अलीगढ़ ज़हरीली शराब: प्रशासन का कहना 25 मौतें हुईं, बीजेपी सांसद ने बताया 51 लोग मरे

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- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से लोगों की मौत का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मृतकों की संख्या 25 है लेकिन अलीगढ़ ज़िला अस्पताल में अब तक 51 शवों के पोस्टमॉर्टम हो चुके हैं और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 60 से ज़्यादा है. कई लोग अभी भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं.
शुक्रवार सुबह अलीगढ़ ज़िले के लोधा इलाक़े में करसुआ गाँव में ज़हरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हो गई. इन सभी लोगों ने रात में अलग-अलग जगहों पर देसी ठेके से शराब ख़रीदकर पी थी.
इसके अलावा कुछ अन्य जगहों से भी शराब पीने से मौत की ख़बरें आईं. शुक्रवार रात तक कथित तौर पर ज़हरीली शराब से मृतकों की संख्या 27 तक पहुँच गई.
प्रशासन ने देसी शराब के ठेके बंद कर दिए लेकिन न तो शराब का चोरी-छिपे बिकना बंद हुआ और न ही शराब पीने से मरने वालों और बीमार होने वालों का सिलसिला रुका.
रविवार शाम तक पोस्टमॉर्टम हाउस में 64 शव आ चुके थे लेकिन स्थानीय प्रशासन की नज़र में शराब कांड में मरने वालों की संख्या 25 ही थी.

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51 शवों का पोस्टमॉर्टम, लेकिन प्रशासन के आंकड़ों में 25 मौतें
अलीगढ़ के ज़िलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 25 लोगों की मौत ज़हरीली शराब पीने से हुई है जबकि अन्य लोगों की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है.
अलीगढ़ के ज़िलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से बीबीसी ने कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन दोनों ही अधिकारियों के सरकारी मोबाइल फ़ोन पर हर बार यही सूचना मिली कि 'महत्वपूर्ण मीटिंग में हैं, अभी बात नहीं हो सकती.'
अलीगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर भानु प्रताप कल्याणी ने बीबीसी को बताया कि अब तक 51 शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है.
सीएमओ डॉक्टर कल्याणी का कहना था, "शुक्रवार से ही शराब कांड में बीमार और मृतकों के आने का सिलसिला शुरू हुआ. अभी तक हम लोग 51 शवों का पोस्टमॉर्टम कर चुके हैं जिनमें से 25 मामले ऐसे हैं जिनमें एल्कोहॉल पॉइज़निंग ज़्यादा पाई गई है. 26 शवों के बिसरा सुरक्षित कर उनके सैंपल आगरा लैब में भेजे जाएंगे और वहाँ से जो रिपोर्ट आएगी उसी के अनुसार हम कुछ कह पाएंगे."
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बीजेपी सांसद ने की ज़िलाधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग
शराब कांड में मरने वाले और बीमार होने वाले कई गाँवों के लोग हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई लोगों ने तो परिजनों की मौत के बाद बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया. इनमें पिसावा इलाक़े के शादीपुर गाँव में चार लोग शामिल हैं.
अलीगढ़ के बीजेपी सांसद सतीश गौतम का कहना है कि 'प्रशासन चाहे जो कहे लेकिन शराब कांड में अब तक कम से कम 51 लोगों की मौत हो चुकी है.'
सांसद सतीश गौतम ने अलीगढ़ के ज़िलाधिकारी को घटना का ज़िम्मेदार बताते हुए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.
बीबीसी से बातचीत में सतीश गौतम ने कहा, "जिनकी लापरवाही थी, उन्हें निलंबित कर दिया गया है. कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है और जांच हो रही है. जो दोषी होंगे उन्हें सज़ा मिलेगी लेकिन अधिकारियों की ज़िम्मेदारी भी तय होनी चाहिए. ज़िलाधिकारी अच्छे कामों का श्रेय लेते हैं तो ऐसी घटनाओं की ज़िम्मेदारी कौन लेगा. हमें पूरा भरोसा है कि माननीय मुख्यमंत्री ज़िलाधिकारी के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई करेंगे."
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अब तक क्या कार्रवाई हुई?
राज्य सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के चार अधिकारियों को शुक्रवार को ही निलंबित कर दिया था जबकि लोधा थाने के इंचार्ज को एक दिन बाद निलंबित किया गया. इस बीच, पुलिस ने शराब तस्कर गिरोह से जुड़े छह लोगों को गिरफ़्तार कर शनिवार शाम जेल भेज दिया था जिनमें एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी शामिल हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आबकारी और अपर मुख्य सचिव गृह ने अभियान को लेकर ज़रूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिसमें कहा गया है कि एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और आबकारी अधिकारियों की संयुक्त टीमें अवैध शराब बनाने और बिक्री करने वालों के ख़िलाफ़ विशेष अभियान चलाएंगी.
ये भी निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब के संगठित कारोबार में लिप्त लोगों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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