You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अरविंद केजरीवाल सिक्किम को लेकर विवादों में क्यों आए?
कोरोना वायरस से जुड़ा दिल्ली सरकार का एक विज्ञापन सोशल मीडिया पर विवाद का विषय बन गया है.
ये विवाद इस हद तक बढ़ चुका है कि दिल्ली सरकार के संबंधित अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा चुकी है. डायरेक्टरेट ऑफ़ सिविल डिफेंस (हेड क्वार्टर) के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही दिल्ली सरकार ने ये विज्ञापन भी वापस ले लिया है.
लेकिन सवाल ये उठता है कि दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन में आख़िर ऐसी क्या बात थी जिसके चलते एक अधिकारी के निलंबन की नौबत आ गई.
क्या है विवाद का विषय?
दिल्ली सरकार ने अपने एक विज्ञापन में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ जंग में शामिल होने के लिए लोगों से आवेदन मांगे थे.
इस विज्ञापन में कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में शामिल होने के लिए व्यक्ति की योग्यताएं लिखी हुई थीं. और योग्यताओं वाले हिस्से में लिखा था - भारत के नागरिक, या सिक्किम, भूटान एवं नेपाल की प्रजा, और दिल्ली के नागिरक.
इस पंक्ति में सिक्किम को पड़ोसी देशों के साथ लिखा गया है और यही बात विवाद का विषय बन गई है.
सिक्किम सरकार ने जताया विरोध
सिक्किम सरकार ने इस विज्ञापन को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
सिक्किम सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा गया है, "सिक्किम सरकार ने दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन को बेहद गंभीरता से लिया है जिसमें सिक्किम को एक विदेशी मुल्क की तरह दिखाया गया है. सिक्किम के चीफ़ सेक्रेटरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के चीफ़ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर तत्काल इस ग़लती को सुधारने और सिक्किम की जो राष्ट्रीय भावना आहत हुई उसे ध्यान में रखकर कदम उठाने की माँग की है."
इसके साथ ही मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "सिक्किम साल 1975 से भारत का हिस्सा है. "
समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस विषय पर तमांग के बयान को ट्वीट किया है. तमांग ने कहा, "दिल्ली सरकार के विज्ञापन में सिक्किम के लोगों को अलग समझकर उनकी तुलना नेपाल और भूटान से किया जाना खेदपूर्ण, आपत्तिजनक और भारत के संघीय ढांचे के लिए नुकसानदायक है."
केजरीवाल और एलजी ने की कार्रवाई
इस मामले पर विरोध जताए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल ने इस विज्ञापन के प्रकाशन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी के निलंबन की सूचना दी है.
अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, "सिक्किम भारत का अभिन्न अंग है. इस तरह की ग़लतियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं. विज्ञापन को वापस ले लिया गया है और संबंधित अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा चुकी है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)