भारत क्या अफ़ग़ानिस्तान में अपना दूतावास खोलने जा रहा है? - प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, EPA
इस साल अगस्त में तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान में क़ब्ज़े के बाद अपने दूतावासों को ख़ाली कर चुके अधिकतर देश वापस अपनी मौजूदगी इस देश में दिखाना चाहते हैं जिनमें भारत भी शामिल है.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द हिंदू' लिखता है कि संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, जापान और यूरोपीय संघ समेत कई देश काबुल में वापस अपने दूतावासों में स्टाफ़ रखने की संभावनाओं को देख रहे हैं वहीं नई दिल्ली भी अफ़ग़ानिस्तान में अपने मौजूदा विकल्पों पर ग़ौर कर रहा है.
नवंबर में यूएई ने काबुल में दोबारा अपना काम शुरू किया था जबकि रूस, चीन, ईरान, पाकिस्तान, क़तर, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों के दूतावास खुले हुए हैं.
पिछले महीने अमेरिका और क़तर ने एक समझौता किया था जिसके तहत काबुल में क़तर का दूतावास अमेरिका के 'राजनयिक हितों' का नेतृत्व करेगा.
एक अधिकारी ने अख़बार से कहा कि तालिबान को मान्यता देना अभी 'दूर की बात' है और इस पर कोई चर्चा तक नहीं हुई है हालांकि हर मुल्क अफ़ग़ानिस्तान के साथ संपर्क में है ताकि अफ़ग़ान जनता के साथ उनकी ज़रूरतों को लेकर फ़ैसला लिया जा सके.
भारत क्या कर सकता है?

इमेज स्रोत, EPA
विशेष रूप से भारत को पाकिस्तान के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान मदद भेजने को लेकर हुई दिक़्क़तों के कारण भी भारत अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने राहत सामग्री भेजने की अनुमति देने के बाद 'शर्त' रख दी थी कि पाकिस्तान की ज़मीन से राहत सामग्री पाकिस्तानी ट्रक लेकर जाएंगे और भारत को माल ढुलाई देनी होगी.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने अख़बार से कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदगी स्थापित करने का मान्यता देने से कुछ लेना देना नहीं है. इसका आम मतलब है कि ज़मीन पर नए शासन से डील करने के लिए आपके पास लोग होंगे जो जनता के साथ भी काम जारी रखेंगे."
अधिकारी ने कहा कि मोदी सरकार अपने दूतावास को दोबारा खोलने की ज़रूरत को लेकर आश्वस्त नहीं है, लेकिन यह चर्चा जारी है कि भारत की रणनीति क्या होनी चाहिए.
15 अगस्त को तालिबान के काबुल पर नियंत्रण के दो दिन के अंदर काबुल में भारतीय दूतावास को ख़ाली कर दिया गया था. अधिकारियों के मुताबिक़, दूतावास और 'ग्रीन ज़ोन' बंद है और न ही उसमें तोड़-फोड़ हुई है और न ही उसे कोई नुक़सान पहुंचा है.
दूतावास जहां पर है वहां पर तालिबान के गार्ड तैनात हैं.
हेरात, मज़ार-ए-शरीफ़, जलालाबाद और कंधार में जहां पर भारत के वाणिज्य दूतावास थे वो पूरी तरह बंद हैं और पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने से पहले ही उन्हें ख़ाली कर दिया गया था.
अधिकारियों के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय मौजूदगी दर्ज कराने के कई विकल्प हैं जिसमें वो संयुक्त राष्ट्र के कंपाउंड में अपनी एक टीम तैनात कर सकता है, स्थानीय अफ़ग़ान स्टाफ़ रख सकता है या राजनयिकों और सुरक्षाकर्मियों के एक छोटे समूह को दूतावास में तैनात कर सकता है.
मोदी सरकार ने कमिटी के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से मांगे 5 नाम
विवादित तीन कृषि क़ानूनों को समाप्त करने के विधेयक को संसद में पारित करने के अगले दिन केंद्र की मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ज़ीरो बजटिंग फ़ार्मिंग जैसे मुद्दों पर समिति के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से पांच प्रतिनिधियों के नाम मांगे हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि जम्हूरी किसान सभा के महसचिव कुलवंत सिंह संधू ने बताया है कि उन्हें सरकार की ओर से संदेश मिला है.
संधू अख़बार को बताते हैं, "समिति में शामिल करने के लिए पांच लोगों के नाम देने को लेकर सरकार से हमें संदेश मिला है. संयुक्त किसान मोर्चा बुधवार को इस मुद्दे पर बैठक करेगा और किसान संगठनों के नेताओं और विशेषज्ञों से सलाह के बाद पांच नाम तय किए जाएंगे."
उन्होंने कहा कि कृषि क़ानूनों को वापस ले लिया गया है लेकिन अभी भी कुछ मांगें हैं जिनके पूरा होने के बाद ही किसान अपना धरना समाप्त करेंगे.
उन्होंने बताया कि MSP पर कमिटी गठित करने, किसानों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर वापस लेने जैसी मांगें इसमें शामिल हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
CBSE के 12वीं बोर्ड के मेजर विषयों की परीक्षा आज से
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) बुधवार 1 दिसंबर 2021 से बारहवीं बोर्ड के प्रमुख (मेजर) विषयों की परीक्षाएं आयोजित करने जा रहा है.
'अमर उजाला' अख़बार लिखता है कि परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार इस बात का ध्यान रखें कि परीक्षा सुबह 11.30 बजे से ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी. पहले दिन समाजशास्त्र विषय की परीक्षा होगी. छात्र समय से कुछ देर पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं, ताकि केंद्र पर उन्हें भीड़ का सामना न करना पड़े.
पूरी दुनिया में आए कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण सावधानी बरतते हुए इस बार CBSE द्वारा बोर्ड परीक्षाओं को दो सत्र टर्म- 1 और टर्म-2 में आयोजित किया जा रहा है.
पिछले साल कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे के कारण CBSE ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करते हुए सभी छात्रों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रोमोट कर दिया था. इस बार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन कड़ी सुरक्षा के साथ सभी तरह की कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए किया जाएगा.
प्रमुख विषयों की परीक्षा से पहले CBSE द्वारा माइनर (छोटे) विषयों के लिए कक्षा दसवीं के टर्म-1 की परीक्षा 17 नवंबर 2021 से और कक्षा बारहवीं के टर्म-1 की परीक्षा 16 नवंबर 2021 से शुरू की गई थी.
CBSE द्वारा बोर्ड परीक्षा के विषयों को दो भागों माइनर (छोटे) और मेजर (प्रमुख) में विभाजित किया गया है.

इमेज स्रोत, Reuters
ओडिशा और आंध्र के तटीय क्षेत्रों में पहुंचेगा चक्रवाती तूफ़ान
भारत के मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि एक चक्रवाती तूफ़ान के शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचने का अनुमान है.
'दैनिक जागरण' लिखता है कि मौसम विभाग ने बताया कि थाईलैंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह साढ़े आठ बजे कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था. अगले 12 घंटों में इसके अंडमान सागर तक पहुंचने की संभावना है.
मौसम विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार उसके बाद कम दबाव के क्षेत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और दो दिसंबर तक दक्षिण-पूर्व और पास के बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में उसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है.
उसके अगले 24 घंटों में इसके बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















