तालिबान नेता मुल्ला बरादर हक़्क़ानियों के साथ झड़प में ज़ख़्मी: रिपोर्ट -प्रेस रिव्यू

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अफ़ग़ानिस्तान में नई तालिबान हुक़ूमत के लिए इंतज़ार लंबा होता जा रहा है.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर अपने संगठन के सहयोगी हक़्क़ानी नेटवर्क के साथ एक झड़प में शुक्रवार को कथित रूप से घायल हो गए थे. ये झड़प तालिबान के दोनों धड़ों के बीच हुई थी.
अख़बार का कहना है कि इस घटना के बाद पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद शनिवार को काबुल के दौरे पर आए.
आईएसआई चीफ़ की काबुल यात्रा के बाद पाकिस्तान की भूमिका एक तमाशबीन से मामले को सुलझाने वाले मीडिएटर के रूप में बदलती हुई दिख रही है.
काबुल पहुंचने पर आईएसआई चीफ़ ने कहा, "फ़िक़्र मत कीजिए. यहां सब कुछ ठीक है."

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लेकिन जब उनसे ये पूछा गया कि क्या वे तालिबान नेतृत्व से मिलेंगे तो उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद ख़ान की तरफ़ देखते हुए कहा, "मैं अभी यहां पहुंचा ही हूं. हम अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए काम कर रहे हैं."
अफ़ग़ानिस्तान से मिल रही रिपोर्टों में ये कहा जा रहा है कि तालिबान नेता हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के प्रस्ताव पर तालिबान, उसके सहयोगियों और अलग-अलग धड़ों के बीच मतभेद है और शुक्रवार को काबुल में गोलीबारी की जो आवाज़ें सुनी गई थीं, वो कथित तौर पर मुल्ला बरादर और अनस हक़्क़ानी के बीच सत्ता संघर्ष का नतीजा थीं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने अमेरिकी विश्लेषक माइकल रूबिन के हवाले से लिखा है कि काबुल में नई सरकार के गठन की 3 सितंबर की डेडलाइन तालिबान पूरा नहीं कर पाया क्योंकि हक़्क़ानी और दूसरे तालिबान धड़े हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा को सुप्रीम लीडर के तौर पर स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं.

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केरल: कोरोना के कहर के बाद निपाह वायरस की दस्तक
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से पहले से ही जूझ रहे केरल में रविवार को स्वास्थ्य विभाग को उस समय एक और झटका लगा जब कोझिकोड (कोषिक्कोड) में 12 साल के एक लड़के की मौत निपाह वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद हो गई.
बिज़नेस स्टैंडर्ड अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार दो और लोगों में निपाह वायरस से संक्रमण के लक्षण स्पष्ट हुए हैं.
मई, 2018 में केरल में पहले निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी. उस वक़्त इसकी वजह से 17 लोगों की जान गई थी.
इस बार जैसे केरल में निपाह संक्रमण के मामले की पुष्टि हुई केंद्र सरकार के नेशनल सेंटर फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की एक टीम राज्य के स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहयोग मुहैया कराने के लिए फ़ौरन रवाना कर दी गई.
हालांकि राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार हालात नियंत्रण में लग रहे हैं और प्रशासन प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है.
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि बच्चे के साथ संपर्क में आए 188 लोगों में से 20 ज़्यादा जोख़िम वाली स्थिति में हैं. जिन दो लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए हैं, वे इन्हीं 20 लोगों में शामिल हैं.
उन्होंने कहा, "चिंता करने की कोई बात नहीं है. स्वास्थ्य विभाग हालात पर क़रीबी नज़र रखे हुए है."

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छत्तीसगढ़ में पुलिस थाने के भीतर पादरी के साथ हाथापाई
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक पुलिस थाने के भीतर एक ईसाई पादरी और दो अन्य लोगों के साथ एक दक्षिणपंथी संगठन के लोगों ने कथित तौर पर बदसलूकी की.
टेलीग्राफ़ अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, रायपुर की पुरानी बस्ती पुलिस स्टेशन के भीतर दक्षिण पंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पादरी हरीश साहू, छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फ़ोरम के महासचिव अंकुश बारियेकर और एक अन्य व्यक्ति प्रकाश मसीह पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाने के अलावा उनके साथ हाथापाई भी की.
एक पुलिस अधिकारी के हवाले से अख़बार ने लिखा है, "एक दक्षिणपंथी संगठन ने हरीश साहू के ख़िलाफ़ धर्मांतरण में शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाया गया था. इसके बाद वे अंकुश बारियेकर और प्रकाश मसीह के साथ थाने आए थे. लेकिन वहां मौजूद दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन के एसएचओ के चेंबर में उन तीनों के साथ हाथापाई की."
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
छत्तीसगढ़ में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल ने बताया कि इस घटना में बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल थे. घटना के बाद थाना प्रभारी को हटा दिया गया है और आठ लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है. इस घटना के बाद देर रात, रायपुर के एसएसपी का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया गया है.

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मेडिकल कोर्स में RSS के संस्थापक को पढ़ेंगे छात्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो बड़े नेताओं की विचारधारा को मध्य प्रदेश में एमबीबीएस कोर्स के सिलेबस में शामिल किया गया है.
डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले मध्य प्रदेश में इस फ़ैसले की कांग्रेस पार्टी समेत मेडिकल क्षेत्र के लोगों ने भी कड़ी आलोचना की है.
अख़बार लिखता है कि संघ के संस्थापक डॉक्टर केबी हेडगेवार और जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारत के उन छह 'विचारकों' में शामिल हैं जिन्हें एमबीबीएस फ़र्स्ट इयर के छात्रों के लिए फ़ाउंडेशन कोर्स के सिलेबस में लिया गया है.
ये फ़ैसला राज्य सरकार के मेडिकल शिक्षा विभाग ने लिया है. इस विभाग की ज़िम्मेदारी भाजपा नेता विश्वास सारंग के पास है.
डॉक्टर हेडगेवार और दीनदयाल उपाध्याय के अलावा छह 'विचारकों' की सूची में आर्युवेद के जनक कहे जाने वाले महर्षि चरक, सुश्रुत, स्वामी विवेकानंद और डॉक्टर भीम राव आंबेडकर शामिल हैं.
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