अमेरिकी सांसदों ने किया किसानों का समर्थन, भारत नाराज़ - प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Reuters
अमेरिका के कई सांसदों ने भारत में नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया है और उन्हें शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है.
जनसत्ता ने अपने पहले पन्ने पर ख़बर प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है किसानों के प्रदर्शन पर विदेशी नेताओं के बयानों को भारत ने "भ्रामक" और "अनुचित" बताया है और कहा है कि ये एक लोकतांत्रिक देश का आंतरिक मामला है.
अख़बार के मुताबिक़ कैलिफ़ोर्निया से रिपब्लिकन पार्टी के अमेरिकी सांसद डग लामाल्फा ने कहा, 'भारत में अपनी आजीविका बचाने की खातिर और सरकार के भ्रामक, अस्पष्ट नियम-कायदों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे पंजाबी किसानों का मैं समर्थन करता हूं.'
वहीं डेमोक्रेट सांसद जोश हार्डर ने कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, उसे अने नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए.
एक अन्य सांसद एंडी लेवी ने कहा कि उन्हें इस आंदोलन से प्रेरणा मिली है.
उन्होंने कहा,"मैं इसे 2021 में जनता की ताक़त को उभरने के तौर पर देखता हूँ."
अख़बार लिखता है कि किसान आंदोलन को अमेरिका की मुख्धारा की मीडिया में भी जगह दी जा रही है.

इमेज स्रोत, SANKAR VADISETTY
आंध्र प्रदेश में 'रहस्यमय' बीमारी का मामला, खून में सीसा और निकल मिला
कोविड-19 के डर के बीच आंध्र प्रदेश में पश्चिम गोदावरी ज़िले का तीन लाख से ज़्यादा की आबादी वाला एलुरु शहर एक 'रहस्यमयी' बीमारी से हिल गया.
ये बीमारी शनिवार शाम से 500 से ज़्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी है और एक व्यक्ति की मौत भी हुई है. सभी में लक्षण एक से मिले जिसमें लोग मिर्गी जैसा दौरा पड़ने के बाद बेहोश हो जा रहे थे और जल्दी ठीक भी हो जा रहे थे. कुछ ही घंटों के अंदर वो अस्पताल से छुट्टी लेने लायक हो जा रहे थे.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ए के कृष्णा श्रीनिवास ने कहा कि प्रभावित हुए 510 लोगों में से 430 अस्पताल से छुट्टी लेकर घर जा चुके हैं और अब तक एक व्यक्ति की मौत हुई है.
उन्होंने कहा, "मैं लोगों से अपील करता हूं कि वो घबराएं नहीं. मरीज़ों की संख्या कम हो गई है. आज 40 से कम मामले दर्ज किए गए हैं. मैं जानता हूं कि लोग डरे हुए हैं. हम इस बीमारी की वजह समझने की कोशिश कर रहे हैं."
स्वास्थ्य अधिकारियों को शक़ है कि ख़राब खाने और पानी से नुक़सान हुआ होगा. नई दिल्ली में एम्स की एक टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में खून के नमूनों में सीसा (लेड) और निकल मिला है.
एलुरु सरकारी अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ एवी मोहन ने कहा, "हमने और सैंपल भेजे हैं और रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं."
हैदराबाद में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन (एनआईएन) के एक वैज्ञानिक ने कहा, "दौरा पड़ना न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की ओर इशारा करता है. संभावित हेवी मेटल कंटेमिनेशन की जांच की जाएगी."
एनआईएन की एक टीम ने पानी, खाने के तेल और चावल के नमूने लिए हैं. इस टीम में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट, महामारी विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
2021 के मध्य तक 5जी सेवाएं संभव: अंबानी
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अगले साल यानी 2021 की दूसरी छमाही में 5जी सेवाएं शुरू करने के संकेत दिए हैं.
अंबानी ने मंगलवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस-2020 को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यंत तेज़ गति की 5जी सेवाओं को तेज़ी से शुरू करने के लिए नीतिगत कदमों की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि इससे उचित दाम पर सभी को 5जी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
अंबानी का दूरसंचार उपक्रम जियो चार साल में ही पहले पायदान पर पहुंच गया है. जियो वॉयस कॉल मुफ़्त में देता है और उसके डेटा की दरें भी काफी कम है.
मुकेश अंबानी ने कहा कि 'मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जियो 2021 की दूसरी छमाही में देश में 5जी क्रांति की अगुआई करेगा'.
उन्होंने कहा कि जियो का 5जी देश में विकसित नेटवर्क, हार्डवेयर और प्रौद्योगिकी उपकरणों पर टिका होगा.

इमेज स्रोत, Pti
भारत में कुछ ज़्यादा हीलोकतंत्र है: नीति आयोग के प्रमुख
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि भारत में "कड़े" सुधार लागू करना मुश्किल है, क्योंकि यहां "कुछ ज़्यादा ही लोकतंत्र है" लेकिन सरकार ने खनन, कोयला, श्रम और कृषि जैसे क्षेत्रों में ऐसे सुधार कर "साहस" और "दृढ़ निश्चय" दिखाया है.
उनका ये बयान ऐसे वक़्त में आया है जब कृषि क़ानूनों को लेकर सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच बातचीत चल रही है. इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में ये ख़बर है.
कांत ने कहा, "ये समझना ज़रूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था बनी रहेगी, मंडियों में जैसे काम होता है, होता रहेगा. किसानों के पास अपनी रूचि के हिसाब से अपनी उपज बेचने का विकल्प मिलेगा."
स्वराज्य मैगज़ीन की ओर से आयोजित एक ऑनलाइन इवेंट 'रोड टू आत्मनिर्भर भारत' में उन्होंने कहा, "इन सुधानों को लागू करने की ज़रूरत है और लॉजिस्टिक और पावर सेक्टर में भी सुधारों की ज़रूरत है ताकि भारत को मैन्युफैक्चरिंग का एक पावरहाउस बनाया जा सके जो चीन से प्रतिस्पर्धा कर सके."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















