा गया और जब उसे उन्होंने पकड़ने की कोशिश की तो वो भाग गया.

बाद में कुछ लोगों ने उसकी तलाश की और उसे पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट और पूछताछ की, लेकिन उसने अभी तक यही बताया है कि वो दिल्ली का रहने वाला है.

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कपूरथला की घटना पर पुलिस ने क्या बताया

एसएसपी हरकंवलप्रीत सिंह ने बीबीसी पंजाबी से बातचीत में बताया कि ग्रंथी के सोशल मीडिया पर वीडियो डालने के बाद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. कथित मुलज़िम को गुरद्वारे के कमरे में ही बंद करके रखा गया था. भड़के लोग उसे उनके हवाले करने की मांग कर रहे थे.

उन्होने कहा कि पुलिस ने उन्हें समझाने बुझाने की कोशिश भी की, लेकिन लोग नहीं माने, हालात तनाव वाले थे, पुलिस ने लाठीचार्ज से गुरेज़ किया, लेकिन लोग ज़बरदस्ती अंदर दाखिल हो गए और उन्होंने कथित मुलज़िम के साथ मारपीट की.

पुलिस ने लोगों से छुड़ाकर जब तक कथित मुलज़िम को अपने कब्ज़े में लिया वो बेसुध हो गया था. उसे जब सिविल अस्पताल लाया गया डॉक्टरों ने उसे पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया.

एसएसपी हरकंवलप्रीत सिंह ने कहा कि जिसने उस व्यक्ति को मारा है उनके ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज होगा. इस मामले में जिस व्यक्ति को पकड़ा गया है, गुरद्वारे के प्रबंधकों ने उसे गुरद्वारे के एक कमरे में रखा हुआ था.

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निज़ामपुर बेअदबी का क्या है मामला

निज़ामपुर गुरद्वारे के ग्रंथी अमरजीत सिंह ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके गुरद्वारे में बेअदबी के इरादे से आए एक शख़्स को पकड़ने का दावा किया था.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति, ज़मीन पर लेटे व्यक्ति को लाठी से मार रहा है और पास में कुछ लोग भी खड़े हैं.

फिर एक व्यक्ति श्री दरबार साहिब में हुई बेअदबी की घटना का ज़िक्र करते हुए कहता है कि इलाक़े में कुछ ऐसे लोग छोड़े हुए हैं और गांव के गुरद्वारे में उन्होंने सुबह एक शख़्स को पकड़ा है जिसका बेअदबी करने का इरादा था.

वीडियो में ग्रंथी दावा कर रहा हैं, "ये शख़्स बेअदबी के इरादे से गुरद्वारा साहिब निज़ामपुर मोड़ आया, ऊपर दरबार साहिब में गया, वहां सुखासन कमरे में जाने के बजाए सुखमनी साहिब वाले कमरे में घुस गया. उसने वहां सामान में कुछ खोजने की कोशिश की जिसके बाद, वहां लाइट चली जाती है, जिसके बाद ये नीचे आता है और सुबह 4 बजे जब मैं उठा और नहाने के लिए गया तो ये शख़्स मुझे आगे मिला."

"मैंने भाग कर उसे पकड़ना चाहा तो ये मुझे धक्का देकर भाग गया. इसके पास हिंदू धर्म के ग्रंथ भी थे, उनकी भी बेअदबी के साथ यहां हमारे गुरद्वारा साहिब आया."

ग्रंथी के वीडियो के मुताबिक़, "फिर सब ने मिलकर मुजरिम को पकड़ लिया और उसके बाद से वो सिर्फ एक ही बात कह रहा है कि वो दिल्ली से आया है और मेरी एक बहन भी बेअदबी करते हुए मारी गई है."

वीडियो में ये बातें बताने वाला ग्रंथी कहता है, "मुझे लगता है कि रात को जो दरबार साहिब में बेअदबी हुई है, उस आधार 'पर ये शख़्स उसी समूह का हो सकता है कि गांव और शहरों में 'जाकर गुरु घर की बेअदबी करो."

ये ग्रंथी कहते हैं, "सारी संगत (लोगों) से विनती है कि इस घटना की जानकारी ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए और गुरद्वारा साहिब निज़ामपुर पहुंचें ताकि उक्त व्यक्ति को पंथक रियायतों के अनुसार जो धार्मिक सज़ा है वो इस व्यक्ति को दी जाए. अगर हमने इसे प्रशासन के हवाले कर दिया तो वो इसे मेंटल कहकर छोड़ देंगे."

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बेअदबी मामले को पुलिस ने बताया चोरी

कपूरथला के गांव निज़ामपुर में बेअदबी की कोशिश बताए जा रहे मामले में एसएसपी कपूरथला का कहना है कि ये मामला चोरी का है.

एसएसपी हरकंवलप्रीत सिंह का कहना है कि चोर सिलेंडर चोरी करने के इरादे से गुरद्वारे में आया था.

पुलिस के मुताबिक़, "वहां गुरद्वारे के तीन कमरों में बनी पुलिस चौकी का एक पुराना मामला विवाद में है. वहां अब कोई चोर पकड़ा गया है, जो सिलेंडर चोरी करने आया था तो उसे बाबा ने अब बेअदबी बना दिया."

"बात चौकी खाली कराने की है. वो अब मामले को तूल दे रहे हैं और इस बारे में फेसबुक पर भी जानकारी डाल दी है."

"वो हमें वो व्यक्ति सौंप नहीं रहे हैं. गुरद्वारा ऊपर है और वो शख़्स नीचे से पकड़ा गया है. वो इस सारी बात को दरबार साहिब के मामले से जोड़ रहे हैं."

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अब से पहले कब हुई ऐसी घटनाएं?

2015 में फ़रीदकोट ज़िले के बहबल कलां में सिख धर्म के पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के साथ छेड़छाड़ के मामले में भारी विरोध-प्रदर्शन हुआ था. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी.

कहा जाता है कि 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बुरी हार में इस घटना की भी अहम भूमिका थी.

एक बार फिर से चुनाव से पहले पंजाब के स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी का मामला शनिवार शाम को सामने आया और जिस व्यक्ति पर ये करने का आरोप है, उसे पीट-पीट कर मार डाला गया.

इससे पहले अक्टूबर महीने में भी सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान कथित बेदअदबी मामले में निहंगों ने एक व्यक्ति को मारकर टेंट के बाहर उसके शव को लटका दिया था. उस व्यक्ति पर भी गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान का आरोप था.

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स्वर्ण मंदिर में क्या हुआ

इससे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में शनिवार को जो कुछ भी हुआ उसे लेकर डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल ने मीडिया को बताया कि एक व्यक्ति की पिटाई से मौत हो गई है.

उन्होंने कहा कि मृत युवक की उम्र 20 से 25 साल है और उसने पीला पटका ओढ़ रखा था. डीसीपी ने कहा कि पहले वह संगत में शांति से खड़ा था लेकिन अचानक शख़्स बाड़ को पार करके रुमाला साहिब के पास पहुंचा और तलवार उठाई.

डीसीपी के अनुसार, ग़ुस्साई भीड़ उसे बाहर लेकर आई और पिटाई से उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा, ''शव को मुर्दाघर में भेज दिया गया है और रविवार को पोस्टमॉर्टम होगा. पुलिस को कोई पहचान पत्र नहीं मिला है लेकिन सीसीटीवी फुटेज में देखा जा रहा है कि उसके साथ और कौन था.''

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पूरे मामले पर तीन ट्वीट किए हैं. मुख्यमंत्री के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर कहा गया है, ''गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और घृणित कोशिश की मैं कड़ी निंदा करता हूं. मैंने एसजीपीसी के अध्यक्ष को फ़ोन कर आश्वस्त किया है कि इस मामले में सरकार पूरी तरह साथ खड़ी है.''

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वहीं पंजाब के पाँच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने भी इसे हैरान करने वाला और दुखद बताते हुए इसकी निंदा की है. इसी तरह पंजाब की सारी पार्टियों ने इस घटना की निंदा की है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ''आज श्री दरबार साहिब में हुई बेअदबी की घटना बेहद दुखदायी है. सब लोग सदमे में हैं. ये बहुत बड़ी साज़िश हो सकती है. दोषियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिले.''

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चश्मदीद क्या बोले

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया से एक चश्मदीद ने पहचान नहीं ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया कि वो व्यक्ति दर्शन के लिए लाइन में लगा हुआ था लेकिन अचानक वो गुरु ग्रंथ साहिब वाले घेरे में चला गया और सोने की तलवार उठाने की कोशिश की.

एक और चश्मदीद ने बताया कि वो व्यक्ति फूल वाली थाली उठाने की कोशिश कर रहा था. वहीं बलजिंदर सिंह नाम के एक चश्मदीद ने अख़बार से बताया कि उन्होंने उस व्यक्ति की दो उंगलियां तोड़ दीं.

बलजिंदर ने कहा, ''जब हमने उसकी पहचान के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वो ख़ुद के बारे में नहीं जानता है. उसके बाद संगत के लोगों ने मारना शुरू किया और उसकी मौत हो गई.''

हिन्दुस्तान टाइम्स से अधिकारियों ने कहा कि शाम की अरदास का लाइव प्रसारण होता है और इस दौरान उस व्यक्ति की हरकत भी लाइव में गई. इसके बाद लोगों की भीड़ तेज़ी से जुट गई.

डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल लोगों से बात करते हुए

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डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल ने कहा, ''गुरुद्वारों को देखने वाली कमिटी एसजीपीसी के लोगों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और उसे तेजा सिंह समुंद्री हॉल में ले जाने लगे. लेकिन रास्ते में ही लोगों ने उसे मारना शुरू कर दिया.''

एसजीपीसी के अधिकारियों ने कहा कि जिस तलवार को उस व्यक्ति ने उठाने की कोशिश की उस पर हीरे की पट्टी है और इसे 19वीं सदी में महाराजा रणजीत सिंह ने दान में दिया था. लोगों की कहना है कि वो व्यक्ति देखने से स्थानीय नहीं लग रहा था.

घटना की टाइमिंग को लेकर सवाल

अकाल तख़्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि चुनाव के समय यह जान-बूझकर किया गया काम हो सकता है, बेअदबी करने वाले को अगर संगत ने मार डाला है तो इसके लिए सरकार या साज़िशकर्ता ज़िम्मेदार हैं.

उन्होंने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. कुछ दिनों पहले स्वर्ण मंदिर के सरोवर में गुटका साहिब के पन्ने फेंके गए थे और अब दोबारा पागल इंसान ने बेअदबी की कोशिश की है."

SAD (D) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा, "मैं उस युवक को तुरंत पकड़ने की मुस्तैदी और ग्रंथी का पाठ जारी रखने की तारीफ़ करना चाहूंगा. और उसी समय ईशनिंदा का काम करने वाली हरकत के लिए ज़िम्मेदार शख़्स की हत्या को मैं सही ठहराऊंगा."

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (DSGMC) के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके कहते हैं, "यह शख़्स मृत्यु दंड का ज़िम्मेदार था लेकिन क़ानूनी तरीक़े से." इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में एक विस्तृत जांच की मांग की ताकि इस साज़िश का पता चल सके.

DSGMC के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "इस घटना ने पूरी दुनिया को एक झटका दिया है क्योंकि दरबार साहिब के इतिहास में इस तरह की कोशिश कभी भी नहीं की गई थी."

उन्होंने आरोप लगाया कि बेदअबी के मामलों को सुलझाने में कांग्रेस सरकार की नाकामयाबी के कारण इस तरह के मामले दोबारा हो रहे हैं.

उन्होंने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता चलना चाहिए कि चुनाव के समय ऐसे मामले क्यों सामने आते हैं.

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