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किसान नहीं माने, दुष्यंत चौटाला को आठ किलोमीटर भी हेलीकॉप्टर से जाना पड़ा - प्रेस रिव्यू
हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को गुरुवार को किसानों के एक समूह के प्रदर्शन के कारण आठ किलोमीटर की दूरी हेलीकॉप्टर से तय करनी पड़ी.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि चौटाला कई कार्यक्रमों में शिरकत करने हिसार पहुंचे थे लेकिन वहां उन्हें प्रदर्शनकारी किसानों का सामना करना पड़ा जिसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय जाने के लिए हिसार एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी.
हिसार एयरपोर्ट से विश्वविद्यालय तक की दूरी सिर्फ़ आठ किलोमीटर है, जो कि हिसार शहर में ही है.
केंद्र के कृषि क़ानूनों के विरोध में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार के नेताओं का किसानों ने सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की हुई है जिसके बाद गुरुवार को हिसार में किसानों का एक समूह चौटाला के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुआ था.
अख़बार को सूत्रों ने बताया कि चौटाला दोपहर 12.40 बजे एयरपोर्ट पर उतरे थे और किसानों के प्रदर्शन के कारण उन्हें कम से कम दो घंटा एयरपोर्ट के अंदर ही रहना पड़ा.
किसानों ने पीछे हटने का फ़ैसला नहीं किया जिसके बाद तक़रीबन तीन बजे उन्होंने विश्वविद्यालय के लिए हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी.
मनरेगा में मज़दूरी का बना रिकॉर्ड, 2020-21 में 11 करोड़ लोगों ने किया काम
कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में हुए लॉकडाउन और उसकी वजह से अपने गांव वापस लौटे प्रवासी मज़दूरों के कारण इस बार मनरेगा में काम करने वाले मज़दूरों की संख्या रिकॉर्ड रूप से बढ़ी है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार लिखता है कि 2020-21 वित्त वर्ष में महात्मा गांधी ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा) में तक़रीबन 11 करोड़ लोगों ने काम किया.
अख़बार के अनुसार, यूपीए कार्यकाल में 2006-07 में शुरू हुई इस योजना में अब तक का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है.
1 अप्रैल को मिले आंकड़ों के अनुसार 2020-21 में 11.17 करोड़ लोगों ने इस योजना का लाभ लिया जबकि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में 7.88 करोड़ लोगों ने इसका लाभ लिया था.
पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह 41.75 फ़ीसदी अधिक है.
2013-14 से लेकर 2019-20 वित्त वर्ष के बीच इस योजना के ज़रिए 6.21-7.88 करोड़ लोगों ने इसमें काम किया. कोरोना वायरस की महामारी के कारण ग्रामीण रोज़गार योजना में अतिरिक्त 3 करोड़ लोग शामिल हुए हैं.
एंटीलिया मामले में एनआईए ने महिला को हिरासत में लिया
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर मिली विस्फोटकों से भरी कार के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार शाम को एक महिला को हिरासत में लिया.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार के अनुसार, इस घटना से पहले दक्षिणी मुंबई के एक पांच सितारा होटल से निकलते समय सीसीटीवी कैमरे में पुलिस अफ़सर सचिन वाज़े को इस महिला के साथ देखा गया था.
अख़बार को एक जांच अधिकारी ने बताया है कि महिला के फ़्लैट की भी तलाशी ली गई है और उससे पूछताछ की जा रही है.
एनआईए के अधिकारी का कहना है कि 'वह महिला वाज़े की काली कमाई को सफ़ेद करने का काम करती थी. वह दो आईडी से यह करती थी और उसके पास नोट गिनने की मशीन भी थी जो वाज़े की मर्सिडीज़ कार से पिछले महीने बरामद हुई थी.'
निज़ामुद्दीन का मरकज़ दोबारा खोला गया
कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट के तौर पर बीते साल सुर्खियों में रहा हज़रत निज़ामुद्दीन बस्ती का मरकज़ फिर से खोल दिया गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने 24 मार्च को आदेश जारी करते हुए कई शर्तों के साथ ही मरकज़ दोबारा खोलने की अनुमति दी थी.
अनुमति मिलने के बाद 28 मार्च को इसे खोला गया जिसके बाद मरकज़ का एक प्रतिनिधि रोज़ाना हज़रत निज़ामुद्दीन थाने में जाकर मरकज़ में आने वाले 50 लोगों के नाम और उनके पहचान के दस्तावेज़ सौंपता है.
इस्लामी संगठन तब्लीग़ी जमात का यह केंद्र पिछले साल 1 मई को सील कर दिया गया था. यहां पर सैकड़ों लोगों समेत विदेशी भी ठहरे हुए थे जो धार्मिक प्रचार के लिए भारत आए थे.
मरकज़ से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर अख़बार से कहा कि इससे पहले मरकज़ में आने वाले विदेशी लोगों की जानकारी ही पुलिस को दी जाती थी लेकिन अब सभी लोगों की दी जारी है
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खुला
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को गुरुवार को आम जनता के लिए खोल दिया गया. इसके बाद अब दोनों शहरों के बीच का सफ़र तीन घंटे से कम होकर 45 मिनट का रह जाएगा.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार ने लिखा है कि गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसके शुरू होने की घोषणा की.
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सरकार ने अपने वादों में से एक वादा पूरा किया है और अब दिल्ली से मेरठ की यात्रा का समय कम हो गया है.
एक्सप्रेसवे पर कारों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है जबकि मालवाहक वाहन अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से जा सकेंगे.
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