अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ प्रस्ताव लाने वाले शिवसेना विधायक के यहाँ ईडी का छापाः प्रेस रिव्यू

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अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को ठाणे और मुंबई में 10 जगहों पर छापेमारी की जिनमें शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक और उनके बेटों के घर और दफ़्तर भी शामिल हैं.
ईडी ने ये कार्रवाई एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत की. अख़बार लिखता है कि ठाणे से तीन बार के विधायक सरनाईक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनकी सरकार के कुछ मंत्रियों के ख़िलाफ़ रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की टिप्पणियों को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा था.
रिपोर्ट के अनुसार वो प्रदेश के उन राजनेताओं में शामिल थे जिन्होंने अन्वय नाईक आत्महत्या मामले की दोबारा जाँच कराए जाने की माँग की थी. रायगढ़ पुलिस ने इस सिलसिले में अर्नब गोस्वामी को गिरफ़्तार किया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत के बाद उनकी रिहाई हो सकी थी.
अख़बार के अनुसार ईडी ने छापेमारी के बाद विधायक के बेटे को हिरासत में ले लिया. महाराष्ट्र के सत्ताधारी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के नेताओं ने ईडी की छापेमारी के लिए बीजेपी और केंद्र की आलोचना की है.
एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा है कि केंद्र अपने राजनीतिक विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहा है.

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कोरोना वायरस की वैक्सीन जब तक नहीं आएगी, दिल्ली में स्कूल नहीं खुलेंगे
"जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं आएगी, दिल्ली में स्कूल नहीं खुलेंगे." ये कहना है दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का.
हिंदी अख़बार दैनिक हिंदुस्तान ने इस ख़बर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है.
मंगलवार को मनीष सिसोदिया ने कहा, "हमें पेरेंट्स के फीडबैक मिलते रहते हैं जिसमें वो पूछते हैं कि क्या अभी स्कूल खोलना सुरक्षित है. तो मेरा जवाब है नहीं. जहां भी स्कूल खोले गए हैं, वहां बच्चों में कोविड-19 के संक्रमण के मामले बढ़े हैं. इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि फिलहाल दिल्ली में स्कूल नहीं खोले जाएंगे. ये अगले आदेश तक बंद रहेंगे."
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार से हमें मदद मिल रही है. हम एक टीम के रूप में काम करके कोरोना से लड़ रहे हैं."
25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही देश के कई राज्यों में स्कूल बंद हैं.
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नोएडा के बाद गाज़ियाबाद में भी दिल्ली से आने वालों का रैंडम टेस्ट शुरू
गौतम बुद्ध नगर के बाद मंगलवार की शाम से गाज़ियाबाद प्रशासन ने भी दिल्ली से आने वाले लोगों की कोरोना जांच शुरू कर दी है. ये जांच रैंडम तरीके से की जाएगी. गाज़ियाबाद और राजधानी दिल्ली दोनों ही जगहों पर दिवाली के बाद से कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में इजाफ़ा देखा गया है.
इसी के मद्देनज़र गाज़ियाबाद प्रशासन ने कदम उठाया है. ज़िला प्रशासन ने इसके लिए दिल्ली से एंट्री पॉइंट पर जगह जगह बूथ लगाए हैं. प्रशासन से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन लोगों की जांच की जाएगी उनका ब्योरा भी सुरक्षित रखा जाएगा.
मंगलवार की शाम को दिल्ली से आने वाले लोगों की रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट से जांच की गई. जांच प्रक्रिया सुचारू चलती रहे इसके लिए प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया है.
गाज़ियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनके गुप्ता ने अख़बार से कहा, "हमने पहले भी रैंडम सैंपल लिए थे लेकिन इस बार हम इसे शाम के वक्त जांच रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या गाज़ियाबाद में रहने वाले वो लोग जो काम करने दिल्ली जाते हैं, वो इस वायरस को राजधानी से ला रहे हैं? यहां दिवाली के बाद से संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं. हम इसे अगले कुछ दिनों तक करेंगे और पॉजिटिविटी रेट का आकलन करेंगे."
गाज़ियाबाद में दिवाली के बाद के हफ़्ते में संक्रमण के 1,115 नए मामले पाए गए थे. इस त्योहार से पहले के हफ़्ते में इसकी संख्या 784 थी. वहीं गौतम बुद्ध नगर में ये जहां ये आंकड़ा 1,083 था वहीं दिवाली के बाद यह 1,256 हो गया. उधर, नोएडा में यह रैंडम टेस्ट दिल्ली नोएडा बॉर्डर के दो जगहों पर किया जा रहा है.

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पहली जनवरी से मोबाइल नंबर डायल करने के लिए शून्य लगाना होगा
अग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने वालों को पहली जनवरी से नंबर से पहले शून्य लगाना अनिवार्य होगा.
दरअसल इस साल 29 मई को ट्राई ने इस तरह के कॉल के लिए नंबर से पहले 'शून्य' लगाने की सिफारिश की थी. जिसे दूरसंचार विभाग ने मान लिया है. इससे दूरसंचार सेवा देने वाली कंपनियों को अधिक नंबर बनाने की सुविधा मिलेगी.
दूरसंचार विभाग ने कहा कि कंपनियों को लैंडलाइन के सभी ग्राहकों को शून्य डायल करने की सुविधा देनी होगी. कंपनियों इस नई व्यवस्था को अपनाने के लिए एक जनवरी तक का समय दिया गया है.
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