एक सितंबर से होंगे कई बदलाव, आपकी जेब पर कितना असर?

देश में बुधवार से बैंक और जीएसटी से जुड़े कुछ बदलाव होने जा रहे हैं. एक प्रमुख बैंक ने बचत खाते में ब्याज़ दर कम करने का एलान किया हुआ है.

वहीं कुछ बैंक चेक क्लियरेंस के नियमों में भी बदलाव करने जा रहे हैं. कुछ बैंक इन बदलावों को पहले ही लागू कर चुके हैं.

नए महीने की शुरुआत के साथ कई जानकार रसोई गैस की कीमत में भी अंतर आने का अनुमान लगा रह हैं.

एक सितंबर से अमल में आने जा रहे इन बदलावों का असर आप की जेब पर भी हो सकता है.

पीएनबी की ब्याज़ दर में कटौती

देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक पीएनबी बुधवार से बचत खाते की ब्याज़ दर में बदलाव करने जा रहा है.

पंजाब नेशनल बैंक अपने यहां सेविंग अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को एक सितंबर से कम ब्याज़ देगा. एक सितंबर से सेविंग अकाउंट पर ब्याज़ दर घटकर 2.9 फ़ीसदी हो जाएगी. अभी सेविंग अकाउंट में तीन फ़ीसदी ब्याज़ मिलता है.

नई ब्याज़ दर नए नए और पुराने खातों दोनों के लिए रहेगी. बैंक ने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है.

कई बैंक चेक क्लियर करने के लिए नया नियम लागू करेंगे. रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि वो सितंबर तक हर शाखा में इमेज आधारित चेक ट्रंकेशन सिस्टम लागू करें. इससे चेक क्लीयर होने की रफ़्तार तेज़ होगी.

ईपीएफ खाताधारकों के लिए अहम

1 सितंबर की तारीख उन लोगों के लिए भी अहम है, जिनके पास ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) खाता है.

पीएफ खाते के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी यूएएन को आधार से जोड़ने की आखिरी तारीख 1 सिंतबर ही है.

पहले आखिरी तारीख एक जून थी जिसे तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था.

इस बदलाव से जहां नियोक्ता को कर्मचारी के खाते में रकम डालने में दिक्कत होगी वहीं खाता धारक को भी पैसे निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

जीएसटी से जुड़े बदलाव

जीएसटी नेटवर्क ने एक सितंबर से हो रहे बदलाव की जानकारी दी है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जिन कारोबारियों ने जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं किया है वो एक सितंबर बुधवार से जीएसटीआर-1 फॉर्म नहीं भर पाएंगे.

पीटीआई ने जीएसटी नेटवर्क के हवाले से बताया है कि एक सितंबर से सेंट्रल जीएसटी का नियम 59(6) लागू हो जाएगा. इसके तहत ही जीएसटीआर-1 पर रोक लगाई जाएगी.

कारोबारियों को किसी एक महीने का जीएसटीआर-1 उसके अगले महीने की 11 वें दिन तक भरना होता है. जीएसटीआर-3बी के जरिए कारोबारी टैक्स भरते हैं. इसे अगले महीने 20 से 24 दिन तक दाखिल करना होता है.

रसोई गैस के दाम

आर्थिक जगत के कई जानकारों की नज़र रसोई गैस के दाम पर भी है. हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस के दाम तय किए जाते हैं.

जून में हुई समीक्षा के दौरान रसोई गैस की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं थीं लेकिन जुलाई और अगस्त में कीमतें बढ़ाई गईं. घरेलू और व्यावसायिक दोनों सिलेंडरों की कीमतें बढ़ा दी गईं.

रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर होता है. दोनों ही महीनों में प्रति सिलेंडर 25 रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी की गई.

दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 859.50 रुपये है.

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