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PNB घोटाला: अब तक क्या-क्या पता है?
- Author, देविना गुप्ता
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पंजाब नैशनल बैंक (PNB) में 11 हज़ार करोड़ रुपए (1.8 अरब डॉलर) से ज़्यादा का फ़र्ज़ीवाड़े का पर्दाफ़ाश हुआ है. ये घोटाला मुंबई की एक ब्रांच में हुआ.
ये घोटाला बैंक की मार्केट वैल्यू का क़रीब एक-तिहाई और साल 2017 की आख़िरी तिमाही के मुनाफ़े का 50 गुना है.
बैंक का कहना है कि लेन-देन में हुए फ़र्ज़ीवाड़े से कुछ ख़ास लोगों को फ़ायदा पहुंचाया गया है.
लेकिन ये चिंता भी जताई जा रही है कि ये घोटाला दूसरे बैंकों पर भी असर डाल सकता है और बैंकिंग सेक्टर के भरोसे पर भी इसका असर होगा.
इस घोटाले को निम्न बिंदुओं से इस तरह समझा जा सकता है:
- अरबपति डायमंड कारोबारी नीरव मोदी और उनके साथियों ने साल 2011 में बिना तराशे हुए हीरे आयात करने को लाइन ऑफ़ क्रेडिट के लिए पंजाब नेशनल बैंक की एक ब्रांच से संपर्क साधा.
- आम तौर पर बैंक विदेश से आयात को लेकर होने वाले भुगतान के लिए LoU या लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग जारी करता है. इसका ये मतलब है कि बैंक नीरव मोदी के विदेश में मौजूद सप्लायर को 90 दिन के लिए भुगतान करने को राज़ी हुआ और बाद में पैसा नीरव को चुकाना था.
- लेकिन PNB के कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर नीरव मोदी की कंपनियों को फ़र्ज़ी LoU जारी किए और ऐसा करते वक़्त उन्होंने बैंक मैनेजमेंट को अंधेरे में रखा.
- इन्हीं फ़र्ज़ी LoU के आधार पर भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं ने पंजाब नेशनल बैंक को लोन देने का फ़ैसला किया.
- साज़िश रचने वाले लोगों ने एक क़दम जाकर स्विफ़्ट या सोसाइटी फ़ॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फ़ाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशन का नाजायज़ फ़ायदा उठाने का फ़ैसला किया. ये इंटर-बैंकिंग मैसेजिंग सिस्टम है जो विदेशी बैंक पैसा जारी करने से पहले लोन ब्योरा पता लगाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
- बैंक के कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर अपने सुपरवाइज़र से बिना कोई इजाज़त लिए गारंटी को हरी झंडी दिखाने के लिए स्विफ़्ट तक अपनी पहुंच का फ़ायदा उठाया.
- इसके फ़लस्वरूप भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं को कोई शक़ नहीं हुआ और उन्होंने नीरव मोदी की कंपनियों को फ़ॉरेक्स क्रेडिट जारी कर दिया.
- ये रकम एक विदेशी बैंक के साथ पंजाब नेशनल बैंक के खाते में दी गई थी जिसे नोस्ट्रो एकाउंट कहते हैं. पैसा इस एकाउंट से मोदी के विदेश में मौजूद बिना तराशे हुए हीरे सप्लाई करने वाले लोगों को भेजा गया.
- जब ये फ़र्ज़ी LoU मैच्योर होने लगे तो पंजाब नेशनल बैंक के भ्रष्ट कर्मचारियों ने सात साल तक दूसरे बैंकों की रकम का इस्तेमाल इस लोन को रिसाइकिल करने के लिए किया.
- इस सारी धोखाधड़ी से तब पर्दा हटा जब पंजाब नेशनल बैंक के भ्रष्ट कर्मचारी-अधिकारी रिटायर हो गए और नीरव मोदी की कंपनी के अफ़सरों ने जनवरी में दोबारा इसी तरह की सुविधा शुरू करने की गुज़ारिश की. नए अधिकारियों ने ये ग़लती पकड़ ली और स्कैम से पर्दा हटाने के लिए आंतरिक जांच शुरू कर दी.
लेकिन पिछले 15 दिन में क्या-क्या हुआ?
- पंजाब नेशनल बैंक ने जनवरी में पहली बार नीरव मोदी और उनके साथियों के ख़िलाफ़ शिकायद दर्ज कराई. इस शिकायत में उन पर 280 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया था.
- सीबीआई ने नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और कारोबारी साझेदार के ख़िलाफ़ मामला दर्च किया. उन पर आपराधिक साज़िश रचने का आरोप लगा.
- 14 फ़रवरी को आंतरिक जांच पूरी होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस फ़र्ज़ीवाड़े की जानकारी दी.
- पंजाब नेशनल बैंक ने दूसरे बैंकों को पत्र लिखकर इस फ़र्ज़ीवाड़े को करने के तरीके के बारे में चेताया और ये भी कहा कि ये धोखाधड़ी 1.8 अरब डॉलर तक की हो सकती है.
- बैंक ने नीरव मोदी और एक ज्वैलर कंपनी के ख़िलाफ़ दो और शिकायत सीबीआई में दर्ज कराई हैं.
- 15 फ़रवरी को प्रवर्तन निदेशालय ने दख़ल दिया और नीरव मोदी के मुंबई, सूरत और दिल्ली के कई दफ़्तरों पर छापामारी की. प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया.
- पंजाब नेशनल बैंक के एमडी ने दावा किया कि बैंक देनदारी का आकलन करने के बाद बकाया चुका देगा. इसके अलावा ये भी पुष्टि की गई है कि नीरव मोदी लोन का हिस्सा चुकाने के लिए बैंक से बातचीत कर रहे हैं.
- ख़बरों के मुताबिक भारतीय नागरिक नीरव मोदी और बेल्जियम के नागरिक उनके भाई निशाल 1 जनवरी को भारत से रवाना हुए थे. उनकी पत्नी अमरीकी नागरिक हैं और वो 6 जनवरी को भारत से गईं.
- सीबीआई और ईडी ने विदेश मंत्रालय से नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का भारतीय पासपोर्ट ज़ब्त करने का आग्रह किया गया.
- पंजाब नेशनल बैंक ने अपने दो कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू कर दी है.
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