कृषि क़ानून को निष्प्रभावी करने के लिए कांग्रेस सरकारें ला सकती हैं नया क़ानून- प्रेस रिव्यू

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी के शासन वाले प्रदेश सरकारों से कहा है कि वो केंद्र सरकार के कृषि क़ानून को निष्प्रभावी करने के लिए अपने यहां क़ानून लाने की संभावना पर विचार करें.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है. अख़बार के मुताबिक़ सोनिया गांधी ने कांग्रेस शासित प्रदेश सरकारों को सलाह दी है कि वो संविधान के अनुच्छेद 254(ए) के तहत क़ानून पारित करने के संदर्भ में गौर करें.
हाल में संपन्न हुए संसद के मानसून सत्र में कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को दोनों सदनों ने मंज़ूरी दी है.

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संसद से पारित इन विधेयकों पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को मुहर लगा दी है जिसके बाद अब ये क़ानून बन गए हैं.
हालांकि संसद में पेश किए जाने से लेकर अब तक इनके विरोध में पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई अन्य हिस्सों में किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन अब उग्र भी होते जा रहे हैं.

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सशस्त्र सेना ने चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों पर फिर सचेत किया
बीते पांच महीने से पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे गतिरोध के बीच सशस्त्र बलों ने पुराने पड़ते अपने हेलिकॉप्टरों चीता और चेतक को लेकर सरकार को एक बार फिर सचेत किया है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस बार पर ज़ोर दिया गया है कि इन हेलिकॉप्टरों का कुल तकनीकी जीवन 2023 से ख़त्म होना शुरू हो जाएगा.
अख़बार के मुताबिक़ उन्होंने मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट में काफ़ी समय से लंबित दो योजनाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने का आग्रह किया है ताकि समय रहते अपेक्षित संख्या में हल्के स्वदेशी हेलिकॉप्टर सेना को मिल जाएं.
अख़बार लिखता है कि एक उच्च अधिकारी ने रक्षा मंत्रालय को बताया कि पुराने सिंगल इंजन वाले चीता और चेतक के बेड़े के कारण महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेज़ी से एक शून्य बन रहा है. इस बेड़े में अधिकांश हेलिकॉप्टर 40 साल से अधिक पुराने हैं.
सशस्त्र बल बीते 15 वर्षों से नए हल्के हेलिकॉप्टरों की मांग कर रहे हैं.

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कब आएगी कोरोना वैक्सीन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन 2021 की पहली तिमाही में उपलब्ध होने की संभावना है.
डॉक्टर हर्षवर्धन ने कोविड-19 को लेकर आईसीएमआर के एक ऑनलाइन पोर्टल के लॉन्च के दौरान ये बात कही. इस पोर्टल पर भारत और विदेशों में कोरोना वायरस को लेकर चल रहे शोध और भारत में वैक्सीन के विकास के इतिहास का विवरण दिया गया है.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को छापते हुए लिखा कि डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि वैक्सीन विकसित करने की प्रक्रिया से जुड़े लोगों के सभी प्रश्न इस पोर्टल के ज़रिए संबोधित किए जाएंगे.
इस पोर्टल के अनुसार भारत में कोविड-19 की तीन वैक्सीन कोवैक्सिन, कोविशील्ड और ज़ायडस कैडिला की ZyCoV-D का ट्रायल फिलहाल जारी है. पोर्टल पर इनके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है और पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक तीनों ही वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के दौर में हैं.
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